एलपीजी की जमाखोरी और कालाबाजारी रोकने के लिए छापेमारी जारी: केंद्र सरकार

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नई दिल्ली, 21 मार्च (आईएएनएस)। केंद्र सरकार ने शनिवार को कहा कि एलपीजी की जमाखोरी और कालाबाजारी पर रोक लगाने के लिए कई राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों (यूटी) में लगातार छापेमारी की जा रही है। उत्तर प्रदेश, तेलंगाना और महाराष्ट्र आदि राज्यों में 3,500 से ज्यादा छापेमारी की गई। इस दौरान लगभग 1,400 सिलेंडर जब्त किए गए। पेट्रोलियम मंत्रालय ने कहा कि सभी राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों की सरकारों से अनुरोध है कि वे नियमित रूप से छापेमारी करें, ताकि कालाबाजारी और जमाखोरी को रोका जा सके। मंत्रालय ने आगे बताया कि पीएसयू तेल विपणन कंपनियों (ओएमसी) के अधिकारियों ने…

नई दिल्ली, 21 मार्च (आईएएनएस)। केंद्र सरकार ने शनिवार को कहा कि एलपीजी की जमाखोरी और कालाबाजारी पर रोक लगाने के लिए कई राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों (यूटी) में लगातार छापेमारी की जा रही है।

उत्तर प्रदेश, तेलंगाना और महाराष्ट्र आदि राज्यों में 3,500 से ज्यादा छापेमारी की गई। इस दौरान लगभग 1,400 सिलेंडर जब्त किए गए।

पेट्रोलियम मंत्रालय ने कहा कि सभी राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों की सरकारों से अनुरोध है कि वे नियमित रूप से छापेमारी करें, ताकि कालाबाजारी और जमाखोरी को रोका जा सके। मंत्रालय ने आगे बताया कि पीएसयू तेल विपणन कंपनियों (ओएमसी) के अधिकारियों ने देश भर में 2 हजार से अधिक खुदरा दुकानों और एलपीजी वितरक केंद्रों पर अचानक निरीक्षण किए हैं, ताकि आपूर्ति सुचारू रूप से चलती रहे और जमाखोरी/कालाबाजारी के किसी भी मामले की जांच की जा सके।

युद्ध जैसी स्थिति होने के बावजूद, सरकार ने घरेलू एनपीजी और पीएनजी को सबसे ज्यादा प्राथमिकता दी है। साथ ही, अस्पतालों और शिक्षण संस्थानों को भी उच्च प्राथमिकता दी है। मंत्रालय ने बताया कि सरकार ने आपूर्ति और मांग, दोनों ही पक्षों पर कई तर्कसंगत उपाय पहले ही लागू कर दिए हैं। इनमें रिफाइनरी उत्पादन बढ़ाना, शहरी इलाकों में बुकिंग का अंतराल 21 से बढ़ाकर 25 दिन और ग्रामीण इलाकों में 45 दिन तक करना और आपूर्ति के लिए विभिन्न क्षेत्रों को प्राथमिकता देना शामिल है।

एलपीजी की मांग पर दबाव कम करने के लिए मिट्टी का तेल (केरोसिन) और कोयला जैसे वैकल्पिक ईंधन के विकल्प भी उपलब्ध कराए गए हैं। सभी राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को उनकी नियमित हिस्सेदारी के अलावा, 48 हजार किलोलीटर मिट्टी के तेल का अतिरिक्त आवंटन किया गया है।

राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों से अनुरोध किया गया है कि वे अपने-अपने जिलों में मिट्टी के तेल के वितरण के लिए उपयुक्त स्थानों की पहचान करें। विशेष रूप से कोयला मंत्रालय ने ‘कोल इंडिया’ और ‘सिंगरेनी कोलियरीज’ को पहले ही आदेश जारी कर दिया है कि वे राज्यों को कोयले की अधिक मात्रा आवंटित करें, ताकि छोटे, मध्यम और अन्य उपभोक्ताओं तक कोयले का वितरण सुनिश्चित किया जा सके।

राज्यों को सलाह दी गई है कि वे घरेलू और व्यावसायिक, दोनों तरह के उपभोक्ताओं के लिए नए पीएनजी कनेक्शन उपलब्ध कराने की प्रक्रिया को आसान बनाएं। इस प्रक्रिया को और अधिक सुगम और त्वरित बनाने के उद्देश्य से राज्यों के लिए व्यावसायिक एलपीजी के 10 प्रतिशत अतिरिक्त आवंटन का प्रस्ताव भी रखा गया है।

आधिकारिक बयान में कहा गया कि सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठा रही है कि घरों तक एलपीजी सिलेंडरों की आपूर्ति और डिलीवरी बिना किसी रुकावट के होती रहे। नागरिकों को सलाह दी जाती है कि वे केवल आधिकारिक स्रोतों पर ही भरोसा करें और अफवाहों से बचें। नागरिकों से अनुरोध है कि वे घबराहट में आकर बुकिंग न करें, एलपीजी बुकिंग के लिए डिजिटल माध्यमों का उपयोग करें और वितरक केंद्रों पर जाने से बचें, सिलेंडरों की होम डिलीवरी सुनिश्चित की जा रही है।

–आईएएनएस

पीएसके

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