छत्तीसगढ़: बीजापुर के जंगल से ग्रेनेड लॉन्चर के 711 शेल बरामद; तलाशी अभियान जारी

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रायपुर/बीजापुर, 5 नवंबर (आईएएनएस)। माओवाद-विरोधी एक अहम अभियान के तहत, सुरक्षा बलों ने गुरुवार को बीजापुर जिले में केजी हिल्स के पास के एक जंगली इलाके से 711 बैरल ग्रेनेड लॉन्चर (बीजीएल) शेल बरामद किए। हथियारों का यह जखीरा, जिसके बारे में माना जा रहा है कि इसे माओवादी कैडरों ने छिपाया था, फॉरवर्ड ऑपरेटिंग बेस (एफओबी) तडापाला से लगभग 1.5 किलोमीटर उत्तर-पश्चिम में मिला। विश्वसनीय सूत्रों से मिली सटीक और पुख्ता खुफिया जानकारी के आधार पर, बीजापुर जिला पुलिस, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) की एक बटालियन और कोबरा यूनिट की एक संयुक्त टीम ने एक विशेष सर्च ऑपरेशन…

रायपुर/बीजापुर, 5 नवंबर (आईएएनएस)। माओवाद-विरोधी एक अहम अभियान के तहत, सुरक्षा बलों ने गुरुवार को बीजापुर जिले में केजी हिल्स के पास के एक जंगली इलाके से 711 बैरल ग्रेनेड लॉन्चर (बीजीएल) शेल बरामद किए।

हथियारों का यह जखीरा, जिसके बारे में माना जा रहा है कि इसे माओवादी कैडरों ने छिपाया था, फॉरवर्ड ऑपरेटिंग बेस (एफओबी) तडापाला से लगभग 1.5 किलोमीटर उत्तर-पश्चिम में मिला।

विश्वसनीय सूत्रों से मिली सटीक और पुख्ता खुफिया जानकारी के आधार पर, बीजापुर जिला पुलिस, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) की एक बटालियन और कोबरा यूनिट की एक संयुक्त टीम ने एक विशेष सर्च ऑपरेशन चलाया।

यह ऑपरेशन एफओबी तडापाला के आसपास के घने जंगलों में चलाया गया, जो उसूर पुलिस थाना क्षेत्र के अंतर्गत आता है।

इलाके की गहन तलाशी के दौरान, सुरक्षा बलों को केजी हिल्स के पास जंगल में छिपाकर रखे गए बीजीएल (बैरल ग्रेनेड लॉन्चर) शेल का एक बड़ा जखीरा मिला। सुरक्षा और विस्फोटक हैंडलिंग के तय नियमों का सख्ती से पालन करते हुए, सभी 711 शेल को सुरक्षित तरीके से बरामद कर लिया गया और आधिकारिक तौर पर जब्त कर लिया गया, ताकि इनके अचानक फटने का कोई खतरा न रहे।

अधिकारियों ने इसे इस इलाके में माओवादियों की लॉजिस्टिक्स (रसद ​​और हथियारों की आपूर्ति व्यवस्था) के लिए एक बड़ा झटका बताया है। बीजीएल शेल का इस्तेमाल ग्रेनेड दागने के लिए किया जाता है और ये घात लगाकर किए गए हमलों या सुरक्षा शिविरों पर होने वाले हमलों में भारी नुकसान पहुंचा सकते हैं।

यह सफल ऑपरेशन बस्तर क्षेत्र में राज्य पुलिस और केंद्रीय बलों द्वारा खुफिया जानकारी के आधार पर किए जा रहे समन्वित अभियानों की बढ़ती प्रभावशीलता को दर्शाता है।

प्रशासन ने जनता के लिए एक सख्त एडवाइजरी जारी की है, जिसमें स्थानीय निवासियों और आने-जाने वालों से फिलहाल कार्रेगुट्टा और उसके आसपास के पहाड़ी इलाकों में न जाने की अपील की गई है।

इस इलाके में अभी भी गंभीर खतरा बना हुआ है, क्योंकि यहां विद्रोहियों द्वारा छोड़े गए आईडी (इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस) या अन्य विस्फोटक हो सकते हैं। नागरिकों से अपनी सुरक्षा के लिए जंगली इलाकों से दूर रहने को कहा गया है।

सुरक्षा एजेंसियों ने बताया है कि एक पूर्व-नियोजित रणनीति के तहत, आने वाले समय में इस इलाके में व्यवस्थित तरीके से बारूदी सुरंगों और विस्फोटकों को हटाने का अभियान चलाया जाएगा।

जब तक पूरे इलाके को पूरी तरह से सुरक्षित (सैनिटाइज) नहीं कर लिया जाता, तब तक लोगों की आवाजाही पर प्रतिबंध लागू रहेगा। संयुक्त सुरक्षा बल इलाके में पूरी तरह मुस्तैद हैं और माओवादी समूहों द्वारा किसी भी जवाबी कार्रवाई को रोकने के लिए कड़ी निगरानी रख रहे हैं।

गहन जांच के बाद, हथियारों के इस जखीरे के स्रोत और अन्य बरामदगी के बारे में और अधिक जानकारी साझा की जाएगी।

–आईएएनएस

एससीएच

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IANS Agency

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