पटना, 25 सितंबर (आईएएनएस)। वोटर लिस्ट के ‘स्पेशल इंटेंसिव रिविजन’ (एसआईआर) को लेकर चल रहे विवाद के बीच पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव ने शुक्रवार को कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार ने संविधान का गला घोंटा है।
पप्पू यादव का यह बयान एक प्रमुख भारतीय अखबार की उस रिपोर्ट के एक दिन बाद आया है जिसमें बताया गया था कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने हाल के महीनों में भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) के फैसलों और प्रक्रियाओं पर आंतरिक रूप से सवाल उठाए थे। ईसीआई में तीन चुनाव आयुक्त होते हैं, जिनमें सीईसी सबसे वरिष्ठ होने के बजाय ‘बराबर वालों में पहला’ होता है। जहां तक संभव हो, तीनों को सर्वसम्मति से फैसले लेने होते हैं।
पप्पू यादव ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से कहा, “ज्ञानेश कुमार ने गरीबों, दलितों, कमजोर और वंचित वर्गों के अधिकारों और वोटों की चोरी करते हैं, उन्हें सबक मिलना चाहिए।”
उन्होंने कहा, “ज्ञानेश ने बहुत बड़ा अपराध किया है और संविधान का गला घोंटा है। उन्होंने लोकतंत्र की हत्या की है। ज्ञानेश किसी आतंकवादी या उग्रवादी से भी बड़े आतंकवादी हैं।”
उन्होंने कहा, “उन्हें आरएसएस, अमित शाह और पीएम मोदी का समर्थन प्राप्त है। इसलिए, उनके खिलाफ महाभियोग की प्रक्रिया शुरू की जानी चाहिए। विपक्ष को एकजुट होना चाहिए और तब तक सभी चुनावों का बहिष्कार करना चाहिए जब तक ज्ञानेश कुमार इस्तीफा न दे दें। हर हाल में बिहार, असम और बंगाल में चुनाव रद्द किए जाने चाहिए।”
उन्होंने कहा, “उन्होंने बंगाल, बिहार और असम में 13 करोड़ लोगों के साथ अन्याय किया है। उन्हें ऐसे ही कैसे जाने दिया जा सकता है।”
उन्होंने कहा, “राहुल गांधी और मैं इसके खिलाफ लड़ते रहे हैं। हर किसी को लड़ने और बोलने का अधिकार है और सभी का स्वागत है। हम उन सभी का स्वागत करते हैं जो सीईसी के खिलाफ आगे आते हैं, जिन्हें मैं लोकतंत्र का हत्यारा मानता हूं। सभी को एक मंच पर आना चाहिए और ज्ञानेश जैसे व्यक्ति के खिलाफ मौत की सजा और देशद्रोह का मुकदमा चलाने के लिए लड़ना चाहिए।”
पप्पू यादव की यह टिप्पणी विकासशील इंसान पार्टी के प्रमुख मुकेश सहनी के सीईसी के खिलाफ दिए गए उस विवादित बयान के एक दिन बाद आई है, जिसमें उन्होंने कहा था कि अगर उन्हें एक हत्या करने की छूट होती तो वे उन्हें गोली मार देते।
–आईएएनएस
एएसएच/पीएम
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