पेरम्ब्रा, 3 अप्रैल (आईएएनएस)। चुनाव अधिकारियों ने केरल के कोझिकोड जिले के पेरम्ब्रा में विवादास्पद चुनावी घोषणा के मामले में एलडीएफ संयोजक और उम्मीदवार टीपी रामाकृष्णन को नोटिस जारी किया है। इससे इस क्षेत्र में राजनीतिक माहौल और गरमा गया है।
विवाद तब सामने आया जब एक स्थानीय निवासी मुंडक्कंडी सलील ने प्रचार वाहन का पीछा कर उसका ऑडियो रिकॉर्ड कर लिया।
सीपीआई(एम) के वरिष्ठ नेता टीपी रामाकृष्णन इस सीट से चौथी जीत हासिल करने की कोशिश कर रहे हैं।
बताया जा रहा है कि इस घोषणा में आरोप लगाया गया कि मुस्लिम लीग के कार्यकर्ता धार्मिक आधार पर वोट मांग रहे हैं और “अपने समुदाय के उम्मीदवार” के समर्थन की अपील कर रहे हैं।
यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) का कहना है कि यह संदेश सांप्रदायिक भावनाएं भड़काने और मतदाताओं को ध्रुवीकृत करने के उद्देश्य से तैयार किया गया था।
यूडीएफ द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत पर कार्रवाई करते हुए आचार संहिता लागू कराने के प्रभारी डिप्टी कलेक्टर ने इस ऑडियो संदेश से जुड़े कथित उल्लंघनों पर स्पष्टीकरण मांगा है, जिससे बड़ा विवाद खड़ा हो गया है।
यह नोटिस ऐसे समय में आया है जब एलडीएफ पहले से ही विपक्ष के आरोपों का सामना कर रहा है, जो सीपीआई(एम) पर विभाजनकारी राजनीति करने का आरोप लगा रहा है।
प्रचार वाहन से प्रसारित इस घोषणा की व्यापक आलोचना हुई है, जिसमें प्रतिद्वंद्वी समूहों को धर्म आधारित लामबंदी करते हुए दिखाने की कोशिश की गई।
इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) के वरिष्ठ नेता टीटी इस्माइल ने इसे “दुर्भाग्यपूर्ण” बताया। उन्होंने कहा कि सीपीआई(एम) जहां “सोशल इंजीनियरिंग” की बात करती है, वहीं पेरम्ब्रा में जो हुआ है, वह “सिर्फ सांप्रदायिक इंजीनियरिंग” है।
उन्होंने संकेत दिया कि यूडीएफ के पास इस अभियान सामग्री की उत्पत्ति और क्रियान्वयन से जुड़े ठोस सबूत हैं लेकिन मामला आधिकारिक शिकायत के अधीन होने के कारण उन्हें अभी सार्वजनिक नहीं किया गया है।
यूडीएफ उम्मीदवार फातिमा थाहलिया ने भी आरोपों को दोहराते हुए कहा कि अब यह स्पष्ट हो गया है कि जिस वाहन से घोषणा की गई, वह लेफ्ट के पंजीकृत प्रचार बेड़े का हिस्सा है।
उन्होंने कहा, “यह एक रिकॉर्ड किया गया संदेश था। इसे पहले लिखा गया होगा और फिर रिकॉर्ड किया गया। इससे साफ है कि यह पूरी तरह से योजनाबद्ध था।”
थाहलिया ने सीपीआई(एम) पर अपना रुख बदलने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा, “शुरुआत में उन्होंने किसी भी संबंध से इनकार किया और कहा कि वाहन उनका नहीं है लेकिन अब सच्चाई सामने आ गई है कि वह उनका ही है।”
चुनाव आयोग द्वारा हस्तक्षेप कर स्पष्टीकरण मांगे जाने के बाद यह विवाद और गहरा गया है, जिससे पेरम्ब्रा में राजनीतिक मुकाबला और तेज हो गया है। यह क्षेत्र एक प्रमुख चुनावी रणभूमि बनता जा रहा है।
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