आरा, 6 नवंबर (आईएएनएस)। भोजपुर जिले के चर्चित कस्टम विभाग के सेवानिवृत्त असिस्टेंट कमिश्नर राम कुमार सिंह हत्याकांड में शुक्रवार की अलसुबह पुलिस को बड़ी सफलता मिली। बहोरनपुर थाना क्षेत्र के सारंगपुर मोड़ के समीप पुलिस मुठभेड़ में हत्याकांड में शामिल शूटर घायल हो गया। उसके दाहिने पैर में घुटने के नीचे गोली लगी है। पुलिस ने घायल शूटर को इलाज के लिए आरा सदर अस्पताल में भर्ती कराया, जहां डॉक्टरों की देखरेख में उसका इलाज चल रहा है।
मुठभेड़ की सूचना मिलने के बाद भोजपुर एसपी अवधेश दीक्षित मौके पर पहुंचे और पूरे मामले की छानबीन शुरू कर दी। घायल शूटर की पहचान नवादा थाना क्षेत्र के चंदवा हाउसिंग निवासी निर्मल यादव के 22 वर्षीय पुत्र पवन यादव के रूप में हुई है।
मौके पर पहुंचे एसपी अवधेश दीक्षित ने बताया कि राम कुमार सिंह हत्याकांड के मुख्य आरोपी शूटर पवन यादव के साथ पुलिस की मुठभेड़ हुई है। पवन यादव ने पूछताछ के दौरान हत्याकांड में इस्तेमाल किए गए हथियार को छिपाने की जगह के बारे में जानकारी दी थी। इसके बाद पुलिस हथियार की बरामदगी के लिए उसे लेकर मौके पर पहुंची थी। इसी दौरान मौका पाकर पवन यादव ने पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी।
पुलिस की ओर से चेतावनी दिए जाने के बाद भी जब उसने गोलीबारी की, तो आत्मरक्षा में पुलिस ने उसके पैर में गोली मार दी। एसपी ने बताया कि हत्याकांड में उसके अन्य साथियों के भी शामिल होने की सूचना मिली है। पुलिस उनकी तलाश में जुटी है। उन्होंने कहा कि जल्द ही पूरे मामले का खुलासा कर दिया जाएगा।
पुलिस अधीक्षक अवधेश दीक्षित ने बताया कि 15 अक्टूबर 2026 की सुबह करीब 6 बजे आरा के नवादा थाना क्षेत्र अंतर्गत कनकपुरी मोहल्ले में जैन कॉलेज के पूर्वी गेट के पास कस्टम विभाग के सेवानिवृत्त असिस्टेंट कमिश्नर राम कुमार सिंह की हत्या कर दी गई थी। घटना के बाद नवादा थाना में केस दर्ज किया गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसआईटी का गठन किया गया, जिसका नेतृत्व एसडीपीओ सदर-1 कर रहे थे। इसमें कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भी शामिल थे। पुलिस टीम मृतक के परिजनों की ओर से दिए गए आवेदन और उसमें लगाए गए आरोपों के साथ-साथ हत्या के संभावित कारणों के विभिन्न पहलुओं पर जांच कर रही थी।
एसपी अवधेश दीक्षित ने बताया कि इससे पहले शूटर पिंटू कुमार को भोजपुर के कोईलवर इलाके से पकड़ा गया था। वह इस कांड के मुख्य आरोपी चंदन सिंह का दोस्त है। उसकी निशानदेही पर इसे गिरफ्तार किया गया। पिंटू का आपराधिक इतिहास रहा है। हत्या, हत्या का प्रयास, शराब मामले समेत करीब दस संगीन मामलों का आरोपी है।
दीक्षित ने बताया कि चंदन सिंह समेत अन्य नामजदों ने मिलकर राम कुमार सिंह की हत्या की सुपारी दी थी। पहली किस्त में दो लाख रुपये दिए गए थे, ताकि हत्या के लिए पिस्टल और अन्य जरूरी सामान खरीदे जा सकें। हत्या के लिए करीब सात लाख रुपये की सुपारी दी गई थी। हत्या से पहले सभी आरोपियों ने एक साथ बैठकर हत्या की साजिश रची थी।
एसपी ने बताया कि पिंटू हमेशा हथियार लेकर घूमता था। हत्या के दिन भी उसके पास पिस्टल थी। पिंटू की गिरफ्तारी के बाद उसके घर से एक देशी कट्टा और दो कारतूस भी बरामद किए गए हैं। 14 कट्ठा जमीन में जिन-जिन लोगों की हिस्सेदारी थी, उन सभी लोगों को चिह्नित कर लिया गया है।
एसपी अवधेश दीक्षित ने बताया कि इस मामले में पुलिस ने पहले चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें मनोज कुमार सिंह उर्फ लक्की, चंदन सिंह, अभिषेक कुमार और टीपू शामिल हैं। घटना के तुरंत बाद प्राथमिक अभियुक्त मनोज लक्की को गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद पिछले दो दिनों में की गई छापेमारी के दौरान तीन अन्य आरोपियों को पकड़ा गया। चंदन सिंह, नगर थाना क्षेत्र सिंगही के रहने वाले हैं, जबकि अभिषेक कुमार, बिंद टोली और टीपू, पिता रामाधार सिंह, चंदवा हाउसिंग कॉलोनी के निवासी हैं। चंदन सिंह और अभिषेक को कोलकाता एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया गया, जबकि टीपू को भोजपुर जिले के टाउन इलाके से पकड़ा गया।
एसपी ने बताया कि अब तक के अनुसंधान में हत्या की मुख्य वजह जमीन विवाद सामने आई है। विवादित जमीन भोजपुर जिले के सिंगही में स्थित है। वर्ष 2006 से राम कुमार सिंह की जमीन अपने बेटे के नाम पर थी। वर्ष 2020 में उनके द्वारा जमीन की घेराबंदी भी कराई गई थी।
पुलिस जांच में सामने आया है कि विपक्षी पक्ष ने वर्ष 2025 में इस जमीन की पावर ऑफ अटॉर्नी ली और उसके आधार पर अलग-अलग लोगों के नाम जमीन की रजिस्ट्री कराई। इसके बाद जमीन का म्यूटेशन भी कराया गया। एसपी के मुताबिक, पुलिस इस पहलू की जांच कर रही है कि जब राम कुमार सिंह का लंबे समय से जमीन पर कब्जा था, तब भी संबंधित जमीन की रजिस्ट्री और म्यूटेशन किस आधार पर कराया गया। एसपी अवधेश ने बताया कि पकड़े गए शूटर के आधार पर अन्य शूटरों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है।
–आईएएनएस
ओपी/एएस
(This content is sourced from a syndicated feed and is published as received. Punjab Kesari assumes no responsibility or liability for its accuracy, completeness, or content.)


Download Android App
Download iOS App



