महाराष्ट्र: पांच वर्षों में बाल विवाह की दर को 10 प्रतिशत से नीचे लाना सरकार का लक्ष्य

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मुंबई, 24 जून (आईएएनएस)। महाराष्ट्र की महिला एवं बाल विकास मंत्री अदिति तटकरे ने विधानसभा में कहा कि राज्य सरकार बाल विवाह रोकने के लिए आवश्यक और प्रभावी कदम उठा रही है। सरकार का लक्ष्य अगले पांच वर्षों में राज्य में बाल विवाह की दर को 10 प्रतिशत से नीचे लाना है। इस विषय पर अतुल भातखलकर ने प्रश्न उठाया, जबकि नाना पटोले ने चर्चा में भाग लिया। मंत्री ने बताया कि राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (2019-21) के अनुसार देश में बाल विवाह की दर 23.3 प्रतिशत थी, जबकि महाराष्ट्र में यह 21.9 प्रतिशत थी। उन्होंने कहा कि 2023-24 में…

मुंबई, 24 जून (आईएएनएस)। महाराष्ट्र की महिला एवं बाल विकास मंत्री अदिति तटकरे ने विधानसभा में कहा कि राज्य सरकार बाल विवाह रोकने के लिए आवश्यक और प्रभावी कदम उठा रही है। सरकार का लक्ष्य अगले पांच वर्षों में राज्य में बाल विवाह की दर को 10 प्रतिशत से नीचे लाना है। इस विषय पर अतुल भातखलकर ने प्रश्न उठाया, जबकि नाना पटोले ने चर्चा में भाग लिया।

मंत्री ने बताया कि राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (2019-21) के अनुसार देश में बाल विवाह की दर 23.3 प्रतिशत थी, जबकि महाराष्ट्र में यह 21.9 प्रतिशत थी। उन्होंने कहा कि 2023-24 में चयनित जिलों में किए गए सर्वेक्षण के अनुसार देश में बाल विवाह की औसत दर घटकर 20.1 प्रतिशत हो गई है, जबकि महाराष्ट्र में यह घटकर 19.7 प्रतिशत रह गई है।

महाराष्ट्र में बाल विवाह रोकने के लिए किए गए प्रयासों की जानकारी देते हुए मंत्री ने बताया कि वर्ष 2018-19 में 187, 2019-20 में 240, 2020-21 में 519, 2021-22 में 831 और 2022-23 में 930 बाल विवाह रोके गए। वर्ष 2022-23 में 81 एफआईआर भी दर्ज की गईं।

उन्होंने आगे बताया कि 2023-24 में 1,253 और 2024-25 में 1,495 बाल विवाह रोके गए। चालू वर्ष में अब तक 1,434 बाल विवाह रोके जा चुके हैं और दोषियों के खिलाफ मामले दर्ज किए गए हैं।

मंत्री ने कहा कि बाल विवाह रोकने के लिए स्थानीय प्रशासन की कार्रवाई को और प्रभावी बनाया जा रहा है तथा अपराध दर्ज करने की दर भी बढ़ी है। राज्य में जिला कलेक्टर की अध्यक्षता में जिला कार्य बल, ग्राम सुरक्षा समिति और तहसील तथा ग्राम पंचायत स्तर की व्यवस्थाएं सक्रिय रूप से कार्य कर रही हैं। इन्हें और मजबूत करने के प्रयास जारी हैं।

उन्होंने कहा कि बाल विवाह में शामिल दोनों परिवारों, संबंधित व्यक्तियों और सहयोग करने वाले ग्रामीणों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाती है, जिससे रोकथाम के प्रयास काफी प्रभावी साबित हो रहे हैं।

मंत्री ने यह भी कहा कि राजस्थान सरकार द्वारा शादी के निमंत्रण पत्रों पर दूल्हा-दुल्हन की जन्मतिथि दर्ज करने की पहल का अध्ययन किया जाएगा। ग्रामीण विकास विभाग, विधि विभाग और अन्य संबंधित विभागों के साथ विचार-विमर्श कर यह तय किया जाएगा कि ऐसी व्यवस्था महाराष्ट्र में लागू की जा सकती है या नहीं।

इसके अलावा, प्रवासी मजदूरों तक पहुंच बनाने तथा उनके बच्चों के लिए बाल देखभाल केंद्र और बाल गृह उपलब्ध कराने को भी प्राथमिकता दी जा रही है।

–आईएएमएस

एएमटी/डीकेपी

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