नई दिल्ली, 9 अगस्त (आईएएनएस)। प्रस्तावित ‘विदेशी अंशदान (विनियमन) अधिनियम, 2026’ (एफसीआरए बिल) पर चल रही बहस के बीच कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने रविवार को कहा कि पार्टी इस ‘असंवैधानिक बिल’ का विरोध करने पर अडिग है। इस बिल को अभी संसद में पेश किया जाना बाकी है।
हालांकि, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने सवाल उठाया कि कांग्रेस इस बिल का विरोध क्यों कर रही है और साथ ही उस पर देश की डेमोग्राफी (जनसांख्यिकी) बदलने की कोशिश करने का आरोप भी लगाया।
पत्रकारों से बात करते हुए कांग्रेस नेता वेणुगोपाल ने कहा: “यह (एफसीआरए बिल) अल्पसंख्यकों को निशाना बना रहा है, क्योंकि केंद्र सरकार का मकसद बिल्कुल साफ है। हम इस तरह के ‘संविधान-विरोधी’ बिल को पास नहीं होने देंगे। यही हमारा रुख है।”
बिल के विरोध में कांग्रेस की असहमति के कारण पर सवाल उठाते हुए भाजपा प्रवक्ता आरपी सिंह ने पूछा: “कांग्रेस एफसीआरए बिल का विरोध क्यों कर रही है?”
उन्होंने आईएएनएस से कहा, “कांग्रेस बिल का विरोध कर रही है क्योंकि वे देश की डेमोग्राफी बदलना चाहते हैं। वे चाहते हैं कि हमारे देश में धर्म परिवर्तन हो, और इसीलिए वे इसका विरोध कर रहे हैं। असल में, वे विदेशी ताकतों के साथ मिलकर देश की डेमोग्राफी बदलना और राजनीति करना चाहते हैं।”
भाजपा नेता ने कहा: “हम उम्मीद करते हैं कि विपक्ष यह समझेगा कि उनके विरोध प्रदर्शनों का अपना महत्व है। हालांकि, देशहित में बिल पास होने चाहिए। चाहे वह जजों से जुड़ा बिल हो, एफसीआरए बिल या परिसीमन और महिला आरक्षण बिल हो-देशहित वाले सभी बिलों पर बहस होनी चाहिए और उन्हें पास किया जाना चाहिए।”
इस बीच, भारत ने शुक्रवार को विदेशी अंशदान (विनियमन) अधिनियम संशोधन (एफसीआरए) विधेयक पर अमेरिकी सांसद सहित अंतरराष्ट्रीय समुदाय के एक वर्ग द्वारा की गई टिप्पणियों को खारिज कर दिया. और इस बात पर जोर दिया कि भारत से संबंधित विधायी मामले देश के आंतरिक मामले है जिन पर संसद द्वारा निर्णय लिए जाते है।
–आईएएनएस
एएसएच/पीएम
(This content is sourced from a syndicated feed and is published as received. Punjab Kesari assumes no responsibility or liability for its accuracy, completeness, or content.)


Download Android App
Download iOS App


