कर्नाटक: ईडी ने बिटकॉइन से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में 21 घंटे तक की छापेमारी

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बेंगलुरु, 21 अप्रैल (आईएएनएस)। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कथित बिटकॉइन से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में 21 घंटे तक तलाशी और जब्ती अभियान चलाने के बाद मंगलवार को अपनी छापेमारी पूरी कर ली। ये छापेमारी पूरे कर्नाटक में कांग्रेस नेताओं से जुड़े कई ठिकानों पर की गई, जिसमें बेंगलुरु के भी कई स्थान शामिल थे। आज सुबह 3 बजे, 100 से ज़्यादा अधिकारियों ने कांग्रेस विधायक और बेंगलुरु विकास प्राधिकरण (बीडीए) के चेयरमैन एन.ए. हारिस और उनके बेटे कर्नाटक प्रदेश युवा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष मोहम्मद नलपाड़ के घरों पर तलाशी पूरी कर ली। ईडी अधिकारियों ने पूर्व केंद्रीय मंत्री…

बेंगलुरु, 21 अप्रैल (आईएएनएस)। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कथित बिटकॉइन से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में 21 घंटे तक तलाशी और जब्ती अभियान चलाने के बाद मंगलवार को अपनी छापेमारी पूरी कर ली। ये छापेमारी पूरे कर्नाटक में कांग्रेस नेताओं से जुड़े कई ठिकानों पर की गई, जिसमें बेंगलुरु के भी कई स्थान शामिल थे।

आज सुबह 3 बजे, 100 से ज़्यादा अधिकारियों ने कांग्रेस विधायक और बेंगलुरु विकास प्राधिकरण (बीडीए) के चेयरमैन एन.ए. हारिस और उनके बेटे कर्नाटक प्रदेश युवा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष मोहम्मद नलपाड़ के घरों पर तलाशी पूरी कर ली।

ईडी अधिकारियों ने पूर्व केंद्रीय मंत्री के. रहमान खान के पोते अकीब खान के ठिकानों पर भी तलाशी ली। अधिकारियों ने सोमवार सुबह 6 बजे से पूरे राज्य में एक साथ छापेमारी शुरू की थी।

सूत्रों ने बताया कि बिटकॉइन घोटाले के सरगना श्रीकी के घर पर ईडी की जांच जारी है। हारिस के बेटे नलपाड़ और श्रीकी के बीच 4.65 करोड़ रुपये का वित्तीय लेन-देन ईडी की जांच का एक अहम हिस्सा है।

आरोप है कि नलपाड़ ने श्रीकी की आलीशान जीवनशैली के लिए पैसे दिए थे। ईडी कई लेन-देन की गहन जांच कर रही है, जिसमें एक पोर्श कार की खरीद भी शामिल है। ईडी अधिकारी श्रीकी से पूछताछ कर रहे हैं और इस बात की संभावना है कि आज उसे बैंक खातों की पुष्टि के लिए बैंक ले जाया जाएगा।

नलपाड़, श्रीकी और एक वरिष्ठ आईपीए अधिकारी के बेटे ने मिलकर बेंगलुरु में लावेल रोड पर एक सेकंड-हैंड शोरूम में जाकर पोर्श कार खरीदने की कोशिश की। टेस्ट ड्राइव के दौरान श्रीकी ने कार के अंदर सिगरेट पीने की कोशिश की। जब शोरूम के कर्मचारियों ने आपत्ति जताई तो उसने झगड़ा शुरू कर दिया। बाद में इस ग्रुप ने वह कार 57 लाख रुपये में खरीद ली।

आरोप है कि श्रीकी ने कार का इस्तेमाल ऐशट्रे की तरह किया, उसमें सिगरेट की राख गिराई और यहां तक ​​कि लाइटर से कार की सीट में आग भी लगा दी। बाद में उन्होंने वही कार उसी शोरूम को 47 लाख रुपये में वापस बेच दी। इस वित्तीय लेन-देन को नलपाड़ और ऋषभ ने संभाला था।

इस घटना के संबंध में सीआईडी और एसआईटी टीम ने 2024 में नलपाड से पूछताछ की थी और उनके बयान दर्ज किए थे। नलपाड अब कथित तौर पर श्रीखी के वित्तीय लेन-देन में मदद करने के आरोप में मुश्किल में हैं। सूत्रों के अनुसार, उनके कई पिछले लेन-देन, जिनमें पोर्श की खरीद भी शामिल है, अब ईडी की जांच के दायरे में हैं।

आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, ईडी ने प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए) के तहत कर्नाटक भर में 12 जगहों पर सेंट्रल रिज़र्व पुलिस फ़ोर्स (सीआरपीएफ) के जवानों की कड़ी सुरक्षा के बीच तलाशी अभियान चलाया।

–आईएएनएस

ओपी/पीएम

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