नई दिल्ली, 5 जुलाई (आईएएनएस)। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने शनिवार को भारतीय खिलौना उद्योग से अगले चार वर्षों में खिलौनों के निर्यात को 10 गुना बढ़ाने का लक्ष्य तय करने का आह्वान किया है। उन्होंने उद्योग को भरोसा दिलाया कि सरकार खिलौनों पर लागू अनिवार्य क्वालिटी कंट्रोल ऑर्डर (क्यूसीओ) को वापस नहीं लेगी और घरेलू उद्योग को सस्ते विदेशी आयात (डंपिंग) से भी पूरी सुरक्षा प्रदान करेगी।
17वें टॉय बिज इंटरनेशनल बी2बी एक्सपो 2026 को संबोधित करते हुए पीयूष गोयल ने कहा कि दुनिया का खिलौना बाजार करीब 120 अरब डॉलर का है, लेकिन इसमें भारत की हिस्सेदारी केवल 0.2 से 0.3 प्रतिशत के बीच है। उन्होंने कहा कि भारत के लिए यह बड़ा अवसर है और देश को वैश्विक बाजार में कहीं अधिक हिस्सेदारी हासिल करनी चाहिए।
केंद्रीय मंत्री ने आगे कहा कि पिछले चार वर्षों में भारत के खिलौना निर्यात में 239 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है, लेकिन उद्योग को इससे संतुष्ट नहीं होना चाहिए, बल्कि अगले चार वर्षों में मौजूदा स्तर से 10 गुना निर्यात बढ़ाने का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ना चाहिए।
उन्होंने कहा कि भारतीय खिलौना निर्माता अब केवल घरेलू बाजार तक सीमित न रहें, बल्कि वैश्विक स्तर पर अपनी मजबूत पहचान बनाएं।
पीयूष गोयल ने उद्योग जगत से भारत द्वारा हाल के वर्षों में किए गए मुक्त व्यापार समझौतों (एफटीए) का अधिकतम लाभ उठाने की अपील की। उन्होंने बताया कि पिछले साढ़े तीन वर्षों में भारत 9 मुक्त व्यापार समझौते कर चुका है, जिससे भारतीय कंपनियों के लिए विकसित देशों के बाजारों तक पहुंच आसान हुई है।
उन्होंने कहा कि उद्योग को इन समझौतों के दायरे में आने वाले 38 देशों में अपने प्रतिनिधिमंडल भेजने चाहिए और वहां के स्थानीय उद्योगों, सुपरमार्केट शृंखलाओं तथा ई-कॉमर्स कंपनियों के साथ साझेदारी विकसित करनी चाहिए, ताकि भारतीय खिलौने दुनिया भर के बाजारों तक पहुंच सकें।
गोयल ने कहा कि भारतीय खिलौना उद्योग को अत्याधुनिक मशीनरी अपनानी चाहिए और उत्पादों की गुणवत्ता को सर्वोच्च प्राथमिकता देनी चाहिए। उन्होंने सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल पर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित करने का सुझाव भी दिया, जहां उत्पाद परीक्षण, डिजाइन विकास और नवाचार जैसी सुविधाएं उपलब्ध हों।
उनका कहना था कि उच्च गुणवत्ता वाले उत्पाद ही भारतीय खिलौनों को वैश्विक बाजार में प्रतिस्पर्धी बनाएंगे।
क्वालिटी कंट्रोल ऑर्डर (क्यूसीओ) को लेकर उद्योग की चिंताओं पर स्पष्ट संदेश देते हुए पीयूष गोयल ने कहा कि सरकार इस व्यवस्था को समाप्त नहीं करेगी।
उन्होंने कहा, “जब तक मैं हूं, कोई भी क्यूसीओ को नहीं हटाएगा। क्यूसीओ लागू रहेगा और सरकार किसी भी देश से होने वाली अनुचित डंपिंग से भारतीय उद्योग की रक्षा करेगी।”
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि हाल ही में लागू किया गया ट्रांजिशन फैसिलिटेशन (क्वालिटी कंट्रोल) ऑर्डर, 2026 केवल उद्योग को सीमित अवधि के लिए उत्पादन और निवेश बढ़ाने में सुविधा देने के उद्देश्य से लाया गया है। इसका उद्देश्य गुणवत्ता मानकों में किसी भी प्रकार की ढील देना नहीं है।
कुछ उद्योग संगठनों द्वारा क्यूसीओ हटाने की मांग पर प्रतिक्रिया देते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि विदेशी कंपनियों की सफलता का कारण केवल उनकी गुणवत्ता है, न कि कोई विशेष उत्पाद लाभ। इसलिए भारतीय उद्योग को भी गुणवत्ता के उच्चतम मानकों पर काम करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि भारत में टॉयज (क्वालिटी कंट्रोल) ऑर्डर, 2020 के तहत देश में बनने वाले और आयातित सभी खिलौनों के लिए भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) के सुरक्षा मानकों का पालन और आईएसआई मार्क अनिवार्य किया गया है। साथ ही, समय-समय पर इन सुरक्षा मानकों को और अधिक सख्त भी बनाया गया है।
पीयूष गोयल ने बताया कि भारत और न्यूजीलैंड के बीच प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) इसी वर्ष लागू होने की उम्मीद है। इसके अलावा कनाडा, गल्फ कोऑपरेशन काउंसिल (जीसीसी), मेक्सिको और ब्राजील के साथ भी व्यापार समझौतों पर बातचीत तेजी से चल रही है।
उन्होंने कहा कि इन समझौतों के लागू होने से भारतीय खिलौना उद्योग को नए अंतरराष्ट्रीय बाजार मिलेंगे और देश का निर्यात तेजी से बढ़ाने में मदद मिलेगी।
–आईएएनएस
डीबीपी
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