महिलाओं की शादी की उम्र पर मौलाना रशीदी के बयान पर मचा विवाद, महिला आयोग, भाजपा और वीएचपी ने जताई आपत्ति

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नई दिल्ली, 11 जुलाई (आईएएनएस)। ऑल इंडिया इमाम एसोसिएशन के अध्यक्ष मौलाना साजिद रशीदी अपने एक विवादित बयान को लेकर घिर गए हैं। महिलाओं की शादी की उम्र को लेकर दिए गए उनके बयान पर देशभर में तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। महिला आयोग, भाजपा और विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) समेत कई लोगों ने उनके बयान की कड़ी आलोचना की है। दरअसल, शुक्रवार को एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान मौलाना साजिद रशीदी ने कहा, “देर से शादी होने की वजह से रेप की घटनाएं हो रही हैं। अगर अपनी बेटियों को सुरक्षित रखना चाहते हैं तो उनकी शादी जल्दी कर…

नई दिल्ली, 11 जुलाई (आईएएनएस)। ऑल इंडिया इमाम एसोसिएशन के अध्यक्ष मौलाना साजिद रशीदी अपने एक विवादित बयान को लेकर घिर गए हैं। महिलाओं की शादी की उम्र को लेकर दिए गए उनके बयान पर देशभर में तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। महिला आयोग, भाजपा और विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) समेत कई लोगों ने उनके बयान की कड़ी आलोचना की है।

दरअसल, शुक्रवार को एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान मौलाना साजिद रशीदी ने कहा, “देर से शादी होने की वजह से रेप की घटनाएं हो रही हैं। अगर अपनी बेटियों को सुरक्षित रखना चाहते हैं तो उनकी शादी जल्दी कर दीजिए।” उनके इस बयान के सामने आने के बाद विवाद शुरू हो गया।

उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष बबीता चौहान ने इस बयान की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि यह एक संकीर्ण और महिला विरोधी सोच को दर्शाता है।

उन्होंने कहा, “आज भारत की महिलाएं हर क्षेत्र में देश का नाम रोशन कर रही हैं और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी पहचान बना रही हैं। प्रधानमंत्री मोदी भी महिला सशक्तीकरण की बात करते हैं और महिलाओं को पुरुषों के बराबर लाना चाहते हैं, क्योंकि देश की आधी आबादी महिलाएं हैं। अगर आज भी हम पीछे हैं, तो उसकी वजह ऐसी सोच रखने वाले लोग हैं।”

विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) के प्रवक्ता विनोद बंसल ने भी मौलाना के बयान की आलोचना करते हुए कहा कि यह कट्टर और संकीर्ण मानसिकता को दिखाता है। भारत में सभी महिलाओं को समान अधिकार प्राप्त हैं और ऐसे बयान देने वाले धार्मिक नेताओं को महिलाओं से तुरंत माफी मांगनी चाहिए। साथ ही उन्होंने राष्ट्रीय महिला आयोग से इस मामले में कार्रवाई की मांग भी की।

भाजपा नेता राम कदम ने कहा कि कुछ मौलाना केवल सुर्खियां बटोरने के लिए इस तरह के बयान देते हैं। शादी कब करनी है, यह हर लड़की का व्यक्तिगत फैसला है और इस तरह की राय पूरी तरह बेबुनियाद है।

वहीं, भाजपा प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने सवाल उठाते हुए कहा, “क्या मौलाना रेप जैसी जघन्य घटना को सही ठहराने की कोशिश कर रहे हैं?”

उन्होंने कहा कि ऐसी विकृत सोच रखने वाले लोगों को तुरंत गिरफ्तार कर जेल भेजा जाना चाहिए। यह बयान महिलाओं के प्रति नफरत और गलत सोच को दर्शाता है, जिसकी वह कड़ी निंदा करते हैं।

उधर, हनुमानगढ़ी के पुजारी देवेश आचार्य ने भी मौलाना के बयान को बेहद आपत्तिजनक बताया। उन्होंने कहा कि यह बयान उनकी सोच को उजागर करता है और दिखाता है कि कुछ लोगों की मानसिकता कितनी निम्न और चिंताजनक हो सकती है। उन्होंने सभी धर्मों के लोगों से अपील की कि वे ऐसी सोच से दूर रहें और महिलाओं के सम्मान को सर्वोच्च प्राथमिकता दें।

–आईएएनएस

वीकेयू/एबीएम

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