गुवाहाटी, 25 सितंबर (आईएएनएस)। असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने शुक्रवार को कहा कि राज्य सरकार ने नवगठित ‘उत्तर पूर्व सेवा तीव्र नवाचार चुनौती’ के तहत युवा नवप्रवर्तकों के सामने लगभग 50 वास्तविक चुनौतियां रखी हैं।
इनका समाधान बाढ़ पूर्वानुमान और स्वास्थ्य सेवा से लेकर तेल अन्वेषण और सेमीकंडक्टर निर्माण तक विभिन्न समस्याओं के लिए प्रौद्योगिकी आधारित समाधानों के माध्यम से मांगा जा रहा है।
सरमा ने यहां पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि यह पहल राज्य के ‘सेवा और संकल्प अभियान’ के अंतर्गत शुरू की गई है और इसका उद्देश्य शासन और विकास संबंधी चुनौतियों के समाधान खोजने की प्रक्रिया में युवाओं को शामिल करना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों में सरकार ने गर्भावस्था से पहले महिलाओं में उच्च रक्तचाप की पहचान करने के लिए अभिनव तरीके खोजे हैं। इस चुनौती में असम के तेल और पेट्रोलियम क्षेत्र से संबंधित समस्याएं भी शामिल हैं।
पहचाने गए क्षेत्रों में से एक उन तेल क्षेत्रों में तेल और गैस की खोज है जिन्हें अब उत्पादक नहीं घोषित किया गया है। एक अन्य चुनौती सेमीकंडक्टर क्षेत्र से संबंधित है, जहां कई प्रकार की मशीनरी और उपकरण वर्तमान में भारत के बाहर से मंगाए जाते हैं।
सरकार नवप्रवर्तकों से यह पता लगाने का आग्रह करती है कि क्या इनमें से कम से कम कुछ उपकरण और पुर्जे असम में निर्मित किए जा सकते हैं।
सीएम सरमा ने वनों के क्षरण को भी एक ऐसे क्षेत्र के रूप में बताया जिसमें नवोन्मेषी हस्तक्षेप की आवश्यकता है, जिसमें वृक्षों की कटाई के समय वनों की निगरानी और प्रबंधन में सहायक समाधान शामिल हैं।
बाढ़ प्रबंधन भी एक महत्वपूर्ण चुनौती है। सरकार ऐसे समाधान तलाश रही है जो बाढ़ की कम से कम 12 घंटे पहले चेतावनी दे सकें, जिससे विभागों और समुदायों को अधिक प्रभावी ढंग से तैयारी और प्रतिक्रिया करने में मदद मिल सके।
सीएम ने कहा, “ये वे समस्याएं हैं जिन्हें हमने युवा पीढ़ी के सामने रखा है ताकि वे हमें समाधान की राह दिखा सकें।” उन्होंने कहा कि यह चुनौती न केवल असम बल्कि पूरे पूर्वोत्तर और शेष भारत के युवाओं के लिए खुली है।
चयनित नवाचारों को वित्तीय सहायता के अलावा संबंधित विभागीय आंकड़ों तक पहुंच सहित सरकारी सहायता प्राप्त होगी।
राज्य सफल समाधानों को अपनी नीतियों में एकीकृत करने और स्टार्टअप्स को आगे विकसित करने में मदद करने के तरीकों पर भी विचार करेगा। सरमा ने कहा कि सफल होने पर यह पहल वार्षिक आयोजन बन सकती है।
–आईएएनएस
एएसएच/वीसी
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