कर्नाटक में बिजली संकट पर सियासत तेज, भाजपा बोली- सरकार की नाकामी से अंधेरे में डूबा प्रदेश

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बेंगलुरु, 12 सितंबर (आईएएनएस)। कर्नाटक में बिजली की किल्लत को लेकर विपक्ष ने सरकार पर हमला तेज कर दिया है। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और भाजपा के वरिष्ठ नेता आर. अशोक ने शनिवार को राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार की नाकामी की वजह से पूरा कर्नाटक अंधेरे में है। उन्होंने मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार और ऊर्जा मंत्री केजे जॉर्ज पर आरोप लगाया कि वे बिजली की मांग बढ़ने का अंदाजा लगाने और पर्याप्त इंतजाम करने में नाकाम रहे। आर. अशोक ने राज्य सरकार को ‘दूरदर्शिता की कमी वाली, बिना योजना वाली और अक्षम’ बताया और आरोप लगाया…

बेंगलुरु, 12 सितंबर (आईएएनएस)। कर्नाटक में बिजली की किल्लत को लेकर विपक्ष ने सरकार पर हमला तेज कर दिया है। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और भाजपा के वरिष्ठ नेता आर. अशोक ने शनिवार को राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार की नाकामी की वजह से पूरा कर्नाटक अंधेरे में है।

उन्होंने मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार और ऊर्जा मंत्री केजे जॉर्ज पर आरोप लगाया कि वे बिजली की मांग बढ़ने का अंदाजा लगाने और पर्याप्त इंतजाम करने में नाकाम रहे।

आर. अशोक ने राज्य सरकार को ‘दूरदर्शिता की कमी वाली, बिना योजना वाली और अक्षम’ बताया और आरोप लगाया कि लगातार बिजली कटौती के कारण कर्नाटक के लोग परेशान हैं।

उन्होंने कहा कि राज्य में बिजली की मांग बढ़कर करीब 20,000 मेगावाट तक पहुंच गई है और सवाल उठाया कि दक्षिण-पश्चिम मानसून कमजोर होने के संकेतों के बावजूद सरकार ने तैयारी क्यों नहीं की। उन्होंने पूछा, “जब मानसून कमजोर होने लगा था, तब क्या सरकार में इतनी भी समझ नहीं थी कि एहतियाती कदम उठाए जाएं।”

आर. अशोक ने आरोप लगाया कि सरकार बिजली की मांग बढ़ने के तकनीकी कारणों का हवाला देकर अपनी जिम्मेदारी से बच रही है। उन्होंने कहा, “आपकी अक्षमता, निष्क्रियता और गैर-जिम्मेदारी की वजह से आज पूरा प्रदेश बिजली की कमी और अनियमित सप्लाई से जूझ रहा है।” उन्होंने दावा किया कि पूरे राज्य में, खासकर सुबह और शाम 6.30 बजे के बाद लगातार बिजली कटौती की जा रही है।

सरकार के सिर्फ 200 मेगावाट बिजली खरीदने के फैसले पर सवाल उठाते हुए आर. अशोक ने कहा कि जब मांग 20,000 मेगावाट है तो 200 मेगावाट खरीदना नाकाफी है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार असम और जिंदल से 100-100 मेगावाट बिजली खरीद को संकट से निपटने के कदम के तौर पर दिखा रही है।

आर. अशोक ने पूछा, “जब मांग 20,000 मेगावाट है, तो 200 मेगावाट खरीदकर यह दावा करना कि स्थिति संभाली जा रही है, यह किस तरह का प्रशासन है।”

उन्होंने ऊर्जा विभाग की तैयारी पर भी सवाल उठाया और कहा कि कमजोर मानसून के बाद संभावित कमी के शुरुआती संकेतों के बावजूद विभाग ने पहले से बिजली खरीद समझौते नहीं किए। कांग्रेस की मुफ्त बिजली की गारंटी पर तंज कसते हुए आर. अशोक ने कहा, “जिन्होंने मुफ्त बिजली का वादा कर गारंटी कार्ड बांटे थे, वे अब कर्नाटक की जनता को ‘मुफ्त अंधेरे’ की गारंटी दे रहे हैं।”

आर. अशोक ने कहा कि बिजली की कमी से किसान पानी के लिए परेशान हैं, जबकि व्यापारी, कारोबारी और उद्योग अपना काम नहीं कर पा रहे हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि बिना बिजली के छात्र पढ़ाई नहीं कर पा रहे हैं। उन्होंने सरकार को चेतावनी दी कि अगर तुरंत कदम नहीं उठाए गए, तो लोगों का गुस्सा और बढ़ेगा और कांग्रेस के लिए गंभीर चुनौती खड़ी होगी।

–आईएएनएस

वीकेयू/वीसी

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IANS Agency

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