एक नंबर पर दौड़ रही थीं दो फॉर्च्यूनर, जांच में खुला चोरी की गाड़ियों का राज

Summary :

West District Crime News : स्वतंत्रता दिवस से पहले चोरी के वाहनों की धरपकड़ के लिए चलाए जा रहे अभियान के दौरान वेस्ट जिला पुलिस की एएटीएस ने ऐसा मामला पकड़ा है, जिसने वाहन चोरी के खेल की परतें खोल दी हैं। पुलिस को सूचना मिली कि एनसीआर में एक ही रजिस्ट्रेशन नंबर पर दो टोयोटा फॉर्च्यूनर एसयूवी अलग-अलग जगहों पर इस्तेमाल की जा रही हैं। टीम ने जांच शुरू की तो दोनों वाहन अलग-अलग स्थानों से बरामद हो गए। जांच के दौरान दोनों वाहनों पर एक ही रजिस्ट्रेशन नंबर और एक ही चेसिस नंबर दर्ज मिला। हरेश्वर वी. स्वामी…

West District Crime News : स्वतंत्रता दिवस से पहले चोरी के वाहनों की धरपकड़ के लिए चलाए जा रहे अभियान के दौरान वेस्ट जिला पुलिस की एएटीएस ने ऐसा मामला पकड़ा है, जिसने वाहन चोरी के खेल की परतें खोल दी हैं। पुलिस को सूचना मिली कि एनसीआर में एक ही रजिस्ट्रेशन नंबर पर दो टोयोटा फॉर्च्यूनर एसयूवी अलग-अलग जगहों पर इस्तेमाल की जा रही हैं। टीम ने जांच शुरू की तो दोनों वाहन अलग-अलग स्थानों से बरामद हो गए। जांच के दौरान दोनों वाहनों पर एक ही रजिस्ट्रेशन नंबर और एक ही चेसिस नंबर दर्ज मिला।

हरेश्वर वी. स्वामी ने बताया कि आरोपी को एसीपी ऑपरेशन राजेश कुमार की देखरेख में इस्पेक्टर मुकेश मीणा के नेतृत्व की टीम ने पकड़ा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने दोनों फॉर्च्यूनर को अधिकृत टोयोटा सर्विस सेंटर भेजा। वहां तकनीकी जांच के बाद दोनों वाहनों के चोरी के होने की पुष्टि हुई। इसके बाद पुलिस ने दोनों वाहनों को कब्जे में लेकर आगे की जांच शुरू कर दी।

पुलिस के मुताबिक, स्वतंत्रता दिवस के मद्देनजर वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर एएटीएस की टीम को चोरी के वाहनों, संदिग्ध गाड़ियों और सेकेंड हैंड वाहन डीलरों की जांच के लिए लगाया गया था। इसी दौरान टीम को दोनों फॉर्च्यूनर के संबंध में सूचना मिली। टीम ने सीसीटीवी फुटेज खंगाली, वाहन मालिकों की जानकारी का सत्यापन किया और कई स्थानों पर जांच के बाद दोनों गाड़ियों को ट्रेस किया।

एक फॉर्च्यूनर ठगी के मामले में भी इस्तेमाल

जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि बरामद फॉर्च्यूनर में से एक का इस्तेमाल गांधी नगर थाने में दर्ज ठगी के मामले में भी हुआ था। पुलिस ने संबंधित जांच अधिकारी को इसकी जानकारी दे दी है। मामले में पुलिस ने विवेक विहार निवासी 23 वर्षीय आर्यन मावी की भूमिका की जांच शुरू की है। बरामद दोनों वाहनों के संबंध में गांधी नगर और प्रीत विहार थाने में दर्ज ई-एफआईआर के अलावा गांधी नगर थाने में दर्ज धोखाधड़ी, जालसाजी और साजिश के मामले से भी इनके तार जुड़े मिले हैं। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि दोनों वाहनों के कागजात और नंबर से छेड़छाड़ किसने की और चोरी के वाहनों को एनसीआर में कहां-कहां इस्तेमाल किया गया।

Sumant Chaudhary