बेंगलुरु, 13 अगस्त (आईएएनएस)। कर्नाटक के नवनियुक्त जल संसाधन मंत्री एन. चेलुवरायस्वामी ने गुरुवार को अधिकारियों को मेकेदाटु पेयजल परियोजना के कार्यान्वयन में तेजी लाने और इससे जुड़ी प्रक्रियाओं में किसी भी तरह की देरी नहीं होने देने के निर्देश दिए।
पदभार संभालने के तुरंत बाद चेलुवरायस्वामी ने विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ विस्तृत बैठक की। इस दौरान उन्होंने मेकेदाटु परियोजना की मौजूदा स्थिति, सामने आ रही चुनौतियों और आगे की कार्ययोजना की समीक्षा की।
मंत्री ने कहा कि मेकेदाटु परियोजना केवल सिंचाई से जुड़ी योजना नहीं है, बल्कि यह बेंगलुरु समेत राज्य के प्रमुख शहरी क्षेत्रों की भविष्य की पेयजल सुरक्षा से सीधे जुड़ी हुई है।
उन्होंने कहा कि आने वाले वर्षों में बेंगलुरु और आसपास के क्षेत्रों में टिकाऊ पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए यह परियोजना महत्वपूर्ण है। उन्होंने अधिकारियों को परियोजना के किसी भी चरण में देरी से बचने के लिए सभी जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए।
बैठक में चेलुवरायस्वामी ने विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर), केंद्र सरकार और अन्य प्राधिकरणों से आवश्यक मंजूरियों, पर्यावरण एवं वन मंजूरी, भूमि अधिग्रहण, पुनर्वास, तकनीकी पहलुओं और कर्नाटक के हितों की रक्षा करते हुए परियोजना को आगे बढ़ाने की रणनीति की जानकारी ली।
उन्होंने अधिकारियों से कहा, “किसी भी परिस्थिति में कर्नाटक की जनता के पेयजल अधिकारों और राज्य के हितों की अनदेखी नहीं की जा सकती। परियोजना के हर चरण में कानूनी और तकनीकी मानकों का पालन होना चाहिए तथा जरूरी मंजूरियां हासिल करने की प्रक्रिया में तेजी लाई जानी चाहिए।”
मंत्री ने अधिकारियों को अब तक उठाए गए कदमों, लंबित मंजूरियों और अगले चरण में किए जाने वाले उपायों को शामिल करते हुए एक व्यापक प्रस्ताव तैयार करने का निर्देश दिया।
उन्होंने संबंधित सभी विभागों के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता पर भी जोर दिया। साथ ही जरूरी दस्तावेज और तकनीकी जानकारी तैयार करने तथा केंद्र सरकार के संबंधित विभागों के साथ लगातार संवाद बनाए रखने के निर्देश दिए, ताकि कर्नाटक का पक्ष प्रभावी ढंग से रखा जा सके।
चेलुवरायस्वामी ने कहा कि बेंगलुरु और अन्य शहरी क्षेत्रों की बढ़ती आबादी को देखते हुए भविष्य की पेयजल मांग को पूरा करने के लिए दीर्घकालिक योजनाएं तैयार करना जरूरी है। मेकेदाटु जैसी परियोजनाओं को केवल मौजूदा जरूरतों के नजरिए से नहीं, बल्कि आने वाले दशकों में राज्य की जल जरूरतों को ध्यान में रखकर देखा जाना चाहिए।
उन्होंने कहा, “पानी लोगों की बुनियादी जरूरत है। जब बात पेयजल की हो तो जनकल्याण राजनीतिक मतभेदों से अधिक महत्वपूर्ण है। सरकार राज्य के कानूनी अधिकारों की रक्षा करने और मेकेदाटु परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए हरसंभव प्रयास करेगी।”
बैठक के अंत में मंत्री ने अधिकारियों को परियोजना की मौजूदा स्थिति, प्रमुख लंबित मुद्दों और उनके समाधान के लिए आवश्यक कदमों को शामिल करते हुए स्पष्ट और समयबद्ध कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने जल संसाधन विभाग को सभी तकनीकी और प्रशासनिक पहलुओं की समीक्षा कर जल्द से जल्द आगे की कार्ययोजना पर रिपोर्ट सौंपने को कहा।
मेकेदाटु परियोजना को कानूनी और प्रशासनिक प्रक्रियाओं में तेजी लाकर नया गति देने के सरकार के प्रयासों के बीच यह बैठक महत्वपूर्ण मानी जा रही है। सरकार इसे राज्य की भविष्य की पेयजल सुरक्षा के लिए प्रमुख परियोजना के तौर पर आगे बढ़ाने की तैयारी में है।
बैठक में अपर मुख्य सचिव गौरव गुप्ता और जल संसाधन विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
–आईएएनएस
डीएससी
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