भारत एक सशक्त ऊर्जा प्रणाली विकसित कर रहा, भविष्य की जरूरतों के लिए एक स्थायी वातावरण का हो रहा निर्माण: पीएम मोदी

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नई दिल्ली, 18 मार्च (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को कहा कि भारत एक सशक्त ऊर्जा प्रणाली विकसित कर रहा है और इससे भविष्य की जरूरतों के लिए एक स्थायी वातावरण का निर्माण हो रहा है। केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर द्वारा लिखे गए आर्टिकल को शेयर करते हुए पीएम मोदी ने पाठकों से आग्रह किया कि वे इस लेख को पढ़ें ताकि उन्हें भारत की ऊर्जा नीतियों की सटीक जानकारी मिल सके, जो एक विकसित भारत का वादा करती हैं। पीएम मोदी ने कहा,”केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर इस बात पर विचार कर रहे हैं कि भारत किस…

नई दिल्ली, 18 मार्च (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को कहा कि भारत एक सशक्त ऊर्जा प्रणाली विकसित कर रहा है और इससे भविष्य की जरूरतों के लिए एक स्थायी वातावरण का निर्माण हो रहा है।

केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर द्वारा लिखे गए आर्टिकल को शेयर करते हुए पीएम मोदी ने पाठकों से आग्रह किया कि वे इस लेख को पढ़ें ताकि उन्हें भारत की ऊर्जा नीतियों की सटीक जानकारी मिल सके, जो एक विकसित भारत का वादा करती हैं।

पीएम मोदी ने कहा,”केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर इस बात पर विचार कर रहे हैं कि भारत किस प्रकार एक मजबूत ऊर्जा इको-सिस्टम को शक्ति प्रदान कर रहा है और भविष्य की जरूरतों के लिए एक स्थायी वातावरण का निर्माण कर रहा है।”

साथ ही कहा,”भारत की ऊर्जा नीतियों के बारे में सटीक जानकारी प्राप्त करने के लिए इस लेख को पढ़ें, जो एक विकसित भारत का वादा करती हैं।”

खट्टर ने लेख में पिछले दशक में बिजली क्षेत्र में हुए असाधारण परिवर्तन पर प्रकाश डाला है, जिसमें हर घर को रोशन करने से लेकर व्यावहारिक रूप से बिजली की कमी को लगभग शून्य तक लाना शामिल है।

उन्होंने एक्स पर पोस्ट किया, “इस यात्रा को देखने, प्रौद्योगिकी, नवाचार और आगे के रास्तों के भविष्य का पता लगाने के लिए, 19 से 22 मार्च तक यशोभूमि में आयोजित भारत ई समिट में शामिल हों।”

केंद्रीय मंत्री के अनुसार, भारत ने बिजली उत्पादन और पारेषण क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि की है, जिससे राष्ट्रीय स्तर पर ऊर्जा की कमी वित्त वर्ष 2013-14 के 4.2 प्रतिशत से घटकर वित्त वर्ष 2025-26 तक 0.03 प्रतिशत हो गया है।

खट्टर ने लेख में कहा, “केवल वित्त वर्ष 2025-26 में (जनवरी 2026 तक), सभी स्रोतों से रिकॉर्ड 52.53 गीगावाट क्षमता जोड़ी गई है, जो एक वर्ष में अब तक की सबसे अधिक वृद्धि है, और इसने 2024-25 के पिछले सर्वश्रेष्ठ 34.05 गीगावाट के रिकॉर्ड को भी पीछे छोड़ दिया है।”

इसके अलावा, कुल बिजली उत्पादन वित्त वर्ष 2014 के 1,020.2 बिलियन यूनिट (बीयू) से बढ़कर वित्त वर्ष 2025 में 1,830 बीयू हो गया है। प्रति व्यक्ति खपत 2014 के 957 किलोवाट-घंटे से बढ़कर 2025 में 1,460 किलोवाट-घंटे हो गई है, जो आर्थिक विकास और बेहतर पहुंच को दर्शाती है।

मंत्री ने लिखा, “इससे यह सुनिश्चित हो गया है कि प्रत्येक घर, खेत और उद्योग को आवश्यक विश्वसनीय बिजली मिल रही है, और भारत अब दुनिया में बिजली का तीसरा सबसे बड़ा उत्पादक और उपभोक्ता है।”

–आईएएनएस

एबीएस/

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