जम्मू-कश्मीर: डोडा में बादल फटने से सड़कें क्षतिग्रस्त, कई गांवों का जिले के दूसरे हिस्सों से संपर्क टूटा

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जम्मू, 2 जुलाई (आईएएनएस)। जम्मू-कश्मीर के डोडा में गुरुवार को बादल फटने से अचानक बाढ़ आ गई। अधिकारियों ने कहा कि बाढ़ की वजह से कई सड़कें क्षतिग्रस्त हुई हैं, जिससे कई गांव जिले के बाकी हिस्सों से कट गए। अधिकारियों ने बताया कि डोडा जिले भलेसा इलाके में कहल जुगेसर के पास बादल फटने की दो घटनाएं हुईं। गनीमत है कि इसमें अभी तक कोई जानहानि की सूचना नहीं है। हालांकि, बादल फटने के कारण आई बाढ़ से कई रास्ते बंद हो गए। सबसे अधिक असर थाथरी-किलहोत्रन रोड पर पड़ा, जहां भारी मात्रा में मलबा जमा होने से सड़क…

जम्मू, 2 जुलाई (आईएएनएस)। जम्मू-कश्मीर के डोडा में गुरुवार को बादल फटने से अचानक बाढ़ आ गई। अधिकारियों ने कहा कि बाढ़ की वजह से कई सड़कें क्षतिग्रस्त हुई हैं, जिससे कई गांव जिले के बाकी हिस्सों से कट गए।

अधिकारियों ने बताया कि डोडा जिले भलेसा इलाके में कहल जुगेसर के पास बादल फटने की दो घटनाएं हुईं। गनीमत है कि इसमें अभी तक कोई जानहानि की सूचना नहीं है।

हालांकि, बादल फटने के कारण आई बाढ़ से कई रास्ते बंद हो गए। सबसे अधिक असर थाथरी-किलहोत्रन रोड पर पड़ा, जहां भारी मात्रा में मलबा जमा होने से सड़क दब गई और ट्रैफिक पूरी तरह ठप हो गया। इस स्थिति में यात्री कई घंटों तक दोनों तरफ फंसे रहे। कोई दूसरा रास्ता न होने के कारण मेडिकल इमरजेंसी की स्थिति में एम्बुलेंस और इमरजेंसी सेवाओं के आवागमन को लेकर चिंता बढ़ गई।

दूरदराज के गांवों को जोड़ने वाली कई संपर्क सड़कें भी क्षतिग्रस्त हो गईं, जिससे भलेसा इलाके के बड़े हिस्से डोडा जिले के बाकी हिस्सों से कट गए। इससे राहत व बहाली के काम में भी मुश्किलें आई हैं।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि कई घंटों तक सड़क साफ करने का काम शुरू नहीं हुआ, जिससे फंसे हुए यात्रियों और स्थानीय निवासियों की मुश्किलें और बढ़ गईं। निवासियों ने कहा कि उचित जल निकासी व्यवस्था और बाढ़ से बचाव के उपायों की बार-बार की गई मांगों पर कोई ध्यान नहीं दिया गया, जिससे भारी बारिश के दौरान यह इलाका और ज़्यादा असुरक्षित हो जाता है।

भटियास इलाके से भी भारी नुकसान की खबर है, जहां बाढ़ का पानी सरकारी अनाज भंडारण डिपो में घुस गया। इस कारण अंदर रखा अनाज खराब हो गया। स्थानीय लोगों का अनुमान है कि बाढ़ के पानी और मलबे में डूबे रहने के कारण सैकड़ों क्विंटल अनाज खराब हो गया।

अधिकारियों ने बताया कि मलबे को हटाने और बंद सड़कों को फिर से खोलने के लिए बहाली टीमें तैनात की गई हैं, जबकि प्रशासन मौसम पर नजर रखे हुए है क्योंकि बारिश का दौर भूस्खलन और अचानक बाढ़ का कारण बन सकता है।

इसी बीच, चिनाब नदी के ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों में भारी बारिश के कारण नदी का जलस्तर खतरे के निशान से लगभग एक मीटर ऊपर पहुंच गया है। इसके मद्देनजर जिला प्रशासन ने हाई अलर्ट जारी किया है और नदी के किनारे रहने वाले लोगों को नदी से दूर रहने और असुरक्षित इलाकों में गैरजरूरी आवाजाही से बचने की सलाह दी है।

–आईएएनएस

डीसीएच/

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