चेन्नई, 21 मार्च (आईएएनएस)। तमिलनाडु विधानसभा चुनाव से पहले तेज हो रही राजनीतिक गतिविधियों के बीच एएमएमके के महासचिव टीटीवी दिनाकरन ने शनिवार को स्पष्ट किया कि वीके शशिकला को राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) गठबंधन में वापस लाने की कोई योजना नहीं है।
यह बयान ऐसे समय आया है जब शशिकला की गठबंधन की राजनीति में संभावित वापसी को लेकर अटकलें तेज हैं।
दिनाकरन इस सप्ताह की शुरुआत में राष्ट्रीय राजधानी की यात्रा पर गए थे। उन्होंने शनिवार को गृह मंत्री अमित शाह से बातचीत की। उन्होंने अपनी यात्रा के दौरान केंद्रीय मंत्री और भाजपा के तमिलनाडु प्रभारी पीयूष गोयल से भी मुलाकात की।
इन मुलाकातों को एनडीए के भीतर चल रही व्यापक चर्चाओं का हिस्सा माना जा रहा है, क्योंकि पार्टियां आने वाले चुनावों की तैयारी कर रही हैं।
सूत्रों ने संकेत दिया कि चर्चाओं में चुनावी मुद्दों की एक विस्तृत शृंखला शामिल थी, जिसमें सीट-बंटवारे की व्यवस्था, निर्वाचन क्षेत्र की प्राथमिकताएं और एएमएमके द्वारा अपने ‘प्रेशर कुकर’ चिन्ह के तहत चुनाव लड़ने की संभावना शामिल थी।
बैठक के बाद पत्रकारों से बात करते हुए दिनाकरन ने इन चर्चाओं के महत्व को कम करके बताया। उन्होंने कहा, “मैंने अमित शाह के साथ सीट बंटवारे पर चर्चा नहीं की। हमने सिर्फ एकजुट होकर चुनाव का सामना करने के बारे में बात की।”
शशिकला पर अपने रुख को दोहराते हुए दिनाकरन ने कहा कि उन्हें गठबंधन के ढांचे में लाने का कोई इरादा नहीं है, जिससे एनडीए के भीतर पूर्व एआईएडीएमके नेता के लिए किसी भी तत्काल राजनीतिक भूमिका की संभावना प्रभावी रूप से खारिज हो गई।
सत्ताधारी डीएमके सरकार पर निशाना साधते हुए दिनाकरन ने दावा किया कि जब भी विपक्षी नेता दिल्ली आते हैं तो राज्य नेतृत्व आशंकित हो जाता है। उन्होंने तमिलनाडु को केंद्र सरकार द्वारा दी जा रही वित्तीय सहायता का भी जिक्र किया और बताया कि पिछले 12 वर्षों में राज्य को लगभग 12 लाख करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं। हम यह सुनिश्चित कर सकते हैं कि तमिलनाडु को बिना किसी कठिनाई के आवश्यक धनराशि प्राप्त हो जाए।
इसी बीच पीएमके नेता अंबुमणि रामदास के गृह मंत्री शाह से अलग से मुलाकात करने की उम्मीद है, जो प्रमुख क्षेत्रीय नेताओं के साथ समानांतर परामर्श का संकेत देता है। अंबुमणि रामदास दिल्ली में ही हैं।
इसी से संबंधित एक अन्य घटनाक्रम में, पीयूष गोयल की चेन्नई यात्रा स्थगित कर दी गई है और अब यह रविवार को होने की उम्मीद है। एनडीए के सहयोगी दलों के बीच औपचारिक सीट-बंटवारे की बातचीत इन प्रारंभिक चर्चाओं के पूरा होने के बाद ही शुरू होने की संभावना है।
–आईएएनएस
एएसएच/वीसी
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