संसद के मकर द्वार पर विपक्षी दलों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करेंगे एनडीए सांसद

Summary :

नई दिल्ली, 23 जुलाई (आईएएनएस)। सत्ताधारी राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के सांसद गुरुवार को संसद के मकर द्वार पर प्रदर्शन करेंगे। यह प्रदर्शन 21 जुलाई को कांग्रेस की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आवास के पास किए गए धरने के विरोध में होगा। सत्ताधारी गठबंधन के सांसदों का यह प्रदर्शन सुबह 10:30 बजे शुरू होगा। भारतीय जनता पार्टी का आरोप है कि कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता (एलओपी) राहुल गांधी विपक्ष की अपनी जिम्मेदारियों से भाग रहे हैं। वे सिर्फ हंगामा खड़ा करने की कोशिश कर रहे हैं। गौरतलब है कि नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने…

नई दिल्ली, 23 जुलाई (आईएएनएस)। सत्ताधारी राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के सांसद गुरुवार को संसद के मकर द्वार पर प्रदर्शन करेंगे। यह प्रदर्शन 21 जुलाई को कांग्रेस की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आवास के पास किए गए धरने के विरोध में होगा।

सत्ताधारी गठबंधन के सांसदों का यह प्रदर्शन सुबह 10:30 बजे शुरू होगा। भारतीय जनता पार्टी का आरोप है कि कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता (एलओपी) राहुल गांधी विपक्ष की अपनी जिम्मेदारियों से भाग रहे हैं। वे सिर्फ हंगामा खड़ा करने की कोशिश कर रहे हैं।

गौरतलब है कि नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने अन्य वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं और समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव के साथ मिलकर मंगलवार को प्रधानमंत्री आवास के पास धरना दिया था। यह धरना नीट पेपर लीक के विरोध में प्रदर्शन करने वालों पर हुए लाठीचार्ज के खिलाफ था। बाद में पुलिस ने उन्हें कुछ देर के लिए हिरासत में भी लिया था।

भाजपा सांसद बांसुरी स्वराज ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “उन्होंने (राहुल गांधी) कहा था कि अगर सरकार संसद में इस मुद्दे पर चर्चा करने को तैयार है, तो ‘हम यहां से चले जाएंगे।’ चूंकि बातचीत के जरिए समाधान निकालना पीएम मोदी के नेतृत्व वाली सरकार की नीति है, इसलिए केंद्रीय राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह वहां पहुंचे और राहुल गांधी से बातचीत करने की कोशिश की, लेकिन लोकसभा में विपक्ष के नेता अपनी बात से पीछे हट गए।”

भाजपा सांसद ने दावा किया कि विपक्ष की ओर से सदन में पेपर लीक पर चर्चा के लिए कोई औपचारिक नोटिस नहीं दिया गया था। उन्होंने बुधवार को कहा, “संसद में ‘193’ नोटिस दिया गया। मैंने भी नीट परीक्षा पर खुली चर्चा के लिए एक नोटिस दिया, क्योंकि सरकार के पास छिपाने के लिए कुछ नहीं है और वह वास्तव में छात्रों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। हम देश के छात्रों के सवालों का जवाब देने के लिए तैयार हैं। लेकिन ऐसा लगता है कि विपक्ष अपनी जिम्मेदारियों से भाग रहा है।”

–आईएएनएस

डीसीएच/

(This content is sourced from a syndicated feed and is published as received. Punjab Kesari assumes no responsibility or liability for its accuracy, completeness, or content.)

News Desk

News Desk is the editorial team of Punjab Kesari. This article is based on information provided by IANS.