तेलंगाना में बड़ी कार्रवाई: विवादों के बीच मंत्री कोंडा सुरेखा कैबिनेट से बर्खास्त, चिन्ना रेड्डी भी पद से हटाए गए

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हैदराबाद, 3 सितंबर (आईएएनएस)। तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने गुरुवार को अनुशासनहीनता के मामले में सख्त कार्रवाई करते हुए वन, पर्यावरण और बंदोबस्ती मंत्री कोंडा सुरेखा को तत्काल प्रभाव से मंत्रिमंडल से हटा दिया। मुख्यमंत्री कार्यालय ने इस संबंध में राज्यपाल को अपनी सिफारिश भी भेज दी है। मुख्यमंत्री ने इसी के साथ तेलंगाना योजना बोर्ड के उपाध्यक्ष डॉ. जी. चिन्ना रेड्डी की नियुक्ति भी तत्काल प्रभाव से रद्द कर दी। उनकी जगह गडवाल विजयलक्ष्मी को योजना बोर्ड का नया उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया है। इसके अलावा, नेरेला शारदा को तेलंगाना राज्य महिला आयोग का अध्यक्ष और पूर्व…

हैदराबाद, 3 सितंबर (आईएएनएस)। तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने गुरुवार को अनुशासनहीनता के मामले में सख्त कार्रवाई करते हुए वन, पर्यावरण और बंदोबस्ती मंत्री कोंडा सुरेखा को तत्काल प्रभाव से मंत्रिमंडल से हटा दिया। मुख्यमंत्री कार्यालय ने इस संबंध में राज्यपाल को अपनी सिफारिश भी भेज दी है।

मुख्यमंत्री ने इसी के साथ तेलंगाना योजना बोर्ड के उपाध्यक्ष डॉ. जी. चिन्ना रेड्डी की नियुक्ति भी तत्काल प्रभाव से रद्द कर दी। उनकी जगह गडवाल विजयलक्ष्मी को योजना बोर्ड का नया उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया है।

इसके अलावा, नेरेला शारदा को तेलंगाना राज्य महिला आयोग का अध्यक्ष और पूर्व राज्यसभा सदस्य जी. सुधा रानी को काकतिया अर्बन डेवलपमेंट अथॉरिटी (कुडा) का अध्यक्ष नियुक्त करने को भी मंजूरी दे दी गई है। सरकार ने इन नियुक्तियों से संबंधित आदेश जारी कर दिए हैं।

कोंडा सुरेखा और चिन्ना रेड्डी पर कार्रवाई कांग्रेस की राज्य अनुशासन समिति की सिफारिश के बाद की गई। पार्टी नेतृत्व ने दोनों के खिलाफ अनुशासनहीनता के आरोपों को गंभीर मानते हुए सख्त कदम उठाने का फैसला किया।

कोंडा सुरेखा अपनी बेटी सुष्मिता के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के खिलाफ दिए गए बयानों के बाद विवादों में घिर गई थीं। उन्हें जारी कारण बताओ नोटिस पर भी उन्होंने आपत्ति जताई थी और कहा था कि बेटी के व्यक्तिगत विचारों के लिए उन्हें जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता।

यह फैसला कांग्रेस महासचिव के.सी. वेणुगोपाल की सोनिया गांधी और राहुल गांधी के साथ हुई अहम बैठक के बाद लिया गया। पिछले तीन दिनों से राज्य कांग्रेस नेतृत्व के साथ लगातार बैठकों का दौर चल रहा था।

बुधवार को मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी, कोंडा सुरेखा और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष महेश कुमार गौड़ ने अलग-अलग पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे से मुलाकात की थी। वहीं, सुरेखा ने कांग्रेस की तेलंगाना प्रभारी मीनाक्षी नटराजन से भी मुलाकात कर अपना पक्ष रखा था।

कोंडा सुरेखा ने कार्रवाई से पहले कहा था कि वह पिछड़ा वर्ग से आती हैं और उनके साथ अलग व्यवहार नहीं होना चाहिए। उन्होंने दावा किया था कि सरकार के अन्य मंत्रियों पर भी गंभीर आरोप हैं, लेकिन उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई। साथ ही उन्होंने कहा था कि मंत्री के रूप में उनका प्रदर्शन अच्छा रहा है और उन पर भ्रष्टाचार का कोई आरोप नहीं है।

–आईएएनएस

डीएससी

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IANS Agency

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