कोलकाता, 10 अगस्त (आईएएनएस)। सोमवार को बांकुरा में वाम मोर्चा का मार्च जिला मजिस्ट्रेट कार्यालय तक पहुंच गया। इस दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच तीखी झड़प हुईं। कार्यकर्ताओं ने बैरिकेड तोड़ दिए और जिलाधिकारी कार्यालय परिसर में प्रवेश कर लिया।
वाम मोर्चा के विभिन्न संगठनों ने बांकुरा सहित राज्य भर में जिला मजिस्ट्रेट कार्यालय तक 15 सूत्री मांगों के साथ मार्च का आह्वान किया था। इनमें अन्नपूर्णा योजना में सभी महिला आवेदकों को शामिल करना और धान, आलू और जूट जैसी फसलों के लिए उचित मूल्य का भुगतान करना शामिल था।
वामपंथी कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने बांकुरा के हिंदू स्कूल मैदान से मार्च करते हुए जिला मजिस्ट्रेट कार्यालय में प्रवेश करने का प्रयास किया। पुलिस ने डीएम कार्यालय के सामने बैरिकेड लगाकर जुलूस को रोकने का प्रयास किया। जब प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड तोड़ने का प्रयास किया, तो हिंसक झड़प हुई। अंततः, प्रदर्शनकारी बैरिकेड तोड़कर कार्यालय परिसर में प्रवेश करने में सफल रहे।
बाद में, केंद्रीय बलों सहित भारी पुलिस बल जिला मजिस्ट्रेट कार्यालय पहुंचा। इसके बाद प्रदर्शनकारी बाहर सड़क पर बैठ गए और प्रदर्शन जारी रखा, फिर वापस चले गए।
सीपीआई(एम) नेता अमिया पात्रा ने कहा कि राज्य सरकार सिर्फ बातें कर रही है, काम के नाम पर कुछ नहीं कर रही है।
उन्होंने आरोप लगाया कि किसी को भी सौ दिन का काम नहीं मिल रहा है और किसानों को धान, आलू और जूट के लिए समर्थन मूल्य नहीं मिल रहा है। उन्होंने आगे कहा कि अन्नपूर्णा योजना में शामिल महिलाओं की तुलना में कई महिलाएं वंचित रह गई हैं।
पात्रा ने यह भी कहा कि जब लोग सड़कों पर उतर आते हैं, तो शासक की कोई भी बाधा उन्हें रोक नहीं सकती।
वामपंथी कार्यकर्ताओं ने बीरभूम, झाड़ग्राम, अलीपुरद्वार, दार्जिलिंग, कूच बिहार, उत्तर दिनाजपुर, पुरुलिया, मालदा, मुर्शिदाबाद और अन्य जिलों में जिला मजिस्ट्रेट कार्यालयों तक इसी तरह के मार्च निकाले। अधिकांश स्थानों पर कार्यक्रम बिना किसी अप्रिय घटना के संपन्न हुआ।
–आईएएनएस
एमएस/
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