नई दिल्ली, 23 अप्रैल (आईएएनएस)। भारत के प्राइवटे सेक्टर में अप्रैल में गतिविधियों में बढ़ोतरी देखने को मिली है। इसकी वजह क्षमता में विस्तार, बेहतर मांग, नए ऑर्डर्स और टेक्नोलॉजी निवेश में बढ़ोतरी होना है। यह जानकारी एचएसबीसी ‘फ्लैश इंडिया पीएमआई कंपोजिट आउटपुट इंडेक्स’ में गुरुवार को दी गई।
यह इंडेक्स मासिक आधार पर भारत के सर्विस और मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र की गतिविधियों को दिखाता है। अप्रैल में यह 58.3 पर रहा है, मार्च में यह 57.0 पर था।
एचएसबीसी की ओर से बताया गया कि अप्रैल में नए ऑर्डर मार्च की अपेक्षा अधिक तेजी से बढ़े हैं।
सर्वेक्षण में बताया गया कि भारत में निजी क्षेत्र में रोजगार में बढ़ोतरी देखने को मिली है। अप्रैल में रोजगार सृजन में वृद्धि 10 महीनों के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई है।
एचएसबीसी की चीफ इंडिया इकोनॉमिस्ट प्रांजुल भंडारी ने कहा, “मध्य पूर्व संघर्ष से जुड़ी बाधाओं के कारण मार्च में आई सुस्ती के बाद निजी क्षेत्र की गतिविधियों में तेजी आई है। उत्पादन और नए ऑर्डर में तेजी से वृद्धि के साथ विनिर्माण क्षेत्र ने इस सुधार का नेतृत्व किया।”
सर्वेक्षण से संकेत मिलता है कि कंपनियां आपूर्ति पक्ष के झटके की अवधि को लेकर अनिश्चितताओं से निपटने के लिए बफर स्टॉक बना रही हैं।
भंडारी ने कहा, “खरीद की मात्रा में वृद्धि के साथ-साथ तैयार माल और इनपुट इन्वेंट्री में भी वृद्धि हुई है। इनपुट लागत का दबाव उच्च बना हुआ है और कंपनियों ने बढ़ी हुई बिक्री कीमतों के माध्यम से इस वृद्धि का कुछ हिस्सा ग्राहकों से वसूला।”
मुद्रास्फीति दरें ऐतिहासिक रूप से उच्च बनी रहीं, लेकिन सेवा क्षेत्र में मंदी के कारण पिछले महीने की तुलना में इनमें कुछ कमी आई।
एस एंड पी ग्लोबल द्वारा संकलित पीएमआई रिपोर्ट में कहा गया है, “उत्पादन और बिक्री में मजबूत उछाल के साथ विनिर्माण क्षेत्र ने रिकवरी का नेतृत्व किया, लेकिन यहां कीमतों का दबाव बढ़ गया।”
रिपोर्ट के अनुसार, सेवा प्रदाताओं की तुलना में वस्तु उत्पादकों ने नए ऑर्डर और उत्पादन में तेजी से वृद्धि दर्ज की।
सेवा कंपनियों ने भी वृद्धि दर्ज की, हालांकि यह तुलनात्मक रूप से मामूली थी। निर्यात के रुझान क्षेत्र स्तर पर मिश्रित रहे, क्योंकि सेवा प्रदाताओं में वृद्धि की धीमी गति वस्तु उत्पादकों में तेजी से वृद्धि के विपरीत थी।
–आईएएनएस
एबीएस/
(This content is sourced from a syndicated feed and is published as received. Punjab Kesari assumes no responsibility or liability for its accuracy, completeness, or content.)


Download Android App
Download iOS App



