भुज, 7 जुलाई (आईएएनएस)। गुजरात के पश्चिम कच्छ जिले के वायोर पुलिस स्टेशन में तैनात एक पुलिस सब इंस्पेक्टर 40 हजार रुपए की रिश्वत लेने के बाद पकड़े जाने के डर से फरार हो गया। एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने उसके खिलाफ मामला दर्ज किया है।
आरोपी की पहचान वायोर पुलिस स्टेशन में तैनात क्लास-3 पुलिस सब इंस्पेक्टर इंद्रविजय सिंह गोहिल के रूप में हुई है। शिकायतकर्ता वायोर पुलिस स्टेशन में दर्ज एक आपराधिक मामले का आरोपी है।
आरोप है कि सब-इंस्पेक्टर इंद्रविजय सिंह ने शिकायतकर्ता को परेशान नहीं करने और उसकी फैक्ट्री का संचालन जारी रखने देने के बदले 50,000 रुपए की रिश्वत मांगी थी। शिकायतकर्ता रिश्वत देने के पक्ष में नहीं था। उसने एसीबी की टोल-फ्री हेल्पलाइन 1064 पर संपर्क किया और बाद में गांधीधाम स्थित एसीबी कार्यालय में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई।
एसीबी ने सब इंस्पेक्टर को पकड़ने के लिए जाल बिछाया। बातचीत के बाद आरोपी सब इंस्पेक्टर 50 हजार के बजाय 40 हजार रुपए लेने पर राजी हो गया। एसीबी ने शिकायतकर्ता को सब इंस्पेक्टर के पास तय रकम के साथ सोमवार को भुज स्थित गायत्री मंदिर के गेट के पास भेजा।
एसीबी के मुताबिक रुपए लेने के बाद आरोपी को शक हो गया। इसके बाद वह 40,000 रुपए लेकर फरार हो गया। आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया।
यह ट्रैप कार्रवाई गांधीधाम स्थित कच्छ (पूर्व) एसीबी पुलिस स्टेशन के पुलिस निरीक्षक जे.बी. चौधरी और उनकी टीम ने की।
गुजरात एंटी करप्शन ब्यूरो राज्यभर में टोल-फ्री हेल्पलाइन और क्षेत्रीय इकाइयों के माध्यम से प्राप्त शिकायतों के आधार पर सार्वजनिक सेवकों के खिलाफ नियमित रूप से ट्रैप कार्रवाई करता है।
हाल के महीनों में एसीबी ने कई भ्रष्टाचार विरोधी अभियान चलाए हैं। अप्रैल में नडियाद में तैनात केंद्रीय जीएसटी के दो अधिकारियों को भी जब्त परिवहन वाहन को छोड़ने के एवज में 55 लाख रुपए की रिश्वत मांगने के मामले में पहली किस्त लेते हुए गिरफ्तार किया गया था।
–आईएएनएस
वीसी
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