पॉक्सो मामले में चार सप्ताह के भीतर एफएसएल रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश

Summary :

Delhi High Court : दिल्ली हाईकोर्ट ने सोमवार को एक पॉक्सो से जुड़े मामले में मोबाइल फोन से क्लोन किए गए डाटा से संबंधित अतिरिक्त फोरेंसिक रिपोर्ट चार सप्ताह के भीतर उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। न्यायमूर्ति प्रतीक जालान ने जांच अधिकारी को फॉरेंसिक साइंस लैबोरेटरी (एफएसएल) से रिपोर्ट प्राप्त करने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने को कहा। इस दौरान दिल्ली पुलिस ने कोर्ट आश्वासन दिया कि एफएसएल रिपोर्ट मिलने के चार सप्ताह के भीतर संबंधित अदालत में पूरक आरोपपत्र दाखिल कर दिया जाएगा। बता दें कि यह मामला 9 सितंबर 2024 को सब्जी मंडी थाने में दर्ज प्राथमिकी…

Delhi High Court : दिल्ली हाईकोर्ट ने सोमवार को एक पॉक्सो से जुड़े मामले में मोबाइल फोन से क्लोन किए गए डाटा से संबंधित अतिरिक्त फोरेंसिक रिपोर्ट चार सप्ताह के भीतर उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। न्यायमूर्ति प्रतीक जालान ने जांच अधिकारी को फॉरेंसिक साइंस लैबोरेटरी (एफएसएल) से रिपोर्ट प्राप्त करने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने को कहा। इस दौरान दिल्ली पुलिस ने कोर्ट आश्वासन दिया कि एफएसएल रिपोर्ट मिलने के चार सप्ताह के भीतर संबंधित अदालत में पूरक आरोपपत्र दाखिल कर दिया जाएगा। बता दें कि यह मामला 9 सितंबर 2024 को सब्जी मंडी थाने में दर्ज प्राथमिकी से जुड़ा है। इसमें भारतीय दंड संहिता की धारा 354, 354ए, 376 और 509 तथा पॉक्सो अधिनियम की धारा चार और आठ के तहत मामला दर्ज किया गया था।

याचिका शिकायतकर्ता ने दायर की थी। याचिका के अनुसार कथित घटना 27 अप्रैल 2024 को हुई थी, जब पीड़िता की उम्र 16 वर्ष से कम थी। शिकायतकर्ता ने अपनी याचिका में आरोप लगाया कि जांच एजेंसी द्वारा पूरक आरोपपत्र के माध्यम से पेश की जाने वाली कई महत्वपूर्ण सामग्री अभी लंबित है। इसमें प्रमाणित कॉल डिटेल रिकॉर्ड, लोकेशन विवरण, जब्त मोबाइल फोन की फोरेंसिक रिपोर्ट, क्लोन की गई फोरेंसिक प्रतियां, इलेक्ट्रॉनिक डाटा, हैश वैल्यू और चेन ऑफ कस्टडी से जुड़े दस्तावेज शामिल हैं।

वहीं, पुलिस ने कोर्ट को बताया कि जांच पूरी हो चुकी है और अंतिम रिपोर्ट दाखिल की जा चुकी है, लेकिन मोबाइल फोन से प्राप्त क्लोन डाटा से संबंधित अतिरिक्त एफएसएल रिपोर्ट अभी लंबित है। जिसके बाद कोर्ट ने जांच अधिकारी को एफएसएल के साथ मामले को आगे बढ़ाने का निर्देश दिया। इस दौरान आरोपी सुशील कुमार की ओर से कोर्ट को बताया गया कि आगे की जांच की मांग वाली उनकी अलग याचिका पहले से लंबित है। हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि मौजूदा आदेश केवल लंबित अतिरिक्त एफएसएल रिपोर्ट तक सीमित है और इसका दूसरी याचिका में किसी पक्ष के अधिकारों या दावों पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।

Sumant Chaudhary