मानवाधिकार समूहों ने बांग्लादेश में नाबालिग लड़की से रेप व हत्या की निंदा की

Summary :

ढाका, 22 मई (आईएएनएस)। मानवाधिकार संगठनों ने ढाका में एक नाबालिग स्कूली छात्रा के साथ दुष्कर्म और हत्या की घटना की कड़ी निंदा की है। स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, संगठनों ने कहा कि इस क्रूर घटना ने बांग्लादेश की बाल संरक्षण प्रणाली की गंभीर कमजोरियों को उजागर कर दिया है। मानवाधिकार समूह आइनो सालिश केंद्र ने एक अलग बयान में कहा कि 1 जनवरी से 20 मई के बीच बांग्लादेश में कम से कम 118 बच्चों के साथ दुष्कर्म हुआ, 46 बच्चों के साथ दुष्कर्म का प्रयास किया गया और 17 बच्चों की दुष्कर्म या दुष्कर्म के प्रयास के…

ढाका, 22 मई (आईएएनएस)। मानवाधिकार संगठनों ने ढाका में एक नाबालिग स्कूली छात्रा के साथ दुष्कर्म और हत्या की घटना की कड़ी निंदा की है। स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, संगठनों ने कहा कि इस क्रूर घटना ने बांग्लादेश की बाल संरक्षण प्रणाली की गंभीर कमजोरियों को उजागर कर दिया है।

मानवाधिकार समूह आइनो सालिश केंद्र ने एक अलग बयान में कहा कि 1 जनवरी से 20 मई के बीच बांग्लादेश में कम से कम 118 बच्चों के साथ दुष्कर्म हुआ, 46 बच्चों के साथ दुष्कर्म का प्रयास किया गया और 17 बच्चों की दुष्कर्म या दुष्कर्म के प्रयास के बाद हत्या कर दी गई।

गहरी चिंता व्यक्त करते हुए समूह ने कहा कि ये घटनाएं अलग-थलग मामले नहीं हैं बल्कि राज्य की सुरक्षा प्रणाली की विफलता और सामाजिक जवाबदेही के गंभीर संकट को उजागर करती हैं।

संगठन ने कहा, “संविधान के अनुच्छेद 28 और 32 बच्चों को जीवन, सुरक्षा और गरिमा का अधिकार देते हैं। लंबी न्यायिक प्रक्रियाएं और कमजोर जांच बच्चों को न्याय दिलाने में बड़ी बाधा बन रही हैं।”

इस जघन्य घटना की निंदा करते हुए ह्यूमन राइट्स सपोर्ट सोसाइटी ने कहा, “बच्चों के साथ लगातार हो रही दुष्कर्म, हत्या और उत्पीड़न की घटनाएं यह साबित करती हैं कि मौजूदा बाल संरक्षण तंत्र पर्याप्त प्रभावी नहीं है।”

मानवाधिकार संगठन के अनुसार, बांग्लादेश में बच्चों के खिलाफ बढ़ती हिंसा को दंडहीनता, न्याय व्यवस्था में देरी और कमजोर कानून-व्यवस्था ने बढ़ावा दिया है।

सोसाइटी ने कहा, “बच्चों के खिलाफ इस तरह की क्रूर हिंसा हमारे सामाजिक और नैतिक मूल्यों में आई गंभीर गिरावट का प्रतीक है।”

–आईएएनएस

पीएम

(This content is sourced from a syndicated feed and is published as received. Punjab Kesari assumes no responsibility or liability for its accuracy, completeness, or content.)

News Desk

News Desk is the editorial team of Punjab Kesari. This article is based on information provided by IANS.