गुवाहाटी, 23 मार्च (आईएएनएस)। असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने सोमवार को गौरव गोगोई पर तीखा हमला बोला। उन्होंने गोगोई की नेतृत्व क्षमता पर सवाल उठाते हुए कहा कि कांग्रेस सांसद अपनी पार्टी के नेताओं को अपने साथ बनाए रखने में बुरी तरह नाकाम रहे हैं।
गोलाघाट में पत्रकारों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने गोगोई के हालिया सार्वजनिक बयानों की आलोचना की और आरोप लगाया कि ये बयान पार्टी के आंतरिक मामलों को संभालने और संगठन में नेताओं को बनाए रखने में उनकी अक्षमता को दर्शाते हैं।
सरमा ने कहा कि इस तरह की टिप्पणियां एक राजनीतिक नेता के रूप में उनकी विफलता की स्वीकारोक्ति के समान हैं। सवाल यह है कि आप कांग्रेस में किसी को क्यों नहीं रोक पाते? ऐसी बातें कहकर आप खुद को असफल साबित कर रहे हैं। मैंने पहली बार किसी ऐसे नेता को देखा है, जो खुलेआम यह स्वीकार करता है कि वह अपनी ही पार्टी में लोगों को नहीं रोक पाता।
उन्होंने सुझाव दिया कि “उनके लिए पाकिस्तान चले जाना बेहतर होगा।”
ये टिप्पणियां ऐसे समय में आई हैं, जब आगामी विधानसभा चुनाव से पहले असम में राजनीतिक तनाव बढ़ रहा है। भाजपा और कांग्रेस दोनों ही नेतृत्व के मुद्दों, दलबदल और शासन को लेकर एक-दूसरे पर हमले तेज कर रहे हैं।
हाल के हफ्तों में, नेताओं के पाला बदलने के कारण कांग्रेस को कई झटकों का सामना करना पड़ा है, एक ऐसा घटनाक्रम जिसे भाजपा ने राज्य में पार्टी की संगठनात्मक ताकत पर सवाल उठाने के लिए बार-बार उजागर किया है।
मुख्यमंत्री सरमा की टिप्पणियां उस धारणा को मजबूत करने और पार्टी के भीतर गोगोई की नेतृत्व भूमिका पर ध्यान केंद्रित करने के उद्देश्य से प्रतीत होती हैं।
इसी बीच, असम प्रदेश कांग्रेस कमेटी (एपीसीसी) के पूर्व अध्यक्ष भूपेन बोरा, जो हाल ही में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल हुए हैं, ने लखीमपुर जिले के बिहपुरिया विधानसभा क्षेत्र से अपना नामांकन पत्र दाखिल किया और उन्होंने कांग्रेस पार्टी के राज्य नेताओं पर भी कटाक्ष किया।
वरिष्ठ भाजपा नेताओं और समर्थकों के साथ बोरा ने शक्ति प्रदर्शन के बीच अपना नामांकन दाखिल किया।
–आईएएनएस
एएसएच/एबीएम
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