कोलकाता, 27 मई (आईएएनएस)। कोलकाता नगर निगम (केएमसी) ने तृणमूल कांग्रेस के महासचिव और लोकसभा सांसद अभिषेक बनर्जी से जुड़ी एक कंपनी के नाम पर पंजीकृत इमारत की ‘एलिवेशन कॉपी’ मांगी है। इस कॉपी को दक्षिण कोलकाता के हरीश मुखर्जी रोड स्थित उस संपत्ति के संबंध में केएमसी द्वारा पहले दिए गए नोटिस के जवाब के साथ संलग्न करना होगा।
दक्षिण कोलकाता के 188ए हरीश मुखर्जी रोड स्थित इमारत पूर्व मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस की सुप्रीमो ममता बनर्जी के आवास के निकट है। लीप्स एंड बाउंड्स प्राइवेट लिमिटेड नामक एक कॉर्पोरेट संस्था के नाम पर पंजीकृत है, लेकिन इसका उपयोग अभिषेक बनर्जी के आवास के रूप में किया जाता था। इमारत का नाम “शांतिनिकेतन” है।
केएमसी अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि नोटिस का केवल जवाब देना पर्याप्त नहीं होगा। दावों को प्रमाणित करने के लिए जवाब के साथ उसी इमारत की “एलिवेशन कॉपी” संलग्न करनी होगी। अधिकारियों ने कहा कि उक्त इमारत की मूल संरचना में किए गए बदलावों और परिवर्धनों का विवरण भी उस “एलिवेशन कॉपी” में स्पष्ट रूप से दर्शाया जाना चाहिए।
“एलिवेशन कॉपी” से तात्पर्य आमतौर पर भवन निर्माण में उपयोग किए जाने वाले वास्तुशिल्पीय एलिवेशन रेखाचित्रों से है। ये 2डी, स्केल किए गए ऑर्थोग्राफिक प्रोजेक्शन होते हैं, जो किसी संरचना के 3डी को दर्शाते हैं, जिनमें दीवारों, छतों, दरवाजों, खिड़कियों और बाहरी सामग्रियों जैसी विशेषताओं को एक विशिष्ट दिशा से देखा जाता है।
केएमसी ने अभिषेक बनर्जी के स्वामित्व वाली या सह-स्वामित्व वाली 17 संपत्तियों को नोटिस भेजे थे। सूत्रों ने बताया कि ‘शांतिनिकेतन’ की तरह, अन्य संपत्तियों के लिए भी केएमसी नोटिस के जवाब के साथ एलिवेशन कॉपी प्रदान करनी होगी।
जानकारी मिली है कि निर्माण डिजाइन की मंजूरी प्राप्त करते समय, निर्माण स्थल का चित्र या रेखाचित्र और वहां किए जा रहे कार्य का विवरण आवेदन के साथ जमा करना होता है, जो कि केएमसी भवन नियम, 2009 के तहत अनिवार्य है।
दस्तावेजों की एक प्रति भवन विभाग के पास रखी जाती है और दूसरी आवेदक के पास रहती है। यह डिज़ाइन एक विशेष प्रकार के नीले कागज पर बनाया जाता है। यह प्रति केएमसी के लिए निगम के अधिकार क्षेत्र में आने वाले किसी भी स्थान पर अवैध निर्माणों की जानकारी प्राप्त करने के सबसे महत्वपूर्ण साधनों में से एक है।
2011 में पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस सरकार के सत्ता में आने के बाद सीपीआई (एम), कांग्रेस और भाजपा ने बनर्जी परिवार के विभिन्न सदस्यों के नाम पर बड़ी संख्या में संपत्तियों के पंजीकरण को लेकर मुखर रहे हैं। हालांकि, उस समय ममता बनर्जी ने इन आरोपों को विपक्ष द्वारा कीचड़ उछालने का प्रयास बताकर खारिज कर दिया था।
–आईएएनएस
ओपी/पीएम
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