दावनगेरे (कर्नाटक), 31 अक्टूबर (आईएएनएस)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) कर्नाटक में दूध और दही की बढ़ती कीमतों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करेगी। पार्टी अध्यक्ष और विधायक बीवाई विजयेंद्र ने शनिवार को यह घोषणा करते हुए कांग्रेस के नेतृत्व वाली राज्य सरकार पर लगातार मूल्य वृद्धि करके आम जनता पर बोझ डालने का आरोप लगाया।
दावनगेरे में मीडियाकर्मियों से बात करते हुए विजयेंद्र ने कहा कि राज्य सरकार ने इस मूल्य वृद्धि को दीपावली और कन्नड़ राज्योत्सव के उपहार के रूप में जनता को पेश किया है।
दूध की कीमत में 8 रुपए प्रति लीटर की वृद्धि की गई है, जबकि दही की कीमतों में भी वृद्धि की गई है।
राज्य भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि राज्य सरकार आने वाले दिनों में बस किराए में वृद्धि करने की तैयारी कर रही है।
उन्होंने आगे कहा कि हम मानते हैं कि दूध की कीमतों में वृद्धि से किसानों को लाभ होगा। हालांकि, किसानों की मदद के नाम पर उपभोक्ताओं पर बोझ डालना उचित नहीं है। राज्य सरकार को दूध पर सब्सिडी बढ़ानी चाहिए थी और अतिरिक्त खर्च स्वयं वहन करना चाहिए था।
उन्होंने आरोप लगाया कि कर्नाटक में सत्ता में आने के बाद से कांग्रेस सरकार ने पेट्रोल, शराब, दूध और स्टांप शुल्क की कीमतें बढ़ा दी हैं।
भाजपा नेता ने कहा कि लोगों को अस्पतालों, बाइक टैक्सियों और पार्किंग में भी अतिरिक्त खर्च का सामना करना पड़ रहा है, और बढ़ती महंगाई ने आम परिवारों के लिए जीवन और भी कठिन बना दिया है।
मूल्य वृद्धि वापस लेने की मांग करते हुए विजयेंद्र ने कहा कि राज्य सरकार को यह अतिरिक्त खर्च वहन करना चाहिए, न कि इसे उपभोक्ताओं पर डालना चाहिए।
उन्होंने राज्य सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि अन्यथा, भाजपा पूरे राज्य में अपना आंदोलन तेज कर देगी।
कांग्रेस नेता उग्रप्पा के उस बयान पर प्रतिक्रिया दी, जिसमें उन्होंने कहा था कि यदि वाल्मीकि समुदाय के लिए आरक्षण संविधान की नौवीं अनुसूची में शामिल नहीं किया गया तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यात्रा के दौरान विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। विजयेंद्र ने कांग्रेस पर राजनीतिक नाटकबाजी करने का आरोप लगाया।
उन्होंने गन्ना उत्पादकों की समस्याओं के समाधान में राज्य सरकार की विफलता की आलोचना करते हुए इस मुद्दे से निपटने के उसके तरीके को ‘हास्यास्पद’ बताया।
हरियाणा में किसानों को दिए जा रहे विशेष पैकेज का हवाला देते हुए विजयेंद्र ने कर्नाटक सरकार से गन्ना उत्पादकों की चिंताओं को दूर करने के लिए गंभीरता से प्रयास करने का आग्रह किया।
मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के इस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कि बसों के लिए डीजल खरीदने के लिए पैसे नहीं हैं, उन्होंने कहा कि भाजपा पिछले छह महीनों से राज्य की वित्तीय स्थिति पर श्वेत पत्र की मांग कर रही है।
विजयेंद्र ने पूछा कि हमारी (भाजपा की) मांग के जवाब में, उन्होंने अपनी जेबें दिखा दी हैं। क्या इससे बड़ा कोई सबूत चाहिए?
उन्होंने यह भी दावा किया कि दूध उत्पादकों को देय लगभग 1,700 करोड़ रुपए की सब्सिडी अभी भी लंबित है।
उन्होंने आरोप लगाया कि बसों के लिए डीजल खरीदने में असमर्थता इस बात का संकेत है कि राज्य का खजाना खाली हो रहा है।
–आईएएनएस
एमएस/
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