बलूचिस्तान में जबरन गुमशुदगी और हत्या के मामले बढ़े, मानवाधिकार संगठनों ने जताई चिंता

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क्वेटा, 22 मई (आईएएनएस)। बलूचिस्तान में आम नागरिकों के खिलाफ हिंसा लगातार जारी रहने के बीच, एक प्रमुख मानवाधिकार संगठन ने दो नागरिकों की कथित तौर पर पाकिस्तान की सेना की ओर से की गई गैर-न्यायिक हत्या को सामने लाया है। मानवाधिकार संगठन बलूच यकजेहती कमेटी (बीवाईसी) ने शुक्रवार को केच जिले के तुरबत इलाके में 21 मई को एक बुजुर्ग किसान शेरदिल की हत्या की कड़ी निंदा की। संगठन का आरोप है कि पाकिस्तान की फ्रंटियर कोर (एफसी) के जवानों ने उनकी जमीन के पास गोलीबारी की। स्थानीय सूत्रों का हवाला देते हुए मानवाधिकार संस्था ने बताया कि गोलीबारी…

क्वेटा, 22 मई (आईएएनएस)। बलूचिस्तान में आम नागरिकों के खिलाफ हिंसा लगातार जारी रहने के बीच, एक प्रमुख मानवाधिकार संगठन ने दो नागरिकों की कथित तौर पर पाकिस्तान की सेना की ओर से की गई गैर-न्यायिक हत्या को सामने लाया है।

मानवाधिकार संगठन बलूच यकजेहती कमेटी (बीवाईसी) ने शुक्रवार को केच जिले के तुरबत इलाके में 21 मई को एक बुजुर्ग किसान शेरदिल की हत्या की कड़ी निंदा की। संगठन का आरोप है कि पाकिस्तान की फ्रंटियर कोर (एफसी) के जवानों ने उनकी जमीन के पास गोलीबारी की।

स्थानीय सूत्रों का हवाला देते हुए मानवाधिकार संस्था ने बताया कि गोलीबारी के दौरान शेरदिल को गोली लगी और उनकी मौके पर ही मौत हो गई।

बीवाईसी ने कहा क‍ि बलूचिस्तान में हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। अलग-अलग इलाकों से लोगों की हत्या और शव मिलने की खबरें आ रही हैं। लोग बेहद दर्द और दुख में जी रहे हैं, खासकर उन दिनों में जो शांति और साथ के होने चाहिए। आम लोगों को न तो सुरक्षा मिल रही है और न ही न्याय।

एक और घटना में, 21 साल के ड्राइवर मोहसिन का शव 19 मई को पंजगुर जिले के पारूम इलाके में मिला, जो लगभग 66 दिन पहले जबरन गायब कर दिया गया था।

बीवाईसी के अनुसार, मोहसिन को 16 मार्च को पारूम के जीरक चेकपोस्ट से जबरन गायब किया गया था।

आरोप है कि एफसी के जवानों ने उसे हिरासत में लिया और बाद में हिरासत के दौरान उसकी हत्या कर दी और उसका शव फेंक दिया।

बीवाईसी ने अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों और वैश्विक संस्थाओं से अपील की है कि बलूचिस्तान की बिगड़ती मानवाधिकार स्थिति पर तुरंत ध्यान दें। उन्होंने जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई, न्याय, नागरिकों की सुरक्षा और प्रभावित परिवारों के सम्मान की भी मांग की है।

इसी बीच, स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक शुक्रवार को बलूचिस्तान के अलग-अलग जिलों से सात नागरिकों को जबरन गायब कर दिया गया, जिनमें एक नाबालिग लड़का, एक गायक, मजदूर, एक मछुआरा और एक ड्राइवर शामिल हैं।

द बलूचिस्तान पोस्ट के हवाले से बताया गया कि इन लोगों को अलग-अलग जगहों पर कथित तौर पर पाकिस्तानी सुरक्षा बलों और खुफिया एजेंसियों ने हिरासत में लिया और बाद में गायब कर दिया।

एक मामले में, 23 साल के ड्राइवर जावेद बलूच को 29 अप्रैल 2026 की शाम को ग्वादर जिले के धूर चेकपोस्ट पर मिलिट्री इंटेलिजेंस (एमआई) के कर्मियों ने हिरासत में लिया।

एक अन्य घटना में, 20 साल के गायक खलील करीम को 30 अप्रैल को केच जिले के तुरबत के चाह सर इलाके से हिरासत में लेकर गायब कर दिया गया।

इसके अलावा, 19 अप्रैल की रात ग्वादर जिले के जिवानी के पनवान इलाके में फ्रंटियर कॉर्प्स और मिलिट्री इंटेलिजेंस के जवानों ने घरों पर छापे मारे और तीन लोगों को हिरासत में लिया, जिन्हें बाद में कथित तौर पर गायब कर दिया गया।

इन पीड़ितों में 14 साल का दिलशाद दाद, ड्राइवर अली फजल और 19 साल का मछुआरा सोहेल करीम शामिल हैं।

रिपोर्ट्स के मुताबिक 24 साल के मजदूर अब्दुल हक शहजाद को काउंटर टेररिज्म डिपार्टमेंट (सीटीडी) के कर्मियों ने हिरासत में लिया और बाद में वह भी गायब हो गया। एक अन्य मामले में, 30 साल के नागरिक मजीद, जो चागई जिले के किली हाजी मोहम्मद इलाके के रहने वाले हैं, को एफसी और सीटीडी कर्मियों ने हिरासत में लिया और बाद में वह भी लापता हो गए।

–आईएएनएस

एवाई/एबीएम

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