कर्नाटक में वैश्विक स्तर के पर्यटन स्थलों के विकास की तैयारी, हम्पी में होगी उच्चस्तरीय कार्यशाला

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बेंगलुरु, 6 जुलाई (आईएएनएस)। कर्नाटक सरकार मंगलवार को यूनेस्को की विश्व धरोहर स्थल हम्पी में एक उच्चस्तरीय परामर्श कार्यशाला आयोजित करेगी। इस कार्यशाला का उद्देश्य उन पहले पर्यटन स्थलों की पहचान करना और उन्हें अंतिम रूप देना है, जिन्हें वैश्विक मानकों के अनुरूप विकसित किया जाएगा। यह पहल कर्नाटक को एक अग्रणी अंतरराष्ट्रीय पर्यटन गंतव्य के रूप में स्थापित करने के राज्य सरकार के विजन का हिस्सा है। सोमवार को वर्कशॉप से ​​पहले मीडिया से बात करते हुए पर्यटन मंत्री के.जे. जॉर्ज ने कहा कि यह बातचीत कर्नाटक के वर्ल्ड-क्लास टूरिज्म इकोसिस्टम बनाने के प्रयासों में एक अहम पड़ाव है।…

बेंगलुरु, 6 जुलाई (आईएएनएस)। कर्नाटक सरकार मंगलवार को यूनेस्को की विश्व धरोहर स्थल हम्पी में एक उच्चस्तरीय परामर्श कार्यशाला आयोजित करेगी। इस कार्यशाला का उद्देश्य उन पहले पर्यटन स्थलों की पहचान करना और उन्हें अंतिम रूप देना है, जिन्हें वैश्विक मानकों के अनुरूप विकसित किया जाएगा।

यह पहल कर्नाटक को एक अग्रणी अंतरराष्ट्रीय पर्यटन गंतव्य के रूप में स्थापित करने के राज्य सरकार के विजन का हिस्सा है।

सोमवार को वर्कशॉप से ​​पहले मीडिया से बात करते हुए पर्यटन मंत्री के.जे. जॉर्ज ने कहा कि यह बातचीत कर्नाटक के वर्ल्ड-क्लास टूरिज्म इकोसिस्टम बनाने के प्रयासों में एक अहम पड़ाव है।

उन्होंने कहा कि कर्नाटक को ग्लोबल लेवल पर कॉम्पिटिटिव टूरिज्म हब बनाने की अपनी महत्वाकांक्षी योजना के तहत, राज्य सरकार 7 जुलाई को हम्पी में ग्लोबल स्टैंडर्ड टूरिस्ट डेस्टिनेशन विकसित करने पर उच्चस्तरीय परामर्श कार्यशाला आयोजित करेगी।

उन्होंने कहा, “हम कंपनियों, निवेशकों और पर्यटन विशेषज्ञों को साथ लेकर कर्नाटक को विश्व स्तर का बेहतरीन पर्यटन स्थल बनाने का रोडमैप तैयार कर रहे हैं। इस कार्यशाला के फैसले अगले 10 साल में कर्नाटक के पर्यटन को नई ऊंचाई देंगे।”

इस बातचीत का उद्देश्य उन डेस्टिनेशन की पहचान करने पर व्यापक विचार-विमर्श के माध्यम से कर्नाटक के पर्यटन क्षेत्र की भविष्य की दिशा तय करना है, जिनमें ग्लोबल-स्टैंडर्ड टूरिज्म हब के रूप में विकसित होने की क्षमता है।

उन्होंने कहा कि कार्यशाला में बुनियादी ढांचे के विकास, पर्यटकों के अनुभव, निजी क्षेत्र के निवेश, पर्यावरणीय स्थिरता, सामुदायिक भागीदारी, कनेक्टिविटी, डेस्टिनेशन ब्रांडिंग, अंतरराष्ट्रीय मार्केटिंग और टिकाऊ पर्यटन मॉडल जैसे प्रमुख पहलुओं पर केंद्रित होंगी।

पर्यटन विकास के लिए दीर्घकालिक रणनीति तैयार करने में मदद के लिए विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों द्वारा सिफारिशें प्रस्तुत करने और वैश्विक सर्वोत्तम प्रथाओं को साझा करने की उम्मीद है।

कार्यशाला से निकलने वाली सिफारिशों के आधार पर सरकार द्वारा प्राथमिकता वाले डेस्टिनेशन के पहले सेट को अंतिम रूप दिए जाने की उम्मीद है, जिन्हें ग्लोबल स्टैंडर्ड टूरिस्ट डेस्टिनेशन पहल के तहत विकसित किया जाएगा।

सरकार के अनुसार, चुने गए डेस्टिनेशन को वर्ल्ड-क्लास बुनियादी ढांचे, बेहतर पर्यटक सुविधाओं, टिकाऊ पर्यटन प्रथाओं, रणनीतिक निजी निवेश और अंतरराष्ट्रीय ब्रांडिंग से लैस किया जाएगा ताकि भारत के प्रमुख ग्लोबल टूरिज्म डेस्टिनेशन में से एक के रूप में कर्नाटक की स्थिति को मजबूत किया जा सके।

–आईएएनएस

डीकेएम/वीसी

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