ओडिशा के मुख्यमंत्री ने जगन्नाथ मंदिर के लिए ‘समर्पण’ डिजिटल हुंडी का शुभारंभ किया

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भुवनेश्वर, 15 जुलाई (आईएएनएस)। ओडिशा सरकार ने विश्व भर में भगवान जगन्नाथ के भक्तों के लिए डिजिटल सेवाओं को बेहतर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण मांझी ने बुधवार को ‘समर्पण’ नामक एक सुरक्षित डिजिटल हुंडी प्लेटफॉर्म का शुभारंभ किया। यह प्लेटफॉर्म भक्तों को दुनिया में कहीं से भी श्री जगन्नाथ मंदिर में ऑनलाइन दान करने में सक्षम बनाता है। इस प्लेटफॉर्म का उद्घाटन पुरी स्थित श्री जगन्नाथ मंदिर प्रशासन (एसजेटीए) के कार्यालय में गुरुवार से शुरू होने वाली वार्षिक रथ यात्रा की पूर्व संध्या पर किया गया। यह ऐतिहासिक पहल राज्य…

भुवनेश्वर, 15 जुलाई (आईएएनएस)। ओडिशा सरकार ने विश्व भर में भगवान जगन्नाथ के भक्तों के लिए डिजिटल सेवाओं को बेहतर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण मांझी ने बुधवार को ‘समर्पण’ नामक एक सुरक्षित डिजिटल हुंडी प्लेटफॉर्म का शुभारंभ किया। यह प्लेटफॉर्म भक्तों को दुनिया में कहीं से भी श्री जगन्नाथ मंदिर में ऑनलाइन दान करने में सक्षम बनाता है।

इस प्लेटफॉर्म का उद्घाटन पुरी स्थित श्री जगन्नाथ मंदिर प्रशासन (एसजेटीए) के कार्यालय में गुरुवार से शुरू होने वाली वार्षिक रथ यात्रा की पूर्व संध्या पर किया गया।

यह ऐतिहासिक पहल राज्य के इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के अंतर्गत ओडिशा कंप्यूटर एप्लीकेशन सेंटर (ओसीएसी) और एसजेटीए द्वारा संयुक्त रूप से विकसित की गई है। एक आधिकारिक बयान के अनुसार, ओसीएसी द्वारा विकसित यह सुरक्षित डिजिटल प्लेटफॉर्म एसजेटीए के आधिकारिक पोर्टल के साथ एकीकृत है, जिससे भक्त पूर्ण सुरक्षा और पारदर्शिता के साथ दान कर सकते हैं।

इस अवसर पर बोलते हुए मुख्यमंत्री मांझी ने कहा कि डिजिटल हुंडी-समर्पण मात्र एक प्रौद्योगिकी-आधारित सुधार नहीं है। यह एक पवित्र और पारदर्शी सेतु है जो विश्वभर में लाखों जगन्नाथ भक्तों की भक्ति और समर्पण को श्री जगन्नाथ मंदिर से जोड़ता है।

उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह पहल भगवान जगन्नाथ की समृद्ध परंपराओं को संरक्षित करने और श्री जगन्नाथ मंदिर के समग्र विकास को बढ़ावा देने में एक मील का पत्थर साबित होगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य विश्वभर के भक्तों को श्री जगन्नाथ मंदिर से जोड़ना है। उन्होंने कहा कि इस प्लेटफॉर्म के माध्यम से प्राप्त दान का उपयोग मंदिर के विकास और रखरखाव के लिए किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि यह प्रणाली बेहद सरल, पारदर्शी और उपयोगकर्ता के अनुकूल है, जिससे भारत और विदेश में रहने वाले लाखों जगन्नाथ भक्त अपने घरों में आराम से भगवान जगन्नाथ को अपना दान दे सकेंगे। राज्य सरकार के सीधे मार्गदर्शन में, इस प्रौद्योगिकी-आधारित पहल के तहत एक समर्पित वेब पोर्टल और एक मोबाइल एप्लिकेशन विकसित किए गए हैं।

–आईएएनएस

एमएस/

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