जेपी नड्डा ने लॉन्च कीं डिजिटल स्वास्थ्य सेवाएं, आयुष्मान सारथी चैटबॉट शुरू

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नई दिल्ली, 29 जून (आईएएनएस)। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने सोमवार को कई डिजिटल पहलों की शुरुआत की, जिनमें ‘आयुष्मान सारथी–पीएम-जय व्हाट्सएप चैटबॉट’ और ड्रग रजिस्ट्री शामिल हैं। इनका उद्देश्य स्वास्थ्य सेवाओं की बेहतर और प्रभावी डिलीवरी तथा लाभार्थियों की संतुष्टि को बढ़ाना है। यह चैटबॉट लाभार्थियों को कहीं भी और कभी भी जरूरी पीएम-जय सेवाएं उपलब्ध कराता है, जिससे उन्हें सरकारी दफ्तरों या कॉल सेंटर जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। मंत्री ने एक कार्यक्रम में बताया कि यह सिस्टम सुरक्षित एपीआई आधारित इंटीग्रेशन के जरिए पीएम-जय सिस्टम से जुड़ा है और व्हाट्सएप पर ही रियल-टाइम जानकारी और सेवाएं…

नई दिल्ली, 29 जून (आईएएनएस)। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने सोमवार को कई डिजिटल पहलों की शुरुआत की, जिनमें ‘आयुष्मान सारथी–पीएम-जय व्हाट्सएप चैटबॉट’ और ड्रग रजिस्ट्री शामिल हैं। इनका उद्देश्य स्वास्थ्य सेवाओं की बेहतर और प्रभावी डिलीवरी तथा लाभार्थियों की संतुष्टि को बढ़ाना है।

यह चैटबॉट लाभार्थियों को कहीं भी और कभी भी जरूरी पीएम-जय सेवाएं उपलब्ध कराता है, जिससे उन्हें सरकारी दफ्तरों या कॉल सेंटर जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

मंत्री ने एक कार्यक्रम में बताया कि यह सिस्टम सुरक्षित एपीआई आधारित इंटीग्रेशन के जरिए पीएम-जय सिस्टम से जुड़ा है और व्हाट्सएप पर ही रियल-टाइम जानकारी और सेवाएं उपलब्ध कराता है।

आयुष्मान सारथी के जरिए लाभार्थियों को कई सेवाएं जैसे पीएम-जय के तहत पात्रता जांच, आयुष्मान कार्ड देखना, कार्ड के लिए आवेदन, कार्ड डाउनलोड, ई-केवाईसी अपडेट, आधार लिंक करना, पीएम-जय कार्ड को लॉक/अनलॉक करना और 70 वर्ष से अधिक आयु के लोगों के लिए आयुष्मान वय वंदना कार्ड जैसी सुविधाएं मिलेंगी।

स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, इस चैटबॉट को इस तरह डिजाइन किया गया है कि यह सेवाओं को अधिक सुलभ, पारदर्शी और नागरिक-केंद्रित बनाए। इससे लोगों को तुरंत सेवाएं मिलेंगी, कॉल सेंटर और दफ्तरों पर निर्भरता कम होगी और शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया भी आसान होगी।

आधिकारिक बयान में कहा गया कि यह प्लेटफॉर्म डाटा आधारित शासन को भी बढ़ावा देगा, जिससे फीडबैक संग्रह, शिकायत प्रबंधन और स्वास्थ्य सेवाओं में लगातार सुधार संभव होगा। इसके अलावा जेपी नड्डा ने ड्रग रजिस्ट्री भी लॉन्च की, जो दवाओं से जुड़ी जानकारी के लिए एक एकीकृत और मानकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म है।

यह आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के तहत विकसित किया गया है और इसे भारत में दवाओं के लिए एक ‘सिंगल सोर्स ऑफ ट्रुथ’ के रूप में डिजाइन किया गया है। इससे स्वास्थ्य प्रणालियों में दवाओं की पहचान, भंडारण, आदान-प्रदान और उपयोग को मानकीकृत किया जा सकेगा।

ड्रग रजिस्ट्री को केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन और पुणे स्थित नेशनल रिसोर्स सेंटर फॉर ईएचआर स्टैंडर्ड्स के सहयोग से विकसित किया गया है।

इसके साथ ही स्वास्थ्य मंत्री ने यूनिफाइड हेल्थ इंटरफेस की भी शुरुआत की, जो डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं के लिए एक इंटरऑपरेबल नेटवर्क है।

यूनिफाइड हेल्थ इंटरफेस, आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन का सर्विस लेयर है। यह एक ओपन नेटवर्क है जो मरीजों और स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं को अलग-अलग डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से जोड़ता है, बिना किसी एक ही ऐप पर निर्भर हुए।

इस सिस्टम में मरीज जब यूनिफाइड हेल्थ इंटरफेस सक्षम ऐप से स्वास्थ्य सेवाएं खोजता है तो उसकी रिक्वेस्ट गेटवे के जरिए पंजीकृत सेवा प्रदाताओं तक पहुंचती है।

–आईएएनएस

एएमटी/वीसी

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