नई दिल्ली, 10 सितंबर (आईएएनएस)। दिल्ली के बिजली मंत्री आशीष सूद ने गुरुवार को अपने ऑफिस में रिटायर्ड आईएएस अधिकारी एससीएल दास को दिल्ली इलेक्ट्रिसिटी रेगुलेटरी कमीशन (डीईआरसी) के चेयरमैन पद की शपथ दिलाई।
इस मौके पर आशीष सूद ने दास को नई जिम्मेदारी संभालने पर बधाई दी और उम्मीद जताई कि उनके लंबे प्रशासनिक अनुभव से दिल्ली के बिजली सेक्टर को बहुत फायदा होगा। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार बिजली सेक्टर में पारदर्शिता, जवाबदेही और कंज्यूमर के हितों की सुरक्षा को सबसे ज्यादा प्राथमिकता देती है।
मंत्री आशीष सूद ने कहा कि दास के लंबे अनुभव और प्रशासनिक विशेषज्ञता से दिल्ली इलेक्ट्रिसिटी रेगुलेटरी कमीशन (डीईआरसी) के कामकाज को और मजबूती मिलेगी और उसकी कार्यक्षमता बढ़ेगी।
डीईआरसी दिल्ली में बिजली सेक्टर को रेगुलेट करने, कंज्यूमर के हितों की रक्षा करने और बिजली वितरण से जुड़े अहम मामलों की देखरेख करने में अहम भूमिका निभाता है।
इससे पहले सूद ने घोषणा की थी कि सरकार ने फैसला किया है कि वित्त वर्ष 2025-26 में 400 यूनिट तक औसत खपत वाले घरेलू कंज्यूमर के लिए 3 किलोवाट तक के रूफटॉप सोलर सिस्टम बिना किसी शुरुआती लागत के लगाए जाएंगे।
शहर भर के घरों तक सोलर पावर पहुंचाने के लिए दिल्ली सोलर एनर्जी पॉलिसी में दूसरा संशोधन करते हुए सरकार ने फैसला किया है कि कंज्यूमर को इंस्टॉलेशन के लिए कोई रकम नहीं देनी होगी।
एक अधिकारी ने बताया कि केंद्र सरकार की ओर से दी जाने वाली 78,000 रुपए की सब्सिडी के साथ-साथ दिल्ली सरकार भी 78,000 रुपए की कैपिटल सब्सिडी देगी। इसके अलावा, दिल्ली सरकार अतिरिक्त टॉप-अप के जरिए सब्सिडी और सोलर प्लांट की टेंडर वाली लागत के बीच के अंतर को भी कवर करेगी।
उन्होंने कहा कि अहम बात यह है कि 200 यूनिट तक बिजली इस्तेमाल करने वाले कंज्यूमर को सोलर सिस्टम लगाने के बाद न सिर्फ सब्सिडी का फायदा मिलता रहेगा, बल्कि वे अपनी बचाई गई बिजली के बदले एनर्जी-सेविंग इंसेंटिव भी कमा सकेंगे।
मुख्यमंत्री ने स्कीम की शुरुआत के मौके पर कहा था कि दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘पीएम सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना’ के विजन को और मजबूत करते हुए सरकार ने एक ऐसा सिस्टम बनाया है जिससे आम घरों के लिए सोलर सिस्टम लगाना आसान हो जाएगा और उन पर बहुत कम या कोई आर्थिक बोझ नहीं पड़ेगा।
–आईएएनएस
एएसएच/डीकेपी
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