आंध्र प्रदेश में राज्यसभा की चार सीटों पर चुनाव, एनडीए की क्लीन स्वीप की तैयारी

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अमरावती, 22 मई (आईएएनएस)। आंध्र प्रदेश में टीडीपी के नेतृत्व वाले सत्ताधारी एनडीए को 18 जून को होने वाले चुनावों में राज्यसभा की चारों सीटें जीतने की उम्मीद है। तेलुगु देशम पार्टी (टीडीपी) के दो सीटें अपने पास रखने और अपने सहयोगी दलों, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और जन सेना पार्टी (जेएसपी) को एक-एक सीट देने की संभावना है। भारत के चुनाव आयोग ने शुक्रवार को आंध्र प्रदेश सहित 10 राज्यों की 24 सीटों के लिए चुनावों का कार्यक्रम घोषित किया। अधिसूचना 1 जून को जारी की जाएगी, जबकि नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 8 जून है। यदि आवश्यक…

अमरावती, 22 मई (आईएएनएस)। आंध्र प्रदेश में टीडीपी के नेतृत्व वाले सत्ताधारी एनडीए को 18 जून को होने वाले चुनावों में राज्यसभा की चारों सीटें जीतने की उम्मीद है।

तेलुगु देशम पार्टी (टीडीपी) के दो सीटें अपने पास रखने और अपने सहयोगी दलों, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और जन सेना पार्टी (जेएसपी) को एक-एक सीट देने की संभावना है।

भारत के चुनाव आयोग ने शुक्रवार को आंध्र प्रदेश सहित 10 राज्यों की 24 सीटों के लिए चुनावों का कार्यक्रम घोषित किया।

अधिसूचना 1 जून को जारी की जाएगी, जबकि नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 8 जून है। यदि आवश्यक हुआ, तो मतदान 18 जून को होगा।

आंध्र प्रदेश में चार राज्यसभा सदस्यों का कार्यकाल 21 जून को समाप्त होने वाला है।

सेवानिवृत्त होने वाले सदस्यों में अल्ला अयोध्या रामी रेड्डी, नथवानी परिमल, पिल्ली सुभाषचंद्र बोस (वाईएसआर कांग्रेस पार्टी) और टीडीपी के सना सतीश बाबू शामिल हैं।

175-सदस्यीय विधानसभा में अपनी ताकत के कारण एनडीए को सर्वसम्मत जीत मिलने की संभावना है। टीडीपी के पास 135 सीटें हैं, जबकि उसके सहयोगी दलों, जन सेना और भाजपा के पास क्रमशः 21 और 8 सीटें हैं। इसकी तुलना में वाईएसआरसीपी के पास 11 सीटें हैं।

व्यवसायी से राजनेता बने सतीश बाबू एनडीए के उन तीन उम्मीदवारों में से एक थे, जिन्हें दिसंबर 2024 में सर्वसम्मति से चुना गया था। ये चुनाव वाईएसआरसीपी के सदस्यों, मोपिदेवी वेंकटरमण राव, बी. मस्तान राव और कृष्णैया के इस्तीफे से खाली हुई सीटों को भरने के लिए हुए थे।

जहां मोपिदेवी और मस्तान राव टीडीपी में शामिल हो गए, वहीं कृष्णैया ने पिछड़े वर्ग के आंदोलन को मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित करने की अपनी मंशा जाहिर की।

उप-चुनावों में, टीडीपी ने सतीश बाबू और मस्तान राव को मैदान में उतारा था, जबकि भाजपा ने कृष्णैया को उम्मीदवार बनाया था। ये तीनों ही निर्विरोध चुने गए थे।

जहां भाजपा ने आंध्र प्रदेश से राज्यसभा में अपना खाता खोला, वहीं टीडीपी भी कुछ समय की अनुपस्थिति के बाद संसद के उच्च सदन में लौट आई। विधानसभा में पर्याप्त संख्या न होने के कारण टीडीपी फरवरी 2024 में हुए राज्यसभा चुनावों में भाग नहीं ले पाई थी, जिसके परिणामस्वरूप अपने चार दशक के इतिहास में पहली बार राज्यसभा में टीडीपी का कोई प्रतिनिधित्व नहीं था। इस बार, टीडीपी के सतीश बाबू को ही बनाए रखने की संभावना है, जिन्हें पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष नारा लोकेश का करीबी माना जाता है। टीडीपी में दूसरी सीट के लिए कई दावेदार हैं।

मुख्यमंत्री और टीडीपी अध्यक्ष, एन. चंद्रबाबू नायडू, ने पहले ही यह फैसला ले लिया है कि वे अपने सहयोगी दलों के लिए एक-एक सीट छोड़ देंगे।

उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण के नेतृत्व वाली जन सेना राज्यसभा में अपना पहला कदम रखेगी।

भाजपा का आंध्र प्रदेश से तीसरा राज्यसभा सांसद होने की संभावना है। पिछले साल अप्रैल में, वाईएसआर कांग्रेस के वी. विजयसाई रेड्डी के इस्तीफे से खाली हुई सीट को भरने के लिए भाजपा के पाका वेंकट सत्यनारायण को सर्वसम्मति से चुना गया था।

–आईएएनएस

एससीएच/एबीएम

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