PoK में हालात बेकाबू, सेना की फायरिंग में 6 की मौत, प्रदर्शनकारियों ने भारत के सामने फैलाया मदद का हाथ

Pakistan Occupied Kashmir Clashes ( credit social media)

Pakistan Occupied Kashmir Clashes: पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में इन दिनों  हालात लगातार तनावपूर्ण बने हुए है। इस बीच आज यानी मंगलवार को रावलकोट शहर में पाकिस्तानी सुरक्षा बलों और स्थानीय लोगों के बीच एक बार फिर झड़प हुई।  इस दौरान  रावलकोट के नए बस टर्मिनल के पास  सुरक्षा बलों और  प्रदर्शन कर रहे लोगों के बीच झड़प शुरू हो गई। इस दौरान सुरक्षा बलों की तरफ से  गोलीबारी में  6 लोगों की जान चली गई।

  • रावलकोट फायरिंग में 6 की मौत
  • PoK में पाकिस्तान के खिलाफ गुस्सा
  • प्रदर्शनकरियों ने भारत से की मदद की अपील 

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, मृतकों में जाहिद मुगल, जफर मुगल, अर्सलान अकबर और वाजिद हयात समेत अन्य लोग शामिल हैं। बता दें कि वाजिद हयात की मौत मटियाल मीरा बस टर्मिनल के पास हुई। इस घटना के बाद पूरे क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है तथा लोग पाकिस्तान सरकार के खिलाफ नाराजगी जाहिर कर रहे हैं। वहीं इस पूरे मामले पर भारत ने भी कड़ा विरोध जताया है।

अमेरिका में भी उठी PoK के लोगों की आवाज

बता दें, कि रावलकोट में हुई घटना से  एक दिन पहले अमेरिका की राजधानी वॉशिंगटन में POK से जुड़े लोगों ने व्हाइट हाउस के बाहर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में महिलाओं, बच्चों और समुदाय के कई प्रतिनिधियों समेत करीब 100 लोग शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि PoK में मानवाधिकारों का उल्लंघन हो रहा है और वहां के लोगों को लगातार परेशान किया जा रहा है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से इस मुद्दे पर ध्यान देने और जरूरी कदम उठाने की मांग की।

इस बीच प्रदर्शन के दौरान लोगों ने मांग की कि पाकिस्तानी सेना को नागरिक क्षेत्रों से हटाया जाए। उनके अनुसार, आम लोगों पर बल प्रयोग की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं, जिससे लोगों में डर का माहौल है। प्रदर्शनकारियों ने यह भी कहा कि निर्दोष नागरिकों के खिलाफ कथित कार्रवाई की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और जिम्मेदार लोगों पर कड़ा एक्शन लिया जाना चाहिए।

भारत से मानवीय मदद की अपील

इसके अलावा, प्रदर्शन में शामिल लोगों ने लंबे समय से इंटरनेट सेवा बंद रहने का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने दावा किया कि इंटरनेट बंद होने की के कारण  करीब 40 लाख लोग बाहरी दुनिया से कॉन्टेक्ट नहीं कर पा रहे हैं।  वहीं  संचार सेवाएं प्रभावित होने से लोगों को जरूरी जानकारी और सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं, जिससे आम जीवन पर भी बुरा असर पड़ रहा है।

स्थानीय लोगों ने भारत से मानवीय आधार पर मदद की गुहार लगाई है। उनके अनुसार,  प्रभावित लोगों तक राहत सामग्री पहुंचाने के लिए नियंत्रण रेखा (LoC) के पुंछ और डोडा सेक्टर के रास्ते खोले जाने चाहिए। प्रदर्शनकारियों का मानना है कि इससे जरूरतमंद लोगों तक दवाइयां, खाद्य सामग्री और अन्य जरूरी सहायता पहुंचाई जा सकती है।

पाकिस्तान पर बरसा भारत

वहीं इस पूरे मामले पर भारत के विदेश मंत्रालय का बयान सामने आया है।  विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर में हो रहे विरोध प्रदर्शन वहां के लोगों के लंबे समय से चले आ रहे असंतोष का नतीजा है।

उन्होंने कहा कि ये हालात  सालों  से जारी कथित शोषण, लोगों को उनके बुनियादी अधिकारों से वंचित रखने और प्रशासनिक दबाव का नतीजा है। भारत ने एक बार फिर पाकिस्तान की नीतियों की आलोचना करते हुए कहा कि वहां के लोगों की समस्याओं को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

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