तमिलनाडु: पेरुंदुरई सीट पर उपचुनाव का रास्ता साफ, एस. जयकुमार की जीत को चुनौती देने वाली चुनाव याचिका खारिज

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चेन्नई, 8 सितंबर (आईएएनएस)। मद्रास हाईकोर्ट ने 2026 विधानसभा चुनाव में पेरुंदुरई विधानसभा सीट से एआईएडीएमके उम्मीदवार एस. जयकुमार की जीत को चुनौती देने वाली चुनाव याचिका खारिज कर दी है। इसके साथ ही इस सीट पर उपचुनाव कराने की राह में मौजूद एक महत्वपूर्ण कानूनी बाधा भी समाप्त हो गई है। जस्टिस डी. भरथा चक्रवर्ती का यह आदेश जयकुमार की उस अर्जी पर आया, जिसमें उन्होंने डीएमके के पूर्व उम्मीदवार थोप्पु वेंकटाचलम (जिन्हें एनडी वेंकटाचलम के नाम से भी जाना जाता है) द्वारा दायर चुनाव याचिका को खारिज करने की मांग की थी। कोर्ट ने माना कि वेंकटाचलम की…

चेन्नई, 8 सितंबर (आईएएनएस)। मद्रास हाईकोर्ट ने 2026 विधानसभा चुनाव में पेरुंदुरई विधानसभा सीट से एआईएडीएमके उम्मीदवार एस. जयकुमार की जीत को चुनौती देने वाली चुनाव याचिका खारिज कर दी है। इसके साथ ही इस सीट पर उपचुनाव कराने की राह में मौजूद एक महत्वपूर्ण कानूनी बाधा भी समाप्त हो गई है।

जस्टिस डी. भरथा चक्रवर्ती का यह आदेश जयकुमार की उस अर्जी पर आया, जिसमें उन्होंने डीएमके के पूर्व उम्मीदवार थोप्पु वेंकटाचलम (जिन्हें एनडी वेंकटाचलम के नाम से भी जाना जाता है) द्वारा दायर चुनाव याचिका को खारिज करने की मांग की थी।

कोर्ट ने माना कि वेंकटाचलम की याचिका में ऐसा कोई ठोस आधार नहीं था जिससे चुनाव विवाद को आगे बढ़ाया जा सके। इसी आधार पर कोर्ट ने जयकुमार की दलील स्वीकार कर ली और उनके चुनाव को चुनौती देने वाली याचिका खारिज कर दी।

एस. जयकुमार ने विधानसभा चुनाव में एआईएडीएमके के टिकट पर पेरुंदुरई सीट से चुनाव लड़ा था और 9,693 वोटों के अंतर से जीत हासिल की थी। बाद में एक बड़े राजनीतिक बदलाव के कारण यह सीट खाली हो गई, क्योंकि जयकुमार ने सीएम विजय के नेतृत्व वाली तमिलगा वेट्री कझगम (टीवीके) सरकार के समर्थन में वोट करने के बाद विधानसभा सदस्य के पद से इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद उन्होंने एआईएडीएमके छोड़ दी और टीवीके में शामिल हो गए।

उनके इस्तीफे के कारण पेरुंदुरई में नए चुनाव की जरूरत पैदा हो गई। हालांकि वेंकटाचलम द्वारा दायर लंबित मामले के कारण चुनाव आयोग तुरंत चुनाव प्रक्रिया को आगे नहीं बढ़ा पा रहा था। इसलिए यह खाली सीट राजनीतिक और चुनावी जांच-पड़ताल के दायरे में बनी हुई थी।

पेरुंदुरई उन पांच विधानसभा क्षेत्रों में से एक था, जिन पर मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली बेंच का पहले का आदेश लागू था। इस आदेश ने चुनाव आयोग को उन सीटों से जुड़ी चुनाव याचिकाओं के निपटारे तक वहां उपचुनाव कराने या उनकी घोषणा करने से रोक दिया था।

ताजा फैसले से पेरुंदुरई से जुड़ा चुनाव विवाद खत्म हो गया है। नतीजतन लंबित याचिका से जुड़ी कानूनी रोक अब इस निर्वाचन क्षेत्र पर लागू नहीं होती, जिससे चुनाव प्राधिकरण सीट भरने के लिए अगले कदमों पर विचार कर सकता।

कोर्ट के फैसले का मतलब खुद उपचुनाव की घोषणा नहीं है। चुनाव आयोग को कार्यक्रम, नामांकन प्रक्रिया और मतदान की व्यवस्था तय करनी होगी और औपचारिक रूप से इसकी घोषणा करनी होगी। चुनाव हारने के बाद हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाने वाले वेंकटाचलम ने अब डीएमके से इस्तीफा दे दिया है।

उनकी याचिका खारिज होने और एस. जयकुमार के अब उस निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व न करने के कारण अब सबकी नजरें चुनाव आयोग और उन राजनीतिक दलों पर होंगी जो पेरुंदुरई में संभावित नए चुनाव की तैयारी कर रहे हैं।

–आईएएनएस

एएसएच/वीसी

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IANS Agency

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