Aaj Ka Panchang 15 July 2026: आज, 15 जुलाई 2026, बुधवार से आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि का आरंभ माना जा रहा है। पंचांग के अनुसार, आज पुष्य नक्षत्र और हर्षण योग का विशेष संयोग बन रहा है। साथ ही चंद्रमा कर्क राशि में गोचर करेंगे, जिसके स्वामी स्वयं चंद्रदेव हैं। धार्मिक दृष्टि से यह दिन पूजा-पाठ, शुभ कार्यों और नए कार्यों की शुरुआत के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। यदि आप आज कोई मांगलिक कार्य करने की योजना बना रहे हैं, तो पहले दिन के शुभ और अशुभ समय की जानकारी अवश्य जान लें।
15 जुलाई 2026 का पंचांग
विक्रम संवत: 2083, सिद्धार्थि
शक संवत: 1948, पराभव
पूर्णिमांत मास: आषाढ़
अमांत मास: ज्येष्ठ
तिथि
शुक्ल पक्ष प्रतिपदा – सुबह 11:50 बजे तक
नक्षत्र
पुष्य नक्षत्र – रात 09:46 बजे तक
योग
हर्षण योग – सुबह 08:04 बजे तक
सूर्य और चंद्रमा का समय
सूर्योदय: सुबह 05:33 बजे
सूर्यास्त: शाम 07:21 बजे
चंद्रोदय: सुबह 06:20 बजे
चंद्रास्त: शाम 07:32 बजे
15 जुलाई का अशुभ समय
आज किसी भी नए या महत्वपूर्ण कार्य की शुरुआत करने से पहले अशुभ काल का ध्यान रखना शुभ माना जाता है।
राहुकाल: दोपहर 12:27 बजे से 02:10 बजे तक
यमगण्ड: सुबह 07:17 बजे से 09:00 बजे तक
कुलिक काल: सुबह 10:44 बजे से दोपहर 12:27 बजे तक
दुर्मुहूर्त: सुबह 11:59 बजे से दोपहर 12:55 बजे तक
वर्ज्यम्: सुबह 07:22 बजे से 08:48 बजे तक
15 जुलाई का शुभ समय
धार्मिक अनुष्ठान, पूजा-पाठ, जप-तप और शुभ कार्यों के लिए निम्नलिखित समय को अनुकूल माना गया है।
अमृत काल: शाम 04:00 बजे से 05:27 बजे तक
ब्रह्म मुहूर्त: प्रातः 04:12 बजे से 04:52 बजे तक
आज का धार्मिक महत्व
आषाढ़ शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा से नए पक्ष का आरंभ होता है, जिसे धार्मिक कार्यों के लिए शुभ माना जाता है। आज का दिन भगवान विष्णु और चंद्रदेव की उपासना के लिए विशेष फलदायी माना गया है। पुष्य नक्षत्र को सबसे शुभ नक्षत्रों में से एक माना जाता है, इसलिए इस नक्षत्र में किए गए कई मांगलिक कार्यों का विशेष महत्व बताया गया है।
हालांकि, दिन की शुरुआत में हर्षण योग रहेगा, इसलिए शुभ कार्यों के लिए समय का चयन पंचांग के अनुसार करना बेहतर रहेगा। राहुकाल, यमगण्ड, कुलिक काल और दुर्मुहूर्त के दौरान नए कार्यों की शुरुआत करने से बचने की सलाह दी जाती है। वहीं ब्रह्म मुहूर्त और अमृत काल में पूजा, ध्यान, मंत्र जाप और अन्य धार्मिक कार्य करना शुभ और फलदायी माना जाता है।























