पुणे, 6 जुलाई (आईएएनएस)। महाराष्ट्र में मूसलाधार बारिश का दौर जारी है। बारिश की वजह से कई इलाकों में जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। ऐसे में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) की राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष और सांसद सुप्रिया सुले ने सोमवार को राज्य प्रशासन की कड़ी आलोचना की।
पुणे में पत्रकारों से बात करते हुए सुप्रिया सुले ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से तत्काल स्थिति की समीक्षा करने और आपातकाल घोषित करने की मांग की। उनका यह बयान मुंबई और पुणे के बीच परिवहन संपर्क ठप होने, कई भूस्खलनों, मानखुर्द में एक दुर्घटना और पूरे क्षेत्र में बुनियादी ढांचे को हुए गंभीर नुकसान के मद्देनजर आया है।
सुले ने कहा कि मुंबई या पुणे में भारी बारिश कोई नई बात नहीं है, लेकिन उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि बुनियादी ढांचे की मौजूदा विफलता अभूतपूर्व है।
उन्होंने कहा कि मुंबई और पुणे में बारिश कोई नई बात नहीं है। राज्य में पहले भी भारी बारिश हो चुकी है। हालांकि, आज जो हालात हम देख रहे हैं, वे पहले कभी नहीं देखे गए। यह बेहद चिंताजनक है। मुख्यमंत्री को तुरंत स्थिति का जायजा लेना चाहिए और राज्य में इमरजेंसी घोषित करनी चाहिए। देवेंद्र फडणवीस को जनता को संबोधित करना चाहिए और महाराष्ट्र की जमीनी हकीकत स्पष्ट करनी चाहिए।
उन्होंने बताया कि लगातार बारिश के कारण मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे, पुराना मुंबई-पुणे राजमार्ग और नवनिर्मित ‘मिसिंग लिंक’ परियोजना सहित प्रमुख मार्ग ठप हो गए हैं। इसके अलावा, स्थानीय रेल सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हुई हैं, आलंदी में बाढ़ आ गई है और कई जिलों से भूस्खलन और सड़कों के धंसने की खबरें आ रही हैं।
सुले ने मेगा इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं, विशेष रूप से एक्सप्रेसवे पर बहुचर्चित ‘मिसिंग लिंक’ परियोजना के इंजीनियरिंग और सुरक्षा मानकों को लेकर गंभीर चिंताएं जताईं।
उन्होंने सवाल उठाया कि इस परियोजना का उद्घाटन बड़े धूमधाम से किया गया था और सभी ने इसका स्वागत किया था। हालांकि, अब घटनास्थल से सामने आ रहे वीडियो बेहद चौंकाने वाले हैं। इस परियोजना पर भारी जनहित खर्च किया गया, फिर भी अपेक्षित परिणाम नहीं मिले हैं। सरकार को जवाब देना होगा कि क्या उचित सुरक्षा ऑडिट किया गया था? क्या प्राकृतिक आपदाओं से निपटने की कोई योजना बनाई गई थी?
उन्होंने अपनी आलोचना को वसई-विरार, भांडुप, मुंबई और अन्य क्षेत्रों में चल रही परियोजनाओं तक बढ़ाया और सार्वजनिक सुरक्षा और पर्यावरणीय प्रभाव के संबंध में दूरदर्शिता की कमी का आरोप लगाया।
सुले ने इन परियोजनाओं के कुल व्यय, सुरक्षा मंजूरी और आपदा तैयारियों की पारदर्शी, उच्च स्तरीय जांच की मांग की। ताम्हिनी घाट, पुराने राजमार्ग और एक्सप्रेसवे पर आवागमन ठप होने के कारण, सुले ने बताया कि महाराष्ट्र के दो प्रमुख आर्थिक केंद्रों के बीच संपर्क पूरी तरह से टूट गया है।
–आईएएनएस
एमएस/
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