तिरुवनंतपुरम, 9 अप्रैल (आईएएनएस)। 23 दिनों के जोरदार चुनाव प्रचार अभियान के बाद केरल में गुरुवार को निर्णायक दिन आ गया, जहां लगभग 2.71 करोड़ मतदाता यह तय करेंगे कि राज्य पर कौन शासन करेगा। मतदान सुबह 7 बजे शुरू हुआ। नेमोम के बहुचर्चित निर्वाचन क्षेत्र के मतदाता सुपरस्टार मोहनलाल सुबह करीब 6:45 बजे मतदान के लिए कतार में खड़े नजर आए। उनके पास ही मौजूदा सांसद और राज्य शिक्षा मंत्री वी. शिवनकुट्टी और उनके कांग्रेस प्रतिद्वंद्वी के.एस. सबरीनाथन भी मौजूद थे।
राज्य भाजपा अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर शुरुआती मतदानकर्ताओं में शामिल थीं। सीएम पी. विजयन ने भी सुबह ही मतदान केंद्र पर पहुंचकर मतदान किया।
सभी 140 निर्वाचन क्षेत्रों में सुबह होने से पहले ही केरल में मतदान केंद्रों पर मशीनरी हरकत में आ गई थी। सुबह 5:30 बजे तक राज्य के 30,471 मतदान केंद्र सक्रिय हो उठे थे और अधिकारियों ने अनिवार्य मॉक मतदान प्रक्रिया शुरू कर दी थी। सुबह 6:30 बजे तक राज्य भर में लंबी कतारें लगनी शुरू हो गई थीं।
थोडुपुझा से, बुजुर्ग मतदाताओं की लंबी कतारें केरल के मतदाताओं की गहरी नागरिक भागीदारी की झलक दिखा रही थीं, जो इस क्षेत्र की पहचान बन चुकी है।
केंद्रीय मंत्री सुरेश गोपी सुबह 6:30 बजे ही गुरुवायूर के एक मतदान केंद्र पर मतदान के लिए कतार में लग गए, जबकि विपक्ष के नेता वी.डी. सतीशन अपने परिवार के साथ परवूर में मतदान करते नजर आए।
मलप्पुरम जिले के पनाक्कड़ सीएचएमएम एलपी स्कूल में मतदान शुरू होने से पहले लंबी कतारें देखी गईं। तिरुवनंतपुरम में मतदान केंद्रों के बाहर मतदाताओं की लंबी कतारें लग गई थीं। विपक्ष के दल-बदलू दल और यूडीएफ के उम्मीदवार वी. डी. सतीशन ने कोच्चि में मतदान केंद्र पर अपना वोट डाला।
कुन्नूर स्थित स्कूल (बूथ संख्या 193, 194 और 195) में मतदान की व्यवस्था और मॉक पोलिंग का आयोजन किया गया। मतदान शुरू होने से पहले बड़ी संख्या में मतदाता मतदान केंद्रों पर पहुंच गए थे। अलाप्पुझा ब्लॉक पंचायत में मतदाता मतदान करने के लिए पहुंचने लगे हैं। बूथ संख्या 77, 78, 79 और 80 की लाइन में मतदाता खड़े हैं।
वट्टियूरकावु से चुनाव लड़ रही भाजपा उम्मीदवार आर. श्रीलेखा ने अपने 209 मतदान केंद्रों पर व्यस्त कार्यक्रम का हवाला देते हुए जल्दी मतदान किया। उन्होंने कहा, “मुझे नतीजों पर पूरा भरोसा है, जो मतदान के दिन उम्मीदवारों के आत्मविश्वास को दर्शाता है। चुनाव प्रक्रिया का पैमाना बहुत बड़ा है।”
वहीं, मलप्पुरम में आईयूएमएल नेता पी.के. कुन्हालीकुट्टी ने कहा, “इंतजार करें, इस बार यूडीएफ निश्चित रूप से सत्ता में आएगा। सभी संकेत यही बताते हैं कि बहुमत यूडीएफ के पक्ष में है। उन्हें स्पष्ट और निर्णायक बहुमत मिलने की उम्मीद है।”
भीड़ को नियंत्रित करने के लिए चुनिंदा जिलों में अतिरिक्त बूथ स्थापित किए गए हैं, जबकि 352 महिला मतदान केंद्र और दिव्यांगजनों द्वारा संचालित 37 बूथ समावेशी चुनावी प्रयासों को उजागर करते हैं। इसके अतिरिक्त, 884 मॉडल मतदान केंद्र स्थापित किए गए हैं। राज्य भर में 76,000 से अधिक पुलिस कर्मियों को तैनात किया गया है, जिनमें विशेष पुलिस अधिकारी, केंद्रीय बल और पड़ोसी राज्य तमिलनाडु की इकाइयां शामिल हैं।
लगभग 2,500 बूथों को संवेदनशील घोषित किया गया है, जहां निषेधाज्ञा और कड़ी निगरानी व्यवस्था लागू है। केरल में हाल के समय के सबसे चर्चित चुनावों में से एक माने जा रहे इस चुनाव में मतदान हो रहा है और यह दिन न केवल एक लोकतांत्रिक प्रक्रिया है, बल्कि जनता की इच्छा की एक स्पष्ट अभिव्यक्ति भी है।
–आईएएनएस
ओपी/वीसी
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