रायपुर, 7 जून (आईएएनएस)। छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले में चल रहे नक्सल विरोधी अभियान में सुरक्षा बलों को एक महत्वपूर्ण सफलता मिली है। सुरक्षा बलों ने कई तात्कालिक विस्फोटक उपकरणों (आईईडी) और प्रतिबंधित सामग्रियों का एक बड़ा जखीरा बरामद कर निष्क्रिय कर दिया है।
पुलिस अधिकारियों ने रविवार को बताया कि सटीक खुफिया जानकारी के आधार पर, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) की एक बटालियन और दंतेवाड़ा पुलिस ने बारसूर पुलिस स्टेशन के अंतर्गत तोडमा गांव के घने जंगल में संयुक्त तलाशी अभियान चलाया।
यह अभियान सुबह 6:00 बजे शुरू हुआ, जिसका नेतृत्व सेकंड-इन-कमांड अधिकारी विक्रांत वर्मा और सहायक कमांडेंट संजीव कुमार यादव ने किया। इसमें नागरिक पुलिस बल भी शामिल थे।
सुरक्षा बलों ने सघन तलाशी अभियान के दौरान सुबह लगभग 8:40 बजे जंगल में कुछ संदिग्ध वस्तुएं देखीं। तत्काल कड़े सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन करते हुए पूरे इलाके की घेराबंदी की गई और बम निरोधक दस्ते को मौके पर बुलाया गया। गहन जांच के बाद इन संदिग्ध वस्तुओं की पहचान पांच-पांच लीटर क्षमता वाले दो प्रेशर कुकर आईईडी और एक 10 किलोग्राम वजनी पाइप बम के रूप में हुई।
टीम ने विशेष तकनीकी प्रक्रियाओं का उपयोग करते हुए तीनों उपकरणों को मौके पर ही सफलतापूर्वक निष्क्रिय कर दिया और नष्ट कर दिया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया।
आसपास के क्षेत्र में की गई आगे की तलाशी में माओवादी कार्यकर्ताओं द्वारा छिपाए गए विस्फोटकों और प्रतिबंधित वस्तुओं का एक बड़ा भंडार बरामद हुआ।
जब्त की गई वस्तुओं में बीजीएल, एक .303 राइफल, एक एयर राइफल, मैगज़ीन, चार्जर क्लिप, खाली कारतूस के खोल, 12 बोर गोला-बारूद, खाली कारतूस, पटाखे, बैटरी सहित वायरलेस सेट, बारूद, कॉर्डेक्स तार, बिजली की घंटियाँ, शॉक-वेव डेटोनेटर, 128 इलेक्ट्रिक डेटोनेटर, 48 गैर-इलेक्ट्रिक विस्फोटक, दो खाली खोलों सहित एक 51 मिमी बम, दूरबीन, नक्सली वर्दी, गोला-बारूद पाउच, लड़ाकू बेल्ट, एक मल्टीमीटर, कैमरा फ्लैश, इलेक्ट्रिक कंट्रोल यूनिट, 35 बारह-वोल्ट बैटरी, इलेक्ट्रिक स्विच, टेलीफोन तार और अन्य दैनिक उपयोग की सामग्री शामिल थी।
नक्सली साहित्य भी बरामद किया गया, जिससे उनकी वैचारिक रूपरेखा की जानकारी मिली। सभी कर्मी सुरक्षित लौट आए और जब्ती संबंधी दस्तावेजों के साथ-साथ अन्य कानूनी औपचारिकताएं शुरू कर दी गईं।
अधिकारियों ने बताया कि इस बरामदगी से विद्रोहियों द्वारा जुटाए गए संसाधनों की विशालता और निरंतर खुफिया-आधारित अभियानों के महत्व का पता चलता है।
आईईडी को सफलतापूर्वक निष्क्रिय करना और विस्फोटकों की जब्ती बस्तर डिवीजन में नक्सली ढांचे को नष्ट करने की दिशा में एक और निर्णायक कदम है, जो क्षेत्र में स्थायी शांति और सुरक्षा की दिशा में अभियान की गति को और बढ़ाता है।
–आईएएनएस
ओपी/एएस
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