नई दिल्ली, 2 नवंबर (आईएएनएस)। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने सोमवार को बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में, विदेशी नागरिकों के प्रबंधन के लिए संस्थागत ढांचे को मजबूत किया गया है। इसके तहत ‘फॉरेनर्स रीजनल रजिस्ट्रेशन ऑफिस’ (एफआरआरओ) का विस्तार किया जा रहा है, ताकि 2027 तक सभी राज्यों की राजधानियों में एक-एक कार्यालय स्थापित किया जा सके।
मंत्रालय द्वारा जारी एक बयान में, वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा कि पर्यटन, चिकित्सा और शिक्षा के उद्देश्यों से भारत आने वाले विदेशियों की संख्या में काफी वृद्धि हुई है, और सभी राज्यों में एफआरआरओ (विदेशी क्षेत्रीय पंजीकरण कार्यालय) नियुक्त करने की आवश्यकता है।
इससे सेवाओं तक पहुंच सुनिश्चित होगी, नियमों का पालन बेहतर होगा, और भारत एक आकर्षक गंतव्य के रूप में उभरेगा। बयान में कहा गया है कि इस जरूरत को समझते हुए, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 2027 तक सभी राज्यों की राजधानियों में एफआरआरओ स्थापित करने का निर्देश दिया है।
बयान के अनुसार, केंद्रीय गृह मंत्री के इन निर्देशों के तहत, 2025 से पांच राज्यों की राजधानियों में पांच नए एफआरआरओ स्थापित किए गए हैं।
2025 में जयपुर, चंडीगढ़ और गुवाहाटी में तीन एफआरआरओ कार्यालय स्थापित किए गए। इससे पहले, ये क्रमशः दिल्ली, अमृतसर और कोलकाता में स्थित एफआरआरओ कार्यालयों के अधिकार क्षेत्र में आते थे।
इस वर्ष, दो राज्यों की राजधानियों, आइजोल (मिजोरम) और अमरावती (आंध्र प्रदेश), में नए एफआरआरओ कार्यालय स्थापित किए गए हैं। इससे पहले, आइजोल कोलकाता एफआरआरओ के अधिकार क्षेत्र में था, जबकि अमरावती हैदराबाद एफआरआरओ के अधिकार क्षेत्र में आता था।
हाल ही में, तीन नए एफआरआरओ कार्यालयों, कोहिमा (नागालैंड), अगरतला (त्रिपुरा) और भुवनेश्वर (ओडिशा), की अधिसूचना जारी की गई। बयान में कहा गया है कि इससे पहले कोहिमा और अगरतला कोलकाता एफआरआरओ के अधिकार क्षेत्र में थे, जबकि भुवनेश्वर हैदराबाद एफआरआरओ के अधिकार क्षेत्र में आता था।
अब देश में एफआरआरओ कार्यालयों की कुल संख्या बढ़कर बीस (20) हो गई है। ये कार्यालय अहमदाबाद, अमरावती, अमृतसर, आइजोल, अगरतला, बेंगलुरु, भुवनेश्वर, कालीकट, चेन्नई, कोचीन, चंडीगढ़, दिल्ली, गुवाहाटी, हैदराबाद, कोलकाता, कोहिमा, कोझिकोड, लखनऊ, मुंबई और तिरुवनंतपुरम में स्थित हैं। इसमें कहा गया है कि फॉरेनर्स रीजनल रजिस्ट्रेशन ऑफिसों के विस्तार का दोहरा उद्देश्य है,एक ओर विदेशियों की भारत में वैध यात्रा और प्रवास को आसान बनाना, और दूसरी ओर आव्रजन कानूनों तथा सुरक्षा आवश्यकताओं को प्रभावी ढंग से लागू करना।
–आईएएनएस
एससीएच
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