एलपीजी की जमाखोरी और कालाबाजारी पर सरकार सख्त, मारे गए 12,000 से ज्यादा छापे; 15,000 सिलेंडर किए गए जब्त

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नई दिल्ली, 17 मार्च (आईएएनएस)। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच केंद्र सरकार ने देश में एलपीजी और अन्य ईंधन की आपूर्ति को सुचारु बनाए रखने के लिए बड़े स्तर पर कार्रवाई तेज कर दी है। सरकार ने जमाखोरी और कालाबाजारी पर सख्त रुख अपनाते हुए अब तक 12,000 से ज्यादा छापेमारी की है, जिसमें 15,000 से अधिक एलपीजी सिलेंडर जब्त किए गए हैं। यह जानकारी राष्ट्रीय मीडिया केंद्र में हुई एक उच्चस्तरीय बैठक में दी गई, जिसमें पेट्रोलियम, शिपिंग और विदेश मंत्रालयों ने मौजूदा स्थिति पर अपडेट साझा किए। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने होर्मुज जलडमरूमध्य से…

नई दिल्ली, 17 मार्च (आईएएनएस)। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच केंद्र सरकार ने देश में एलपीजी और अन्य ईंधन की आपूर्ति को सुचारु बनाए रखने के लिए बड़े स्तर पर कार्रवाई तेज कर दी है। सरकार ने जमाखोरी और कालाबाजारी पर सख्त रुख अपनाते हुए अब तक 12,000 से ज्यादा छापेमारी की है, जिसमें 15,000 से अधिक एलपीजी सिलेंडर जब्त किए गए हैं। यह जानकारी राष्ट्रीय मीडिया केंद्र में हुई एक उच्चस्तरीय बैठक में दी गई, जिसमें पेट्रोलियम, शिपिंग और विदेश मंत्रालयों ने मौजूदा स्थिति पर अपडेट साझा किए।

पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने होर्मुज जलडमरूमध्य से संबंधित स्थिति को देखते हुए, वर्तमान ईंधन आपूर्ति की स्थिति और पेट्रोलियम उत्पादों और एलपीजी की निरंतर उपलब्धता सुनिश्चित करने के उपायों के बारे में जानकारी दी। मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि देश में पेट्रोल और डीजल की कोई कमी नहीं है और सभी रिफाइनरियां पूरी क्षमता से काम कर रही हैं। खुदरा पेट्रोल पंपों पर भी कहीं ईंधन खत्म होने की स्थिति नहीं है। नागरिकों से अपील की गई है कि वे घबराकर खरीदारी न करें, क्योंकि पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है।

प्राकृतिक गैस की आपूर्ति भी प्राथमिक क्षेत्रों को पूरी तरह दी जा रही है। घरेलू पीएनजी और सीएनजी उपभोक्ताओं को 100 प्रतिशत सप्लाई दी जा रही है, जबकि औद्योगिक उपयोग के लिए करीब 80 प्रतिशत गैस उपलब्ध कराई जा रही है। शहरी क्षेत्रों में एलपीजी की मांग कम करने के लिए लोगों को पीएनजी अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।

मंत्रालय के अनुसार, मौजूदा हालात को देखते हुए एलपीजी सप्लाई पर लगातार नजर रखी जा रही है और कहीं भी कमी की स्थिति नहीं है। रिफाइनरियों से घरेलू एलपीजी उत्पादन में करीब 38 प्रतिशत तक बढ़ोतरी की गई है। ऑनलाइन बुकिंग का दायरा बढ़कर लगभग 94 प्रतिशत तक पहुंच गया है, जिससे पारदर्शिता बढ़ी है और दुरुपयोग पर रोक लगी है।

साथ ही, डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड (डीएसी) का उपयोग भी बढ़कर करीब 76 प्रतिशत हो गया है, जिससे एलपीजी के डायवर्जन को रोकने में मदद मिल रही है। घरेलू एलपीजी सिलेंडरों की डिलीवरी सामान्य रूप से जारी है।

सरकार ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से कहा है कि वे आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत जमाखोरी और कालाबाजारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रखें। देश भर में नियंत्रण कक्ष बनाए गए हैं और जिला स्तर पर निगरानी समितियां भी गठित की गई हैं। तेल कंपनियों ने भी 2,500 से ज्यादा औचक निरीक्षण किए हैं ताकि सप्लाई व्यवस्था में कोई गड़बड़ी न हो।

एलपीजी पर बढ़ते दबाव को कम करने के लिए सरकार ने कई कदम उठाए हैं। शहरी क्षेत्रों में सिलेंडर बुकिंग का अंतराल 25 दिन और ग्रामीण क्षेत्रों में 45 दिन तक कर दिया गया है, ताकि सभी को समान रूप से गैस मिल सके। साथ ही, केरोसीन और कोयले जैसे वैकल्पिक ईंधनों की उपलब्धता भी बढ़ाई गई है।

सरकार ने नागरिकों से अपील की है कि वे एलपीजी की बुकिंग डिजिटल माध्यमों, जैसे आईवीआरएस, एसएमएस, व्हाट्सऐप और मोबाइल ऐप के जरिए करें और अनावश्यक रूप से गैस एजेंसी के चक्कर लगाने से बचें।

समुद्री आपूर्ति को बनाए रखने के लिए भी कदम उठाए जा रहे हैं। एलपीजी कैरियर ‘शिवालिक’ मुंद्रा बंदरगाह पहुंच चुका है, जबकि ‘नंदा देवी’ जहाज कांडला पहुंच गया है और वहां से कार्गो की अनलोडिंग शुरू हो गई है। इससे देश के विभिन्न हिस्सों में गैस की सप्लाई को मजबूती मिलेगी।

विदेश मंत्रालय ने बताया कि वेस्ट एशिया और खाड़ी क्षेत्र में भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। सैकड़ों भारतीय नागरिक सुरक्षित रूप से अन्य देशों में पहुंचे हैं और कई लोग भारत लौट रहे हैं। भारतीय मिशन 24 घंटे सक्रिय हैं और जरूरतमंदों को हर संभव सहायता प्रदान कर रहे हैं।

सरकार ने यह भी कहा कि वह स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और सभी मंत्रालयों के बीच समन्वय के साथ जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं, ताकि देश में ईंधन आपूर्ति, व्यापार और नागरिकों की सुरक्षा पर कोई असर न पड़े।

–आईएएनएस

डीबीपी

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