अयोध्या, 23 जुलाई (आईएएनएस)। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने गुरुवार को अयोध्या स्थित राम मंदिर की नई तस्वीरें जारी कीं। इन तस्वीरों में बड़ी संख्या में श्रद्धालु रामलला के दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए मंदिर पहुंचते दिखाई दे रहे हैं।
ट्रस्ट द्वारा जारी तस्वीरों में श्रद्धालुओं को मंदिर परिसर में प्रवेश करते, रामलला के दर्शन करते और भक्ति भाव के साथ पूरे परिसर में घूमते हुए देखा जा सकता है। मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की लगातार मौजूदगी आस्था और उत्साह का माहौल दर्शाती है।
ट्रस्ट का कहना है कि मंदिर प्रशासन को लेकर हाल के दिनों में उठे विवादों और आरोपों के बावजूद श्रद्धालुओं की संख्या में कोई कमी नहीं आई है। लगातार बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं का पहुंचना भगवान राम के प्रति उनकी अटूट आस्था का प्रमाण है।
इन तस्वीरों के जारी होने से एक दिन पहले ट्रस्ट ने भी स्पष्ट किया था कि राम मंदिर में दर्शनार्थियों का प्रवाह पूरी तरह सामान्य बना हुआ है।
बुधवार को आयोजित प्रेस वार्ता में ट्रस्ट के अंतरिम महासचिव कृष्ण मोहन ने कहा था कि “प्रचार और बढ़ा-चढ़ाकर लगाए गए आरोपों के बावजूद श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में कोई कमी नहीं आई है। यह करोड़ों राम भक्तों की अटूट आस्था का प्रमाण है।”
ट्रस्ट ने अपने आधिकारिक बयान में भी कहा कि निरंतर आ रहे श्रद्धालु इस बात का संकेत हैं कि निराधार, भ्रामक और झूठे आरोपों के बावजूद राम भक्तों का विश्वास मंदिर के प्रति पूरी तरह अडिग है।
इस बीच, बुधवार को अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की महत्वपूर्ण बैठक भी आयोजित हुई। बैठक में ट्रस्ट के पहले मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) की नियुक्ति सहित कई प्रशासनिक मुद्दों पर चर्चा की गई।
हालांकि, चयन समिति द्वारा बड़ी संख्या में प्राप्त आवेदनों की विस्तृत जांच के लिए अतिरिक्त समय मांगे जाने पर ट्रस्ट ने सीईओ की नियुक्ति का फैसला करीब एक महीने के लिए टाल दिया। ट्रस्ट के अनुसार, चयन समिति फिलहाल आवेदनों की जांच, पात्रता का सत्यापन और योग्य उम्मीदवारों की शॉर्टलिस्टिंग की प्रक्रिया में जुटी है।
बैठक में ट्रस्ट ने पूर्णकालिक महासचिव की नियुक्ति को भी अंतिम रूप दिया और हालिया दान गबन विवाद के बीच संचार व्यवस्था को मजबूत करने के लिए एक आधिकारिक प्रवक्ता नियुक्त करने का निर्णय लिया।
इसके अलावा, राम मंदिर में पूजा-पद्धति और धार्मिक अनुष्ठानों की पारंपरिक शुद्धता एवं मर्यादा बनाए रखने के उद्देश्य से ट्रस्ट ने धार्मिक समिति का पुनर्गठन करने का भी फैसला किया।
–आईएएनएस
डीएससी
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