केरल की जनता बदलाव के मूड में, यूडीएफ के पक्ष में चल रही लहर: शशि थरूर

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तिरुवनंतपुरम, 7 अप्रैल (आईएएनएस)। कांग्रेस नेता शशि थरूर ने मंगलवार को कहा कि केरल के लोग बदलाव चाहते हैं और उन्होंने विश्वास जताया कि राज्य में संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) की सरकार सत्ता में आएगी। शशि थरूर ने केरल के 12 जिलों की 59 विधानसभा सीटों का दौरा करते हुए 17 दिनों का लंबा चुनावी अभियान सफलतापूर्वक पूरा कर लिया। इसके बाद तिरुवनंतपुरम में सांसद थरूर ने कहा कि राजनीतिक स्थिति का आकलन करने पर पता चलता है कि जनता के बीच यूडीएफ को साफ बढ़त हासिल है। उन्होंने कहा, “केरल में यूडीएफ के पक्ष में एक लहर चल रही…

तिरुवनंतपुरम, 7 अप्रैल (आईएएनएस)। कांग्रेस नेता शशि थरूर ने मंगलवार को कहा कि केरल के लोग बदलाव चाहते हैं और उन्होंने विश्वास जताया कि राज्य में संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) की सरकार सत्ता में आएगी।

शशि थरूर ने केरल के 12 जिलों की 59 विधानसभा सीटों का दौरा करते हुए 17 दिनों का लंबा चुनावी अभियान सफलतापूर्वक पूरा कर लिया। इसके बाद तिरुवनंतपुरम में सांसद थरूर ने कहा कि राजनीतिक स्थिति का आकलन करने पर पता चलता है कि जनता के बीच यूडीएफ को साफ बढ़त हासिल है।

उन्होंने कहा, “केरल में यूडीएफ के पक्ष में एक लहर चल रही है। पूरे राज्य में मौजूदा सरकार के खिलाफ एक मजबूत भावना है, और लोग उसे साफ तौर पर बदलाव चाहते हैं। यह निष्कर्ष दक्षिण में परस्सला से लेकर उत्तर में मट्टानूर तक, अलग-अलग इलाकों के लोगों से मिली प्रतिक्रिया के आधार पर निकाला गया है।

थरूर के अनुसार, कई कारणों के मेल ने केरल में बदलाव के लिए एक बड़े जन आंदोलन का रास्ता साफ कर दिया है। इन कारणों में सरकार के प्रति जनता की गहरी नाराजगी, यूडीएफ के भरोसेमंद और सर्वमान्य उम्मीदवार और गठबंधन के भविष्योन्मुखी वादे शामिल हैं।

थरूर ने जनसभाओं, रोड शो, युवाओं की बैठकों, महिला समूहों और विधानसभा स्तर की चर्चाओं के दौरान पाया कि लोग बार-बार एक ऐसी सरकार की जरूरत पर जोर दे रहे थे जो जनता के हितों को सर्वोपरि रखे।

जनता की मुख्य मांगों में एक जवाबदेह प्रशासन, रोजगार के नए अवसर, आर्थिक पुनरुद्धार और सार्वजनिक संस्थाओं में लोगों का विश्वास बहाल करना शामिल था। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि इस चुनावी अभियान में सबसे बुलंद आवाज केरल के युवाओं की रही है।

उन्होंने बताया कि कॉलेजों, शहरों और गांवों में युवाओं ने रोजगार के अवसरों की कमी, कॉलेजों में बढ़ती हिंसा और नशे की लत, तथा शिक्षा और रोजगार के बीच बढ़ती खाई को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की। ये ऐसे कारक हैं जिनके कारण युवाओं में हताशा बढ़ रही है।

थरूर ने यह भी बताया कि यूडीफ के उम्मीदवारों की सूची ने जनता में विश्वास जगाया है। इस सूची में ऐसे नेता शामिल हैं जिनकी जमीनी स्तर पर लोगों से गहरी पकड़ है, जिन्हें स्थानीय स्तर पर स्वीकार्यता हासिल है, और जिनका सार्वजनिक जीवन बेदाग रहा है।

शशि थरूर ने कहा कि इस बात ने चुनावी अभियान और मतदाताओं के बीच भावनात्मक जुड़ाव को और भी मजबूत किया है। उन्होंने आगे कहा कि यूडीएफ के घोषणापत्र को पूरे राज्य में व्यापक स्वीकार्यता मिली है, जिसमें रोजगार सृजन, युवाओं के सशक्तिकरण, कैंपस के पुनरुद्धार, महिलाओं की उन्नति, कल्याणकारी सुरक्षा, आर्थिक विकास और पारदर्शी, जवाबदेह शासन के प्रति स्पष्ट प्रतिबद्धताएं शामिल हैं।

नेय्याट्टिनकारा, नेमोम, कोल्लम, कायमकुलम, कोच्चि, त्रिक्काकारा, अंगमाली, इडुक्की, पुथुपल्ली, कोट्टायम, कोंगड, कैपामंगलम, मलप्पुरम, निलांबुर, कोझिकोड, वडाकारा, पेरावूर और मट्टानूर जैसे राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण निर्वाचन क्षेत्रों को कवर करते हुए थरूर ने कहा कि इस अभियान ने जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा भर दी है, जिससे उन्होंने जिसे ‘राज्यव्यापी यूडीएफ लहर’ बताया है, वह बन रही है।

उन्होंने देकर कहा कि केरल यूडीएफ के पक्ष में एक निर्णायक जनादेश देने के लिए तैयार हो रहा है।

–आईएएनएस

एएसएच/वीसी

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