भोपाल, 30 अक्टूबर (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने शुक्रवार को कहा कि राज्य सरकार ने 900 से अधिक पुराने और अप्रासंगिक कानूनों को समाप्त कर दिया है। इनमें कुछ कानून वर्ष 1812 और 1817 के समय के भी थे।
यह कदम वर्तमान समय की जरूरतों के अनुसार कानूनी व्यवस्था को अधिक प्रभावी और प्रासंगिक बनाने के लिए उठाया गया है।
जबलपुर में एक कार्यक्रम के दौरान मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस अल्पेश यशवंत कोगजे से मुलाकात के समय मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश की न्याय व्यवस्था को पुराने औपनिवेशिक कानूनों से मुक्त करने की दिशा में महत्वपूर्ण सुधार किए गए हैं।
उन्होंने कहा, “मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त करता हूं कि उन्होंने भारतीय न्याय व्यवस्था को पुराने और अप्रासंगिक औपनिवेशिक कानूनों से मुक्त कर वर्तमान समय की जरूरतों के अनुरूप नई दिशा देने का काम किया है।”
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि समय और परिस्थितियों के बदलने के साथ कई कानून अपनी उपयोगिता खो चुके थे। इसलिए उन्हें हटाना जरूरी था, ताकि कानूनी व्यवस्था आज की जरूरतों और जनता के हितों के अनुसार काम कर सके।
लोकतांत्रिक संस्थाओं के महत्व पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि न्यायपालिका को स्वतंत्र रूप से कार्य करना चाहिए, जबकि निर्वाचित सरकारों को संविधान की मर्यादा में रहकर अपनी जिम्मेदारियां निभानी चाहिए।
उन्होंने कहा, “हमारे लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत यह है कि न्यायपालिका अपनी जिम्मेदारियों का स्वतंत्र रूप से निर्वहन करती है, वहीं निर्वाचित सरकारें संवैधानिक ढांचे के भीतर रहकर अपने कर्तव्यों का पालन करती हैं।”
नेपाल, बांग्लादेश और पाकिस्तान की राजनीतिक परिस्थितियों का जिक्र करते हुए सीएम यादव ने कहा कि भारत के लोकतांत्रिक मूल्य और संवैधानिक व्यवस्था दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र की मजबूती को दर्शाते हैं।
उन्होंने कहा कि न्यायाधीशों का योगदान और देश की न्यायिक परंपरा ने भारत की लोकतांत्रिक गरिमा को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
मुख्यमंत्री ने मुख्य न्यायाधीश कोगजे को बधाई भी दी और जबलपुर को प्राकृतिक और आध्यात्मिक महत्व वाला विशेष शहर बताया।
नर्मदा नदी और भेड़ाघाट की संगमरमर चट्टानों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि जबलपुर अपनी अनोखी प्राकृतिक सुंदरता के लिए जाना जाता है और मध्य प्रदेश की सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक विरासत में इसका विशेष स्थान है। यह कार्यक्रम मुख्यमंत्री मोहन यादव के शुक्रवार के जबलपुर दौरे का हिस्सा था।
अपने दौरे पर मुख्यमंत्री की सर्किट हाउस नंबर-1 में मुख्य न्यायाधीश से मुलाकात और उसके बाद होटल शॉन एलिजे में एडवोकेट जनरल कार्यालय की ओर से आयोजित रात्रिभोज कार्यक्रम में शामिल होने की भी योजना थी।
–आईएएनएस
एएसएच/वीसी
(This content is sourced from a syndicated feed and is published as received. Punjab Kesari assumes no responsibility or liability for its accuracy, completeness, or content.)


Download Android App
Download iOS App



