गुजरात में स्थानीय निकाय चुनाव को लेकर मतदान शुरू, 20 हजार से अधिक उम्मीदवार मैदान में

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नई दिल्ली, 26 अप्रैल (आईएएनएस)। गुजरात में व्यापक स्थानीय निकाय चुनावों के लिए मतदान रविवार को शुरू हो गया है। इस चुनाव में राज्य भर की 393 स्वशासनिक संस्थाएं शामिल हैं। इन चुनावों में 15 नगर निगम, 84 नगरपालिकाएं, 34 जिला पंचायतें और 260 तालुका पंचायतें शामिल हैं, जो इसे एक महत्वपूर्ण लोकतांत्रिक प्रक्रिया बनाती है। मतदान सुबह 7:00 बजे शुरू हो गया है, जो शाम 6:00 बजे समाप्त होगा। आवश्यकता पड़ने पर अगले दिन पुनः मतदान होगा। वोटों की गिनती 28 अप्रैल को होगी। सुबह से ही मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की लाइन लगी है। गर्मी होने के कारण…

नई दिल्ली, 26 अप्रैल (आईएएनएस)। गुजरात में व्यापक स्थानीय निकाय चुनावों के लिए मतदान रविवार को शुरू हो गया है। इस चुनाव में राज्य भर की 393 स्वशासनिक संस्थाएं शामिल हैं। इन चुनावों में 15 नगर निगम, 84 नगरपालिकाएं, 34 जिला पंचायतें और 260 तालुका पंचायतें शामिल हैं, जो इसे एक महत्वपूर्ण लोकतांत्रिक प्रक्रिया बनाती है।

मतदान सुबह 7:00 बजे शुरू हो गया है, जो शाम 6:00 बजे समाप्त होगा। आवश्यकता पड़ने पर अगले दिन पुनः मतदान होगा। वोटों की गिनती 28 अप्रैल को होगी। सुबह से ही मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की लाइन लगी है। गर्मी होने के कारण लोग सुबह मतदान करने पहुंच रहे हैं।

ये चुनाव विशेष रूप से महत्वपूर्ण हैं, क्योंकि अगले वर्ष के अंत में होने वाले गुजरात विधानसभा चुनावों और अगले दो वर्षों में होने वाले लोकसभा चुनावों से पहले जनमत का एक महत्वपूर्ण संकेतक माना जा रहा है। 4.18 करोड़ से अधिक मतदाता हैं और लगभग 50,000 मतदान केंद्र बनाए गए हैं।

कुल 9,992 स्थानीय प्रतिनिधियों का चुनाव हो रहा है। नाम वापस लेने के बाद, 20,000 से अधिक उम्मीदवार मैदान में हैं, जबकि कई उम्मीदवार पहले ही निर्विरोध निर्वाचित हो चुके हैं।

यह चुनाव बहुकोणीय है, जिसमें भारतीय जनता पार्टी (भाजपा), कांग्रेस, आम आदमी पार्टी (आप) और निर्दलीय उम्मीदवार पूरे राज्य में चुनाव लड़ रहे हैं। भाजपा वर्तमान में अहमदाबाद, सूरत, वडोदरा और राजकोट के नगर निगमों पर नियंत्रण रखती है, जो सभी राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण हैं और व्यापक चुनावी परिदृश्य को प्रभावित करने की उम्मीद है।

यह चुनाव इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के लिए संशोधित आरक्षण नियमों के तहत हो रहा है, जिसमें 27 प्रतिशत आरक्षण प्रदान किया गया है। इन परिवर्तनों के लिए कई जिलों में व्यापक परिसीमन और वार्ड पुनर्गठन की आवश्यकता पड़ी। अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और महिलाओं के लिए मौजूदा आरक्षण के साथ, इन सुधारों से गुजरात भर में स्थानीय प्रशासन निकायों को नया रूप देने की उम्मीद है।

–आईएएनएस

ओपी/एएस

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