गांधीनगर, 17 जून (आईएएनएस)। गुजरात देश का पहला ऐसा राज्य बन गया है जिसने इंडियन कोस्ट गार्ड को समर्पित एक पब्लिक ट्रैफिक सर्कल बनाया है। कोस्ट गार्ड की 50वीं सालगिरह के मौके पर गांधीनगर में ‘भारतीय तटरक्षक स्वर्ण जयंती सर्कल’ का उद्घाटन किया गया।
राज्य सरकार ने देश के लिए इंडियन कोस्ट गार्ड की पांच दशकों की समर्पित और बेहतरीन सेवा को सम्मान देते हुए, पहले सीएचएच-4बी सर्कल के नाम से जाने जाने वाले इस सर्कल का नाम बदल दिया।
इस लैंडमार्क का उद्घाटन डिप्टी सीएम और गृह मंत्री हर्ष संघवी ने किया। इस मौके पर इंडियन कोस्ट गार्ड रीजन (नॉर्थ वेस्ट) के कमांडर, इंस्पेक्टर जनरल टेकुर शशि कुमार (टीएम) के साथ-साथ राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी, इंडियन कोस्ट गार्ड के पूर्व सैनिक, अधिकारी और जवान भी मौजूद थे।
अधिकारियों ने कहा, “यह उद्घाटन इंडियन कोस्ट गार्ड और राज्य के बीच संबंधों में एक अहम पड़ाव है। यह देश का पहला ऐसा पब्लिक सर्कल है जो इंडियन कोस्ट गार्ड को समर्पित है।”
‘भारतीय तटरक्षक स्वर्ण जयंती सर्कल’ को समुद्री बल की ऑपरेशनल क्षमताओं और मूल्यों को दर्शाने के लिए डिजाइन किया गया है।
इसके केंद्र में इंडियन कोस्ट गार्ड के ऑफशोर पेट्रोल वेसल (ओपीवी) का मॉडल है, जो ताकत का प्रदर्शन, समुद्री दबदबे और गुजरात की तटरेखा व समुद्री सीमाओं की सुरक्षा का प्रतीक है।
इस इंस्टॉलेशन में डोर्नियर एयरक्राफ्ट और एडवांस्ड लाइट हेलीकॉप्टर (एएलएच) भी शामिल हैं, जो कोस्ट गार्ड के एविएशन विंग की तेजी से कार्रवाई करने की क्षमता, हवाई निगरानी में महारत और ऑपरेशनल पहुंच को उजागर करते हैं।
बल की लगातार सतर्कता और कर्तव्य के प्रति समर्पण को दर्शाने के लिए कोस्ट गार्ड कर्मियों की मूर्तियां भी लगाई गई हैं।
इसके अलावा, साइट पर एक डिजिटल वॉल लगाई गई है, जिस पर इंडियन कोस्ट गार्ड की गतिविधियों और ऑपरेशन्स को लगातार दिखाया जाता है।
अधिकारियों ने कहा कि इस प्रदर्शनी का मकसद जनता के बीच सेवा के बारे में जागरूकता बढ़ाना और इस संदेश को मजबूत करना है कि इंडियन कोस्ट गार्ड “समुद्र में 24×7×365 हमेशा सतर्क रहता है और बिना रुके देश के समुद्री हितों की रक्षा करता है।”
राज्य सरकार ने कहा कि यह उद्घाटन उन बलों के योगदान को पहचानने के प्रति एक समावेशी दृष्टिकोण को दर्शाता है जो देश की समुद्री सीमाओं की रक्षा के लिए काम करते हैं।
उम्मीद है कि यह सर्कल जन-जागरूकता और प्रेरणा का एक स्थायी स्रोत बनेगा, जो तटीय सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण, मानवीय सहायता और राष्ट्र-निर्माण में इंडियन कोस्ट गार्ड की भूमिका को उजागर करेगा।
अधिकारियों ने कहा कि यह लैंडमार्क इंडियन कोस्ट गार्ड की अटूट प्रतिबद्धता और समर्पण के सम्मान में बनाया गया है। इसका मकसद नागरिकों के बीच गर्व और समझ की भावना को बढ़ाना है कि यह बल भारत के समुद्री हितों की रक्षा में क्या योगदान देता है।
–आईएएनएस
एससीएच/पीएम
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