भारत के पास उर्वरकों का पर्याप्त भंडार, इथेनॉल मिश्रण से तेल आयात कम करने में मिल रही मदद : पीएम मोदी

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नई दिल्ली, 23 मार्च (आईएएनएस)। भारत के पास उर्वरकों का पर्याप्त भंडार मौजूद है और आयात विविध बना हुआ है। यह बयान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को दिया। संसद को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि सरकार ने उर्वरकों का पर्याप्त भंडार रखा है। लोकसभा में पश्चिम एशिया संकट पर बोलते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, “हमने पिछले वर्षों में किसानों की सहायता के लिए कई कदम उठाए हैं। उर्वरक आयात में विविधता लाई गई है। हमने किसानों को ‘मेक इन इंडिया उर्वरक’ का विकल्प भी दिया है।” सरकार ने खरीफ मौसम के लिए किसानों पर पड़ने वाले…

नई दिल्ली, 23 मार्च (आईएएनएस)। भारत के पास उर्वरकों का पर्याप्त भंडार मौजूद है और आयात विविध बना हुआ है। यह बयान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को दिया।

संसद को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि सरकार ने उर्वरकों का पर्याप्त भंडार रखा है।

लोकसभा में पश्चिम एशिया संकट पर बोलते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, “हमने पिछले वर्षों में किसानों की सहायता के लिए कई कदम उठाए हैं। उर्वरक आयात में विविधता लाई गई है। हमने किसानों को ‘मेक इन इंडिया उर्वरक’ का विकल्प भी दिया है।”

सरकार ने खरीफ मौसम के लिए किसानों पर पड़ने वाले प्रभाव और उनकी उर्वरक आवश्यकता का आकलन किया है। प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में उर्वरकों का पर्याप्त भंडार बनाए रखने के लिए उठाए गए कदम समय पर उपलब्धता और खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करेंगे।

उन्होंने आगे कहा कि डीजल पर निर्भरता कम करने के लिए किसानों को 22 लाख से अधिक सौर पंप दिए गए हैं।

प्रधानमंत्री मोदी ने यह भी कहा कि ऐसे चुनौतीपूर्ण समय में इथेनॉल मिश्रण और उत्पादन पर भारत का ध्यान भी फलदायी साबित हो रहा है।

उन्होंने कहा,“इथेनॉल के मिश्रण के कारण, अब हम प्रतिवर्ष 4.5 करोड़ बैरल तेल का आयात कम करते हैं।”

उन्होंने आगे कहा, “केंद्र सरकार ने राज्य सरकारों को 15,000 ई-बसें दी हैं क्योंकि वैकल्पिक ईंधनों पर हमारा ध्यान भविष्य को सुरक्षित बना रहा है।”

प्रधानमंत्री के मुताबिक,“आज ऊर्जा अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। पश्चिम एशिया वैश्विक ऊर्जा आवश्यकताओं का एक प्रमुख स्रोत है। सरकार मध्य पूर्व में व्यवधानों के प्रभाव को कम करने के लिए उपाय कर रही है और भारतीय अर्थव्यवस्था के बुनियादी ढांचे बहुत मजबूत हैं।”

रविवार को प्रधानमंत्री मोदी की अध्यक्षता में पश्चिम एशिया की स्थिति की समीक्षा के लिए हुई कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (सीसीएस) की बैठक में भविष्य में उर्वरकों की निरंतर उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए वैकल्पिक उर्वरक स्रोतों पर भी चर्चा की गई। यह भी निर्धारित किया गया कि सभी बिजली संयंत्रों में कोयले का पर्याप्त भंडार भारत में बिजली की कमी न होने को सुनिश्चित करेगा।

इसके अलावा, रसायन, फार्मास्यूटिकल्स, पेट्रोकेमिकल्स और अन्य औद्योगिक क्षेत्रों द्वारा आवश्यक आयात के स्रोतों में विविधता लाने के लिए कई उपायों पर चर्चा की गई। इसी प्रकार, निकट भविष्य में भारतीय वस्तुओं को बढ़ावा देने के लिए नए निर्यात स्थलों का विकास किया जाएगा।

–आईएएनएस

एबीएस/

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