पटना, 2 नवंबर (आईएएनएस)। बिहार पुलिस और एसटीएफ ने अवैध हथियारों और गोला-बारूद की तस्करी पर बड़ी कार्रवाई की है। बिहार पुलिस और विशेष कार्य बल (एसटीएफ) की संयुक्त टीम ने सोमवार को भोजपुर जिले में तीन कथित तस्करों को गिरफ्तार किया और 19,000 से अधिक राउंड गोला-बारूद जब्त किया।
यह अभियान कोइलवार थाना क्षेत्र के अंतर्गत मनभवन मोड़ के पास चलाया गया।
आरोपी, सरस कुमार, ललतू कुमार और चंदन तिवारी, टाटा सफारी एसयूवी में यात्रा कर रहे थे जब पुलिस ने वाहन को रोका।
तलाशी के दौरान, अधिकारियों ने 7.65 मिमी कैलिबर के 19,000 से अधिक राउंड गोला-बारूद और एक भरी हुई पिस्तौल बरामद की।
गिरफ्तार किए गए तीन संदिग्धों में से सरस कुमार और ललतू कुमार मुजफ्फरपुर जिले के रहने वाले हैं, जबकि तीसरा आरोपी चंदन तिवारी सिवान जिले का है।
गिरफ्तार किए गए तीन संदिग्धों में से सरस कुमार और ललतू कुमार मुजफ्फरपुर जिले के रहने वाले हैं, जबकि तीसरा आरोपी चंदन तिवारी सिवान जिले का है।
पुलिस अधिकारी के अनुसार, प्रारंभिक जांच से पता चलता है कि गोला-बारूद पश्चिमी उत्तर प्रदेश से लाया गया था और इसे उत्तरी बिहार के विभिन्न हिस्सों, विशेष रूप से मुजफ्फरपुर में वितरित किया जाना था।
पुलिस को खुफिया जानकारी मिली थी कि तस्करों का एक गिरोह अवैध गोला-बारूद की भारी खेप लेकर एक वाहन में बिहार में प्रवेश करने की योजना बना रहा है।
सूचना मिलने पर पुलिस और एसटीएफ कर्मियों ने निगरानी शुरू कर दी।
बताया जा रहा है कि संदिग्धों ने रात वाराणसी में बिताई। सोमवार सुबह वाहन के बिहार में प्रवेश करने की सूचना मिलने पर सुरक्षाकर्मियों ने अपनी सतर्कता बढ़ा दी और उसे रोकने के लिए एक संयुक्त दल तैनात किया।
जब सफारी एसयूवी मनभवन मोड़ पर पहुंची, तो पुलिस दल ने वाहन को रोक लिया।
आरोप है कि वाहन में सवार लोगों ने भागने का प्रयास किया, जिसके दौरान उनकी एसयूवी पीछे से आ रही टाटा हैरियर और विपरीत दिशा से आ रही टाटा नेक्सन से टकरा गई।
दोनों वाहनों के आगे के हिस्से क्षतिग्रस्त हो गए।
इसके बाद पुलिसकर्मियों ने तीनों सवारों को काबू में कर गिरफ्तार कर लिया।
वाहन की तलाशी लेने पर भारी मात्रा में गोला-बारूद और एक भरी हुई पिस्तौल बरामद हुई।
वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आरोपियों ने पकड़े जाने से बचने के लिए व्यापक सावधानी बरती थी।
बताया जा रहा है कि उनके पास मोबाइल फोन, जीपीएस उपकरण या अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण नहीं थे।
पूछताछ के दौरान, गिरफ्तार लोगों ने कथित तौर पर गोला-बारूद की तस्करी में अपनी संलिप्तता स्वीकार की।
जब्ती के बाद, वरिष्ठ एसटीएफ अधिकारी अंजनी सिंह आरोपियों से पूछताछ करने और नेटवर्क के बारे में आगे की जानकारी जुटाने के लिए पटना से कोइलवार पहुंचे।
पुलिस और एसटीएफ अब गिरफ्तार किए गए लोगों के आपराधिक रिकॉर्ड की जांच कर रहे हैं और तस्करी गिरोह के अन्य सदस्यों की पहचान करने का प्रयास कर रहे हैं।
जांचकर्ता विशेष रूप से इस बात पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं कि गोला-बारूद पश्चिमी उत्तर प्रदेश से बिहार कैसे पहुंचाया गया, इसके परिवहन में किसने मदद की और उत्तरी बिहार में इसके संभावित खरीदार कौन थे।
अवैध गोला-बारूद व्यापार में शामिल आपूर्तिकर्ताओं, बिचौलियों और प्राप्तकर्ताओं की पहचान करने के प्रयास जारी हैं।
–आईएएनएस
एमएस/
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