दिवाली से पहले योगी सरकार का किसानों को बड़ा तोहफा! आपदा में मौत पर अब मिलेंगे ₹8 लाख, जानें नए नियम

Summary :

दिवाली से पहले योगी सरकार ने किसानों और आपदा प्रभावित परिवारों के लिए राहत का ऐलान किया है। प्राकृतिक आपदा में मौत पर मिलने वाली आर्थिक सहायता ₹4 लाख से बढ़ाकर ₹8 लाख की गई। जानें पूरी जानकारी।

दिवाली से पहले यूपी के मुखिया योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के किसानों को लेकर बड़ा ऐलान किया है। सीएम योगी ने किसानों और आपदा प्रभावित परिवारों के लिए एक अहम घोषणा की है। उन्होंने प्राकृतिक आपदा में मौत पर मिलने वाली आर्थिक सहायता को चार लाख से बढ़ाकर आठ लाख करने की घोषणा की है। तो चलिए जानते है मुख्यमंत्री योगी की इस योजना का लाभ किसे मिल सकता है, और कैसे? इस रिपोर्ट में आपको इस योजना से जुड़ी हर एक जानकारी मिलेगी।

किसानों को 30% ज्यादा मुआवजा!

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बता दें कि यूपी में आपदा में मरने वाले परिवारों को अब दोगुनी राहत राशि मिलेगी। योगी सरकार ने प्राकृतिक आपदा राहत और किसान मुआवजे से जुड़े नियमों में बड़ा बदलाव किया है। सीएम योगी ने राहत राशि को 4 लाख से बढ़ाकार 8 लाख कर दिया है। यह ऐलान फेस्टिवल सीजन में किया गया है। इतना ही नहीं सीएम योगी ने प्रदेश के किसानों के नुकसान पर मिलने वाली मुआवजा राशि में 25 से 30 फीसदी बढ़ाने का भी ऐलान किया है। इससे राज्य के 10 लाख किसानों को फायदा होगा। इसके तहत, 1 अप्रैल से 4 नवंबर 2026 के बीच हुए नुकसान की भरपाई सरकारी फंड से की जाएगी।

यूपी सरकार की आपदा राहत योजना क्या है?

 

उत्तर प्रदेश में योगी सरकार की प्राकृतिक आपदा राहत योजना के तहत, बाढ़, आंधी-तूफान और आकाशीय बिजली जैसी आपदाओं से प्रभावित लोगों को आर्थिक सहायता दी जाती है। प्रदेश सरकार की एक नई घोषणा के अनुसार, किसी आपदा में जान गंवाने वाले व्यक्ति के परिवार को 8 लाख रुपये की सहायता राशि दी जाएगी। इसके अलावा, फसल के नुकसान के लिए किसानों को दिए जाने वाले मुआवजे में 25 से 30 प्रतिशत भी बढ़ा दी गई है।

इस योजना का लाभ लेने के लिए क्या करना होगा?

 

बता दें कि उत्तर प्रदेश सरकार की प्राकृतिक आपदा राहत योजना का लाभ उठाने के लिए, प्रभावित परिवारों या किसानों को अपने जिले के तहसील कार्यालय से संपर्क करना होगा। प्राकृतिक आपदा की वजह से किसी की मृत्यु होने पर, परिवार मृत्यु प्रमाण पत्र, आधार कार्ड, बैंक का डिटेल्स और घटना की रिपोर्ट जैसे जरूरी डाक्यूमेंट्स जमा कर सकता है। इसी तरह, फसल खराब होने की स्थिति में, किसानों को इस नुकसान की जानकारी लेखपाल या तहसील कार्यालय को देनी होगी। इसके बाद, अधिकारी खेतों का निरीक्षण करेंगे ताकि नुकसान कितना हुआ इसका पता लगाया जा सके। नुकसान की पुष्टि होने पर, राहत राशि सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में भेजी जाएगी।

 

Shivangi Shandilya

शिवांगी शांडिल्य पत्रकारिता में पिछले 2 वर्षों से सक्रिय हैं। राजनीति, विदेश, क्राइम के अलावा आद्यात्मिक खबरें लिखना पसंद हैं। गलगोटिया विश्वविद्यालय से बैचलर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई पूरी की है। IGNOU से मास्टर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई जारी है। इस दौर में वेबसाइट पर लिखने का कार्य जारी है। पत्रकारिता की शुरुआत इंडिया न्यूज़ (इनखबर) से हुई, जहां बत्तौर हिन्दी सब-एडिटर के रूप में वेबसाइट पर काम किया। वर्तमान में पंजाब केसरी दिल्ली में हिन्दी सब-एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं। बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में जन्म लेने वाली शिवांगी की शिक्षा उनके गृह जिले में ही हुई है। शिवांगी को राजनीतिक घटनाक्रम पर आलेख लिखना बेहद पसंद है।