गांधीनगर, 30 अक्टूबर (आईएएनएस)। गुजरात के भावनगर जिले में दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है। ये लोग एक व्हाट्सएप ग्रुप चलाते थे, जिसके जरिए वे अवैध खनन में शामिल लोगों को सरकारी अधिकारियों की गतिविधियों की जानकारी देते थे। इससे उन लोगों को अधिकारियों की जांच से बचने में मदद मिलती थी।
अधिकारियों ने शुक्रवार को बताया कि भावनगर लोकल क्राइम ब्रांच (एलसीबी) ने 29 अक्टूबर को आरोपियों को गिरफ्तार किया। भावनगर ग्रामीण के सब-डिविजनल मजिस्ट्रेट (एसडीएम) को शक हुआ था कि ये लोग पुराने कलेक्ट्रेट ऑफिस के पास से सरकारी अधिकारियों की गतिविधियों पर नजर रख रहे हैं।
पुलिस के अनुसार, ये दोनों व्यक्ति ‘जय रामाधानी’ नाम का एक व्हाट्सएप ग्रुप चला रहे थे, जिसमें उन्होंने अवैध रूप से खनिजों की खुदाई और परिवहन में शामिल लोगों को जोड़ा हुआ था।
वे एसडीएम और अन्य सरकारी अधिकारियों के वाहनों की आवाजाही पर नजर रखते थे और ग्रुप में ऑडियो मैसेज के जरिए जानकारी देते थे।
पुलिस ने बताया, “आरोपियों पर आरोप है कि वे अधिकारियों की गतिविधियों की जानकारी देने के बदले ग्रुप के हर सदस्य से महीने के 1,000 रुपए लेते थे।”
एसडीएम को शक हुआ कि पुराने कलेक्ट्रेट ऑफिस के प्रवेश द्वार के पास बैठे ये दो लोग उन पर और अन्य अधिकारियों पर नजर रख रहे हैं, ताकि अवैध खनन में शामिल लोगों को सरकारी कार्रवाई से बचने में मदद मिल सके। इसके बाद उन्होंने पुलिस को सूचित किया।
एलसीबी की एक टीम मौके पर पहुंची और दोनों व्यक्तियों को हिरासत में ले लिया। पूछताछ के दौरान उन्होंने कथित तौर पर व्हाट्सएप ग्रुप चलाने और सरकारी अधिकारियों की गतिविधियों की जानकारी ग्रुप के सदस्यों के साथ साझा करने की बात कबूल कर ली।
एसडीएम एमडी परमार ने नीलांबाग पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद मामला दर्ज किया गया। आगे की जांच के लिए आरोपियों को पुलिस स्टेशन के हवाले कर दिया गया।
गिरफ्तार किए गए लोगों की पहचान भावनगर में शिवाजी सर्कल के पास श्रमजीवी सोसाइटी के रहने वाले भागीरथसिंह वाला और एयरपोर्ट रोड पर स्थित रुवा गांव के रहने वाले रोहित राठौड़ के रूप में हुई है। पुलिस ने उनके पास से एक मोटरसाइकिल और एक मोबाइल फोन जब्त किया है।
अधिकारियों ने बताया, “यह कार्रवाई एलसीबी द्वारा इंस्पेक्टर एच. बी. चौहान के नेतृत्व में की गई। इसमें सब-इंस्पेक्टर आर. ए. वढेर, वी. सी. जडेजा, पी. डी. झाला और वी. बी. चौधरी के साथ अन्य पुलिसकर्मी भी शामिल थे।”
यह कार्रवाई वरिष्ठ अधिकारियों के उन निर्देशों के बाद की गई, जिनमें अवैध खनन में शामिल लोगों और सरकारी अधिकारियों की कार्रवाई से बचने में मदद करने वालों की पहचान करने को कहा गया था।
–आईएएनएस
डीके/डीकेपी
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